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South Korea-India: दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री ह्यून से मिले एस जयशंकर, व्यापार और रक्षा सहयोग पर हुई बात

आईएएनएस, सोल Published by: Asmita Tripathi Updated Wed, 24 Jun 2026 02:31 PM IST
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सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोल में दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रीचो ह्यून से मुलाकात की। उन्होंने व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और संस्कृति समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। 

Jaishankar met South Korean Foreign Minister Hyun; discussions held on trade and defense cooperation.
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री ह्यून और एस जयशंकर - फोटो : आईएएनएस
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विस्तार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को सोल में अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष चो ह्यून से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच जहाज निर्माण, व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, संस्कृति और पी2पी (पीपल-टू-पीपल) क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की।

कई मुद्दे पर हुई चर्चा
दोनों ने स्टार्टअप्स, फिनटेक और बहुपक्षीय मंचों में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की। मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, ‘विदेश मंत्री चो ह्यून से मिलकर अच्छा लगा। हमारी चर्चा हाल ही में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा के परिणामों पर आधारित थी। हमने दोनों देशों के बीच राजनीतिक, जहाज निर्माण, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, संस्कृति और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। इसके साथ ही स्टार्टअप, फिनटेक और बहुपक्षीय मंचों में अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया।'

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कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून ने कहा कि पिछले वर्ष अप्रैल में राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा ने भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में गति दी थी। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश और वित्त जैसे क्षेत्रों में पिछले शिखर सम्मेलन में तय किए गए फैसलों के तेजी से क्रियान्वयन की समीक्षा की और आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

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जल्द राउंडटेबल आयोजित की जाएगी
चो ह्यून ने एक्स पर लिखा, 'इस सप्ताह भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय कोरिया वीक की मेजबानी कर रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें भारतीय बाजार में आने वाली कंपनियों की चुनौतियों के समाधान तलाशने की बात कही गई थी। उन्होंने भारत के समर्थन के लिए आभार जताया और कहा कि जल्द ही कोरिया में भारतीय कंपनियों के लिए भी इसी तरह की राउंडटेबल आयोजित की जाएगी।'

उन्होंने यह भी बताया कि लंच के दौरान उन्होंने और जयशंकर ने वैश्विक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की और पश्चिम एशिया की स्थिति से उत्पन्न आर्थिक प्रभावों पर मिलकर प्रतिक्रिया देने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देश निकट संपर्क बनाए रखेंगे। अपने शुरुआती संबोधन में जयशंकर ने कहा, 'सोल लौटना और अपने समकक्ष से मिलना मेरे लिए खुशी की बात है। यह बैठक समयानुकूल है क्योंकि हाल ही में राष्ट्रपति स्तर की यात्रा हुई है। वहीं,  दुनिया की वर्तमान परिस्थितियों में भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों का महत्व और बढ़ गया है।'

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वह चो ह्यून से न्यूयॉर्क, कुआलालंपुर, वाशिंगटन, जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान मिल चुके हैं। जयशंकर ने कहा कि आज विदेश मंत्रियों की जिम्मेदारी है कि वे इस संबंध को आगे बढ़ाएं और विभिन्न सरकारी और आर्थिक क्षेत्रों के बीच सहयोग को समन्वित करें ताकि एक अधिक आधुनिक और भविष्य उन्मुख साझेदारी विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया समान विचारधारा वाले, साझा मूल्यों वाले और पारस्परिक विश्वास रखने वाले देशों के सहयोग की मांग करती है। वहीं, हालिया उच्च स्तरीय बैठकों ने इस दिशा में मार्गदर्शन दिया है।

 

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