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Defence: दुश्मन के ठिकाने ढूंढ़कर तबाह करेंगे कामिकेज ड्रोन; भारतीय कंपनी और यूरोपीय रक्षा दिग्गज के बीच करार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/पेरिस
Published by: Pavan
Updated Fri, 19 Jun 2026 05:54 AM IST
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सार
भारतीय रक्षा कंपनी एसएमपीपी और यूरोपीय कंपनी केएनडीएस ने उन्नत लॉइटरिंग म्यूनिशन्स (घातक ड्रोन) के निर्माण के लिए तकनीक हस्तांतरण समझौता किया है। भारत में बनने वाले ये ड्रोन खोजो-और-नष्ट करो क्षमता, सटीक हमला, लंबी दूरी की मारक क्षमता और दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदने जैसी खूबियों से लैस होंगे।
भारत में तैयार होंगे लॉइटरिंग म्यूनिशन्स
- फोटो : ANI
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विस्तार
घरेलू रक्षा निर्माता कंपनी एसएमपीपी ने यूरोपीय रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी केएनडीएस के साथ उन्नत लॉइटरिंग म्यूनिशन्स यानी मंडराने वाले घातक ड्रोन बनाने के लिए एक तकनीक हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता गुरुवार को पेरिस में आयोजित यूरोसैटरी रक्षा प्रदर्शनी के दौरान किया गया। कंपनी ने बताया कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारत में घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना और सेना की परिचालन जरूरतें पूरी करना है।
यह भी पढ़ें- डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय: भारत के पहले टेस्ट-ट्यूब बेबी के जनक जीवनकाल में सम्मान न मिला, मरणोपरांत मिली पहचान
भारतीय सेना के लिए अहम समझौता
यह समझौता सेना के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यह आधुनिक सटीक-हमला प्रणालियां सेना की आपातकालीन आवश्यकता पूरा करेंगी। इनसे बड़े खतरों को सटीक रूप से बेअसर किया जा सकेगा। इस साझेदारी के तहत बनने वाले सिस्टम सर्च-एंड-डेस्ट्रॉय यानी खोजो और नष्ट करो क्षमता से लैस होंगे। इनमें फायर-एंड-फॉरगेट क्षमता के साथ-साथ सैटेलाइट और ऑनबोर्ड नेविगेशन सिस्टम का मेल भी होगा।
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क्या है SMPP?
एसएमपीपी एक प्रमुख भारतीय रक्षा और एयरोस्पेस निर्माता है, जो बैलिस्टिक सुरक्षा उपकरण, गोला-बारूद, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन तकनीक और सटीक हमला करने वाली प्रणालियों का निर्माण करती है। वहीं, केएनडीएस लैंड वॉरफेयर से जुड़े हथियार बनाने वाली यूरोप की बड़ी कंपनियों में से एक है। यह दुनिया भर की सेनाओं को बख्तरबंद वाहन, तोपखाना प्रणाली, गोला-बारूद और युद्ध तकनीक की आपूर्ति करती है।
लंबी दूरी के लक्ष्य को तबाह करने में हैं सक्षम
यह ड्रोन आकार में बेहद छोटे से लेकर बड़े भी हो सकते हैं। यह लंबी दूरी तय कर भारी सुरक्षा वाले ठिकानों को तबाह कर सकते हैं। इनमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सेंसर लगे होते हैं, जो दुश्मन के वाहनों, कमांड पोस्ट, रडार, आर्टिलरी और सैनिकों की स्थिति की सटीक पहचान कर लेते हैं।
यह भी पढ़ें- जून का महीना उद्धव के लिए फिर बना संकट: सांसदों के बाद विधायकों पर निगाहें, ऑपरेशन टाइगर-2 शुरू होने का खतरा
दुश्मन के एयर डिफेंस को आसानी से भेद सकता है
यह ड्रोन मानवयुक्त विमानों या महंगी लंबी दूरी की मिसाइलों की तुलना में काफी सस्ते होते हैं। इससे पायलटों या महंगे सैन्य प्लेटफॉर्मों को जोखिम में डाले बिना दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदा जा सकता है।
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भारतीय सेना के लिए अहम समझौता
यह समझौता सेना के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यह आधुनिक सटीक-हमला प्रणालियां सेना की आपातकालीन आवश्यकता पूरा करेंगी। इनसे बड़े खतरों को सटीक रूप से बेअसर किया जा सकेगा। इस साझेदारी के तहत बनने वाले सिस्टम सर्च-एंड-डेस्ट्रॉय यानी खोजो और नष्ट करो क्षमता से लैस होंगे। इनमें फायर-एंड-फॉरगेट क्षमता के साथ-साथ सैटेलाइट और ऑनबोर्ड नेविगेशन सिस्टम का मेल भी होगा।
क्या है SMPP?
एसएमपीपी एक प्रमुख भारतीय रक्षा और एयरोस्पेस निर्माता है, जो बैलिस्टिक सुरक्षा उपकरण, गोला-बारूद, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन तकनीक और सटीक हमला करने वाली प्रणालियों का निर्माण करती है। वहीं, केएनडीएस लैंड वॉरफेयर से जुड़े हथियार बनाने वाली यूरोप की बड़ी कंपनियों में से एक है। यह दुनिया भर की सेनाओं को बख्तरबंद वाहन, तोपखाना प्रणाली, गोला-बारूद और युद्ध तकनीक की आपूर्ति करती है।
लंबी दूरी के लक्ष्य को तबाह करने में हैं सक्षम
यह ड्रोन आकार में बेहद छोटे से लेकर बड़े भी हो सकते हैं। यह लंबी दूरी तय कर भारी सुरक्षा वाले ठिकानों को तबाह कर सकते हैं। इनमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सेंसर लगे होते हैं, जो दुश्मन के वाहनों, कमांड पोस्ट, रडार, आर्टिलरी और सैनिकों की स्थिति की सटीक पहचान कर लेते हैं।
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दुश्मन के एयर डिफेंस को आसानी से भेद सकता है
यह ड्रोन मानवयुक्त विमानों या महंगी लंबी दूरी की मिसाइलों की तुलना में काफी सस्ते होते हैं। इससे पायलटों या महंगे सैन्य प्लेटफॉर्मों को जोखिम में डाले बिना दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदा जा सकता है।