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Army: हिमाचल की पहाड़ियों पर आज से भारत-अमेरिकी सेना का वज्र प्रहार युद्धाभ्यास, बकलोह में 15 मार्च तक चलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: लव गौर
Updated Mon, 23 Feb 2026 04:54 AM IST
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सार
Vajra Prahar 2026: भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास 'वज्र प्रहार' आज से शुरू होने जा रहा है। यह सैन्य अभ्यास का 16वां संस्करण है, जो बकलोह स्थित स्पेशल फोर्स ट्रेनिंग स्कूल में शुरू होगा और 15 मार्च तक चलेगा।
युद्धाभ्यास (फाइल फोटो)
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों को और मजबूती देने के लिए कल, 23 फरवरी से संयुक्त सैन्य अभ्यास वज्र प्रहार का 16वां संस्करण शुरू होने जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित होने वाला यह युद्धाभ्यास 15 मार्च तक चलेगा।
सेना के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करना और संयुक्त परिचालन क्षमता को बढ़ाना है। भारत की ओर से स्पेशल फोर्सेस की टुकड़ी और अमेरिका की ओर से प्रसिद्ध ग्रीन बेरेट्स के कमांडो इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
दोनों पक्षों के लगभग 45-45 जवान वास्तविक युद्ध स्थितियों में कठिन प्रशिक्षण लेंगे। इस दौरान उन्नत विशेष अभियानों की रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: सेना प्रमुख का ऑस्ट्रेलिया दौरा: युद्धाभ्यास 'ऑस्ट्राहिंद' होगा और व्यापक, रक्षा समेत इन मुद्दों पर हुई चर्चा
रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी चुनौतियों पर फोकस
इस साल के अभ्यास का एक प्रमुख लक्ष्य रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी वातावरण में संयुक्त अभियानों को अंजाम देने की क्षमताओं को निखारना है। इससे पहले 2024 में इसका 15वां संस्करण अमेरिका के इडाहो में आयोजित किया गया था, जबकि 2023 में यह मेघालय के उमरोई में हुआ था।
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सेना के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करना और संयुक्त परिचालन क्षमता को बढ़ाना है। भारत की ओर से स्पेशल फोर्सेस की टुकड़ी और अमेरिका की ओर से प्रसिद्ध ग्रीन बेरेट्स के कमांडो इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
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दोनों पक्षों के लगभग 45-45 जवान वास्तविक युद्ध स्थितियों में कठिन प्रशिक्षण लेंगे। इस दौरान उन्नत विशेष अभियानों की रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।
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रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी चुनौतियों पर फोकस
इस साल के अभ्यास का एक प्रमुख लक्ष्य रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी वातावरण में संयुक्त अभियानों को अंजाम देने की क्षमताओं को निखारना है। इससे पहले 2024 में इसका 15वां संस्करण अमेरिका के इडाहो में आयोजित किया गया था, जबकि 2023 में यह मेघालय के उमरोई में हुआ था।