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भारत को मिली एक और सफलता: सेमी-क्रायोजेनिक इंजन टेस्ट में सफल, इसरो प्रमुख बोले- गगनयान मिशन को मिली रफ्तार

Sat, 27 Jun 2026 08:41 PM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, बंगलूरु
आईएएनएस, बंगलूरु Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sat, 27 Jun 2026 08:41 PM IST
सार

इसरो ने गगनयान मिशन की तैयारियों में महत्वपूर्ण प्रगति की जानकारी दी है। लॉन्च व्हीकल की ह्यूमन रेटिंग और सुरक्षा प्रणालियां पूरी हो चुकी हैं तथा पहले मानव मिशन से पहले तीन मानव रहित उड़ानें होंगी। इसी बीच, महेंद्रगिरि में सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का 175 टन थ्रस्ट स्तर पर सफल हॉट टेस्ट भी पूरा हुआ है, जिससे 100 प्रतिशत क्षमता वाले इंजन परीक्षण का रास्ता और मजबूत हो गया है। 
 

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ISRO Chief on successful semi-cryogenic engine test Preparations for Gaganyaan mission accelerated
कौन हैं डॉ. वी. नारायणन? - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गगनयान मिशन की तैयारियों को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने शनिवार को कहा कि गगनयान भारत का अत्याधुनिक और तकनीक-आधारित मिशन है। मिशन के तहत लॉन्च व्हीकल की 'ह्यूमन रेटिंग' और सभी आवश्यक सुरक्षा प्रणालियों का विकास पूरा हो चुका है। अब वास्तविक अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने से पहले तीन मानव रहित (अनक्रूड) मिशन संचालित किए जाएंगे, जिनमें से पहले मिशन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

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मानव मिशन से पहले होंगे तीन बड़े परीक्षण
मीडिया से बातचीत में डॉ. नारायणन ने कहा, 'गगनयान मिशन में किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जा सकता। इसलिए इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने से पहले सभी तकनीकों और सुरक्षा प्रणालियों का कई चरणों में परीक्षण किया जाएगा।' उन्होंने बताया कि पहले मानव रहित मिशन की तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
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सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण बना बड़ी उपलब्धि
उन्होंने हाल ही में सफल हुए सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट को इसरो के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, इस परीक्षण में इंजन के थ्रस्ट चैंबर को छोड़कर लगभग 90 प्रतिशत थ्रस्ट लोड का सफल परीक्षण किया गया, जो भविष्य के पूर्ण इंजन परीक्षणों के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने यह भी बताया कि अब पूर्ण इंजन परीक्षण की तैयारियां जारी हैं। उपग्रह भी लगभग तैयार हैं और उनसे जुड़े कार्यक्रमों की तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।
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महेंद्रगिरि में हुआ 175 टन थ्रस्ट स्तर पर हॉट टेस्ट
इसरो ने शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि 24 जून 2026 को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (आईपीआरसी) में सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट आर्टिकल (पीएचटीए) का 175 टन थ्रस्ट स्तर पर सफल 'हॉट टेस्ट' किया गया। पावर हेड टेस्ट आर्टिकल में इंजन के लगभग सभी प्रमुख सिस्टम शामिल होते हैं, जबकि थ्रस्ट चैंबर इसमें शामिल नहीं होता।

आठवें हॉट टेस्ट में मिली बड़ी सफलता
यह इस परीक्षण शृंखला का आठवां हॉट टेस्ट था। इसका उद्देश्य प्री-बर्नर इग्निशन के बाद इंजन के प्रदर्शन का आकलन करना और अधिक थ्रस्ट स्तर पर उसकी स्थिर कार्यक्षमता को परखना था। इससे पहले 94 टन (47 प्रतिशत) और 120 टन (60 प्रतिशत) थ्रस्ट स्तर पर परीक्षण किए जा चुके थे। पहली बार इंजन को 175 टन यानी लगभग 88 प्रतिशत क्षमता पर सफलतापूर्वक संचालित किया गया। परीक्षण के दौरान मुख्य टर्बोपंप ने 400 और 500 बार आउटलेट प्रेशर पर भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।


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100 प्रतिशत क्षमता वाले परीक्षण की ओर बढ़ा इसरो
इसरो के अनुसार, यह परीक्षण पूरी तरह अपेक्षाओं के अनुरूप रहा और इंजन के सभी तकनीकी मानक निर्धारित स्तर पर दर्ज किए गए। इस सफलता से वैज्ञानिकों का विश्वास और मजबूत हुआ है कि अब 200 टन यानी 100 प्रतिशत क्षमता पर इंजन के परीक्षण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है। यह उपलब्धि स्वदेशी सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के विकास और भारत के भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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