जोधपुर यूनिवर्सिटी ने पुलिस से की जेएनयू प्रोफेसर की शिकायत
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एक अत्प्रत्याशित घटनाक्रम में राजस्थान के जोधपुर की जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी की ओर से जेएनयू की चर्चित प्रोफेसर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। प्रोफेसर पर आरोप है कि यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कश्मीर और भारतीय सेना के खिलाफ विवादित बयान दिया है।
इस मुद्दे पर एबीवीपी के विरोध प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वहीं प्रोफेसर ने आरोपों से इंकार करते हुए मुद्दे को अनावश्यक तूल देने का आरोप लगाया है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार जेएनयू की प्रोफेसर निवेदिता मेनन के खिलाफ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर आरपी सिंह ने बताया कि मेनन ने बयान दिया था कि कश्मीर कभी भारत का अभिन्न हिस्सा नहीं रहा है और वहां तैनात जवान भी देश सेवा के लिए नहीं रोजी रोटी के लिए काम कर रहे हैं। वहीं मेनन ने आरोपों को अनावश्यक विवाद बताते हुए कहा कि अफवाहों के आधार पर इस मुद्दे को जबरन तूल दे दिया गया।
जोधपुर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने दर्ज कराई शिकायत
वहीं इस मुद्दे पर जोधपुर के पुलिस कमिश्नर अशोक राठौर ने बताया कि यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने घटनाक्रम को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। हम मामले की जांच कर रहे हैं जिसके बाद तय करेंगे की मामले में एफआईआर दर्ज की जाए या नहीं।
जेएनयू में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की प्रोफेसर निवेदिता मेनन को जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी के इंग्लिश विभाग की ओर से गुरुवार को एक लेक्चर के लिए आमंत्रित किया गया था। वीसी आरपी सिंह ने बताया कि इसी दौरान प्रोफेसर मेनन ने कई विवादित बयान दिए। कश्मीर पर उन्होंने कहा कि यह कभी भारत का अभिन्न अंग नहीं रहा, और भारत को सियाचिन पर भी अब अपना दावा छोड़ देना चाहिए। इसके अलावा भारतीय सेना के जवानों पर भी मेनन ने आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा वो केवल अपनी रोजी रोटी के लिए वहां टिके हुए हैं देश सेवा के लिए नहीं।
वहीं प्राफेसर मेनन का कहना है कि सारे विवाद को एक पूर्व प्रोफेसर के द्वारा हवा दी जा रही है जो आरएसएस समर्थक है। मैंने कभी कश्मीर को भारत का विवादित हिस्सा नहीं बताया। वहीं सैनिकों के संबंध में मेरा कहना था कि जवान अपनी आजीविका के लिए भी सेना में नौकरी करते हैं और अगर हम उनसे प्यार करते हैं तो उनके साथ खराब व्यवहार क्यों किया जाता है।