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Space Day: 'अंतरिक्ष दिवस भविष्य में स्पेस सेक्टर में किए जाने वाले कामों की परिकल्पना', इसरो चीफ का बयान
Fri, 23 Aug 2024 01:01 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 23 Aug 2024 01:01 PM IST
सार
एस सोमनाथ ने कहा कि बीते साल हमने सफलतापूर्वक चंद्रयान-3 मिशन को लॉन्च किया था। हमने कभी इसकी कल्पना नहीं की थी कि इसका इतना व्यापक असर होगा।
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इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ
- फोटो : ANI
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विस्तार
पहले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि यह दिन भविष्य में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए जाने वाले कामों की परिकल्पना है। अंतरिक्ष दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक प्रदर्शनी में शिरकत की। इस प्रदर्शनी में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और भारत की उपलब्धियों का प्रदर्शन किया गया।
चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग को इसरो चीफ ने किया याद
इस दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ ने कहा कि 'बीते साल हमने सफलतापूर्वक चंद्रयान-3 मिशन को लॉन्च किया था। हमने कभी इसकी कल्पना नहीं की थी कि इसका इतना व्यापक असर होगा। मिशन के कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री ने कंट्रोल सेंटर का दौरा किया और 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने का एलान किया। साथ ही चंद्रयान-3 की लैंडिंग वाली जगह को शिव-शक्ति पॉइंट का नाम दिया।'
सोमनाथ ने कहा कि आज देशभर के शैक्षिक संस्थानों, विज्ञान संगठनों, एनजीओ आदि में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जा रहा है। इसे लेकर बहुत उत्साह का माहौल है। इसरो चीफ ने कहा कि मैं इसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं कि क्योंकि उन्होंने ही देश में अंतरिक्ष कार्यक्रमों को बनाने प्रेरणा और दूरदृष्टि दी। इसरो चीफ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी अंतरिक्ष संबंधी गतिविधियों में रुचि दिखाने के लिए धन्यवाद दिया।
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चंद्रयान-3 मिशन की सफलता की याद में मनाया जा रहा अंतरिक्ष दिवस
इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा कि 'हम उम्मीद करते हैं कि पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस देश में अंतरिक्ष संबंधी इको-सिस्टम को बनाने में मदद करेगा।' भारत 23 अगस्त, 2024 को अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मना रहा है। 2023 में, इसी दिन, चंद्रयान 3 ने चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर की सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग पूरी की। भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट उतरने वाला पहला देश बना।
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चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग को इसरो चीफ ने किया याद
इस दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ ने कहा कि 'बीते साल हमने सफलतापूर्वक चंद्रयान-3 मिशन को लॉन्च किया था। हमने कभी इसकी कल्पना नहीं की थी कि इसका इतना व्यापक असर होगा। मिशन के कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री ने कंट्रोल सेंटर का दौरा किया और 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने का एलान किया। साथ ही चंद्रयान-3 की लैंडिंग वाली जगह को शिव-शक्ति पॉइंट का नाम दिया।'
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सोमनाथ ने कहा कि आज देशभर के शैक्षिक संस्थानों, विज्ञान संगठनों, एनजीओ आदि में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जा रहा है। इसे लेकर बहुत उत्साह का माहौल है। इसरो चीफ ने कहा कि मैं इसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं कि क्योंकि उन्होंने ही देश में अंतरिक्ष कार्यक्रमों को बनाने प्रेरणा और दूरदृष्टि दी। इसरो चीफ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी अंतरिक्ष संबंधी गतिविधियों में रुचि दिखाने के लिए धन्यवाद दिया।
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चंद्रयान-3 मिशन की सफलता की याद में मनाया जा रहा अंतरिक्ष दिवस
इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा कि 'हम उम्मीद करते हैं कि पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस देश में अंतरिक्ष संबंधी इको-सिस्टम को बनाने में मदद करेगा।' भारत 23 अगस्त, 2024 को अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मना रहा है। 2023 में, इसी दिन, चंद्रयान 3 ने चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर की सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग पूरी की। भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट उतरने वाला पहला देश बना।