सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   Indias stance on sending warships to Hormuz is clear No discussions held with US also spoke about Indian ships

होर्मुज में युद्धपोत भेजने पर भारत का साफ रुख: MEA ने कहा- अमेरिका से कोई चर्चा नहीं; भारतीय जहाजों पर भी बोले

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Mon, 16 Mar 2026 07:14 PM IST
विज्ञापन
सार

MEA: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोत भेजने को लेकर अमेरिका से कोई द्विपक्षीय चर्चा नहीं हुई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति की अपील कर रहा है। इस बीच दो भारतीय एलपीजी टैंकर सुरक्षित होकर होर्मुज पार कर चुके हैं।

Indias stance on sending warships to Hormuz is clear No discussions held with US also spoke about Indian ships
रणधीर जायसवाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर संकट के बीच भारत ने अपना रुख साफ कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने को लेकर भारत और अमेरिका के बीच कोई द्विपक्षीय चर्चा नहीं हुई है। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की है।
Trending Videos


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि कई देश इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन भारत और अमेरिका के बीच इस विषय पर कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भारत इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और विभिन्न देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। उनका कहना था कि भारत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- LPG Carrier: होर्मुज तनाव के बीच भारत को राहत, भारतीय जहाज शिवालिक 46 हजार टन गैस लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा

ट्रंप ने किन देशों से युद्धपोत भेजने की अपील की?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए कई देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोत भेजने की अपील की थी। उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों का नाम लेते हुए कहा कि इन देशों को इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित और खुला रखने के लिए आगे आना चाहिए। हालांकि ट्रंप की इस अपील के बाद भी किसी देश ने तुरंत युद्धपोत भेजने की घोषणा नहीं की है।

भारतीय जहाजों की आवाजाही को लेकर क्या स्थिति है?
हाल ही में दो भारतीय एलपीजी टैंकर ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित होकर गुजर चुके हैं। इन दोनों जहाजों में कुल करीब 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी था, जो भारत के लिए भेजा गया। बताया गया कि यह संभव तब हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच बातचीत हुई। इसके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच भी संपर्क बना रहा।

भारतीय नौसेना की क्या भूमिका है?
भारत ने अब तक होर्मुज या लाल सागर में बहुराष्ट्रीय नौसैनिक बलों में शामिल होने का फैसला नहीं किया है। हालांकि भारतीय नौसेना अपने झंडे वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए समुद्र में तैनात रहती है। जरूरत पड़ने पर नौसेना भारतीय जहाजों को सुरक्षा देते हुए उनके साथ चलती है और अन्य देशों की नौसेनाओं के साथ समन्वय भी बनाए रखती है।

खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविकों की स्थिति क्या है?
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में फिलहाल 22 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं। इन जहाजों पर कुल 611 भारतीय नाविक तैनात हैं। इनमें एलपीजी टैंकर, एलएनजी जहाज और कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा है कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed