फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   japan former pm shinzo abe wife meet with s jaishankar in delhi strategic relation of both countries

Jaishankar: शिंजो आबे की पत्नी से मिले जयशंकर, बोले- भारत और जापान संबंधों के मार्गदर्शक रहेंगे पूर्व पीएम

Fri, 06 Sep 2024 03:17 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 06 Sep 2024 03:17 PM IST
सार

शिंजो आबे पर जापान के नारा शहर में 8 जुलाई 2022 को उस वक्त जानलेवा हमला हुआ था, जब आबे एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। आबे को गोली मारी गई थी। हमले के बाद आबे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां आबे की मौत हो गई थी।

विज्ञापन
japan former pm shinzo abe wife meet with s jaishankar in delhi strategic relation of both countries
शिंजो आबे की पत्नी के साथ एस जयशंकर - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे की पत्नी से मुलाकात की। शिंजो आबे की पत्नी अकेइ आबे के साथ मुलाकात में जयशंकर ने भारत और जापान की दोस्ती में शिंजो आबे के योगदान को याद किया। जयशंकर ने कहा कि भारत-जापान के रणनीतिक संबंधों के लिए शिंजो आबे हमेशा एक मार्गदर्शक प्रकाश की तरह रहेंगे। 
विज्ञापन


चुनावी रैली के दौरान शिंजो आबे पर हुआ था हमला
शिंजो आबे पर जापान के नारा शहर में 8 जुलाई 2022 को उस वक्त जानलेवा हमला हुआ था, जब आबे एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। आबे को गोली मारी गई थी। हमले के बाद आबे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां आबे की मौत हो गई थी। शिंजो आबे जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेता थे। लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता शिंजो आबे साल 2006-2007 तक जापान के पीएम रहे। इसके बाद वह 2012 में फिर से जापान के प्रधानमंत्री बने और 2020 तक इस पद पर रहे। शिंजो आबे ने स्वास्थ्य कारणों से पीएम पद छोड़ दिया था। 27 सितंबर 2022 को शिंजो आबे के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हुए थे।  
विज्ञापन


भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने में शिंजो आबे की अहम भूमिका रही
गौरतलब है कि शिंजो आबे के नौ साल के कार्यकाल के दौरान भारत और जापान के संबंध बेहद मजबूत हुए। इस दौरान दोनों देशों में रक्षा सहयोग बढ़ा, साथ ही भारत में जापान का रणनीतिक निवेश भी बढ़ा और दोनों देशों के व्यापार में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। चीन की आक्रामकता का जवाब देने के लिए भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की सदस्यता वाले समूह क्वाड का विचार भी शिंजो आबे का ही था। जापान को सैन्य तौर पर मजबूत करने के लिए भी शिंजो आबे को याद किया जाता है। आबे ने ही जापान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की स्थापना की और रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को गति दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed