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कोलकाता भगदड़ की होगी न्यायिक जांच: रिटायर जज करेंगे आयोग की अगुवाई, कैमरों की फुटेज क्यों खंगाल रही पुलिस?
Tue, 20 Oct 2026 03:25 PM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Tue, 20 Oct 2026 03:25 PM IST
सार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने चोरबागान भगदड़ की जांच के लिए रिटायर्ड जज की अगुवाई में आयोग बनाने का निर्देश दिया है, जबकि पुलिस अफवाह फैलाने वाले की तलाश और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
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कलकत्ता हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जांच आयोग बनाने का निर्देश दिया है। आयोग की अगुवाई हाई कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को सौंपी जाएगी। वहीं, कोलकाता पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने कथित तौर पर पंडाल का एक हिस्सा गिरने की अफवाह फैलाई थी।
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रिटायर्ड जज की अगुवाई में बनेगा जांच आयोग
कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि चोरबागान भगदड़ की जांच के लिए हाईकोर्ट के किसी रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में आयोग बनाया जाए। 17 अक्टूबर को दुर्गा पूजा पंडाल में हुई इस घटना में 19 लोगों की जान चली गई थी। मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, हाई कोर्ट के किसी मौजूदा जज को जांच आयोग का प्रमुख नहीं बनाया जा सकता। राज्य सरकार ने जांच की अगुवाई हाईकोर्ट के मौजूदा जज से कराने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आयोग की कमान किसी रिटायर्ड जज को सौंपी जा सकती है।
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भगदड़ की वजह और जिम्मेदार लोगों का पता लगाएगा आयोग
हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे रिटायर्ड जज को आयोग का प्रमुख बना सकती है, जो घटना के पीछे की वजहों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करे। आयोग का मकसद यह पता लगाना होगा कि आखिर पंडाल में हालात कैसे बिगड़े और इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार था। इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि घटना की जांच के लिए गठित की जाने वाली विशेष जांच टीम की अगुवाई हाईकोर्ट का कोई मौजूदा जज करेगा।
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जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया निर्देश
दुर्गा पूजा के दौरान नवमी के दिन हाईकोर्ट की विशेष अवकाश पीठ एक वकील की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में दुर्गा पूजा के पहले दिन, यानी सप्तमी को हुई भगदड़ की स्वतंत्र और जल्द जांच कराने की मांग की गई थी।
अफवाह फैलाने वाले की तलाश में पुलिस
दूसरी ओर, कोलकाता पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने कथित तौर पर लोगों के बीच यह अफवाह फैलाई कि चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल का एक हिस्सा गिर रहा है। पुलिस के मुताबिक, इस बात से वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस को इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है कि पंडाल का कोई हिस्सा गिरने वाला था। शनिवार शाम उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई थी और 25 लोग घायल हुए थे।
30 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि जांचकर्ता घटनाओं का पूरा क्रम समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। पूरे परिसर में 30 कैमरे लगे हैं, जिनमें से 13 कैमरों की फुटेज उस जगह की है, जहां भगदड़ हुई थी। अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती विश्लेषण से पता चला है कि बारिश के कारण बाहर निकलने का रास्ता जाम हो गया था। वहीं, पंडाल के अंदर भारी भीड़ होने के बावजूद अंदर आने का रास्ता खुला था। पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि भीड़ किस दिशा में बढ़ी और हालात किस तरह बेकाबू हुए।
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बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के बावजूद प्रवेश क्यों जारी रहा?
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जब बाहर निकलने के रास्ते पर भीड़ जमा हो गई थी, तब भी लोगों को पंडाल में अंदर आने की अनुमति क्यों दी जा रही थी। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज से भीड़ की आवाजाही और भगदड़ शुरू होने से पहले के हालात की तस्वीर साफ हो सकेगी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि पंडाल का हिस्सा गिरने की घोषणा किसने की और उसने ऐसा क्यों किया। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला है। जांच में अब अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति की पहचान करने और घटना के पीछे की पूरी वजह जानने पर ध्यान दिया जा रहा है।