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MEA: 'हम होर्मुज के संबंध में कई देशों के साथ संपर्क में', खाड़ी में नाविकों को लेकर सरकार ने दिया ये अपडेट
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Wed, 15 Apr 2026 04:27 PM IST
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सार
होर्मुज संकट के बीच भारत सरकार ने बताया कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और अब तक 2337 नाविकों को वापस लाया जा चुका है। विदेश मंत्रालय जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए कई देशों से बातचीत कर रहा है। देश के सभी बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है।
रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने बड़ा बयान दिया है। विदेश मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय ने साफ किया है कि भारतीय नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग देशों से तेल खरीद रहा है। उन्होंने बताया कि भारत 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर फैसले ले रहा है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए कई देशों से बातचीत जारी है।
ये भी पढ़ें- अमेरिकी-ईरान टकराव थमेगा?: संघर्ष-विराम बढ़ाने की कोशिशें तेज, बातचीत की मेज पर फिर लौटे सकते हैं दोनों देश
होर्मुज में फंसे जहाजों पर क्या अपडेट
सरकार ने बताया कि होर्मुज में मौजूद भारतीय जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय कई देशों के साथ संपर्क में है ताकि समुद्री मार्ग सुरक्षित बने और जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके।
सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित
पोत परिवहन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी दी कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।
कितने नाविकों की सुरक्षित वापसी?
सरकार के अनुसार महानिदेशालय शिपिंग के जरिए अब तक 2,337 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इनमें से 75 नाविकों की वापसी पिछले 24 घंटों में हुई है। यह दिखाता है कि सरकार तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।
देश के बंदरगाहों पर स्थिति कैसी?
सरकार ने यह भी साफ किया कि देश के सभी बंदरगाहों पर कामकाज पूरी तरह सामान्य है। कहीं भी किसी तरह की भीड़भाड़ या बाधा की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद भारत की समुद्री व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
ऊर्जा-व्यापार पर कितना असर पड़ेगा?
सरकार का कहना है कि वह ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों से तेल खरीद रही है। इससे देश में ईंधन संकट की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। साथ ही वैश्विक हालात को देखते हुए भारत संतुलित रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है।
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होर्मुज में फंसे जहाजों पर क्या अपडेट
सरकार ने बताया कि होर्मुज में मौजूद भारतीय जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय कई देशों के साथ संपर्क में है ताकि समुद्री मार्ग सुरक्षित बने और जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके।
सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित
पोत परिवहन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी दी कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।
कितने नाविकों की सुरक्षित वापसी?
सरकार के अनुसार महानिदेशालय शिपिंग के जरिए अब तक 2,337 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इनमें से 75 नाविकों की वापसी पिछले 24 घंटों में हुई है। यह दिखाता है कि सरकार तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।
देश के बंदरगाहों पर स्थिति कैसी?
सरकार ने यह भी साफ किया कि देश के सभी बंदरगाहों पर कामकाज पूरी तरह सामान्य है। कहीं भी किसी तरह की भीड़भाड़ या बाधा की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद भारत की समुद्री व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
ऊर्जा-व्यापार पर कितना असर पड़ेगा?
सरकार का कहना है कि वह ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों से तेल खरीद रही है। इससे देश में ईंधन संकट की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। साथ ही वैश्विक हालात को देखते हुए भारत संतुलित रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है।
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