{"_id":"6593be486429b0e6c80a6502","slug":"karti-chidambaram-appears-before-ed-again-in-chinese-visa-money-laundering-case-2024-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"ED: ईडी दफ्तर पहुंचे कार्ति चिदंबरम, चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ED: ईडी दफ्तर पहुंचे कार्ति चिदंबरम, चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ
Tue, 02 Jan 2024 01:16 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 02 Jan 2024 01:16 PM IST
सार
सूत्रों के अनुसार साल 2011 में चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम को बुलाया गया है।
विज्ञापन
Karti Chidambaram
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंचे। सूत्रों के अनुसार साल 2011 में चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया गया है।
तमिलनाडु के शिवगंगा लोकसभा सीट के विधायक 52 वर्षीय कार्ति चिदंबरम को इस मामले में आखिरी बार पिछले साल 23 दिसंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। केंद्रीय एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत उनका बयान दर्ज किया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो की एफआईआर के अनुसार, यह मामला वेदांत ग्रुप कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएलपीएल) के एक शीर्ष अधिकारी द्वारा कार्ति और उनके सहयोगियों को रिश्वत के तौर पर 50 लाख रुपये देने का है। दरअसल, यह कंपनी पंजाब में पावर प्लांट लगाने वाली थी।
चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने के लिए हुआ रुपयों का आदान-प्रदान
सीबीआई के अनुसार, पावर प्रोजेक्ट का काम चीनी कंपनी द्वारा किया जा रहा था, लेकिन काम निर्धारित समय से पीछे चल रहा था। टीएसपीएल के एक कार्यकारी ने 263 चीनी श्रमिकों के लिए प्रोजेक्ट वीजा फिर से जारी करने की मांग की थी, जिसके लिए 50 लाख रुपये का आदान प्रदान किया गया था।
सीबीआई ने पिछले साल चिदंबरम परिवार के ठिकानों पर छापेमारी की थी और इस दौरान उन्होंने भास्कररमन को गिरफ्तार किया था। कार्ति चिदंबरम से भी पूछताछ की गई थी। कार्ति ने बताया कि उन्होंने पहले ही एजेंसी को दस्तावेज दिखा चुके हैं। कांग्रेस सांसद ने इस मामले को झूठा बताते हुए कहा कि 250 चीनी नागरिकों के अलावा उन्होंने किसी भी चीनी नागरिक की वीजा प्रक्रिया में मदद नहीं की है।
कार्ति चिदंबरम ने कहा कि इस मामले के जरिए उनके पिता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम को निशाना बनाया जा रहा है। आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस मामलों के अलावा कार्ति के ऊपर यह तीसरा मामला है, जिसकी ईडी जांच कर रही है।
विज्ञापन
तमिलनाडु के शिवगंगा लोकसभा सीट के विधायक 52 वर्षीय कार्ति चिदंबरम को इस मामले में आखिरी बार पिछले साल 23 दिसंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। केंद्रीय एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत उनका बयान दर्ज किया था।
विज्ञापन
#WATCH | Delhi: Congress MP Karti Chidambaram appears before the ED, in connection with an alleged money laundering case, says, "As elections are nearby, these are all routine affairs. And there's nothing much about it. I've done this before. I'm just doing this again. It's a… pic.twitter.com/6NrJ72H2ps
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 2, 2024
केंद्रीय जांच ब्यूरो की एफआईआर के अनुसार, यह मामला वेदांत ग्रुप कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएलपीएल) के एक शीर्ष अधिकारी द्वारा कार्ति और उनके सहयोगियों को रिश्वत के तौर पर 50 लाख रुपये देने का है। दरअसल, यह कंपनी पंजाब में पावर प्लांट लगाने वाली थी।
चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने के लिए हुआ रुपयों का आदान-प्रदान
सीबीआई के अनुसार, पावर प्रोजेक्ट का काम चीनी कंपनी द्वारा किया जा रहा था, लेकिन काम निर्धारित समय से पीछे चल रहा था। टीएसपीएल के एक कार्यकारी ने 263 चीनी श्रमिकों के लिए प्रोजेक्ट वीजा फिर से जारी करने की मांग की थी, जिसके लिए 50 लाख रुपये का आदान प्रदान किया गया था।
सीबीआई ने पिछले साल चिदंबरम परिवार के ठिकानों पर छापेमारी की थी और इस दौरान उन्होंने भास्कररमन को गिरफ्तार किया था। कार्ति चिदंबरम से भी पूछताछ की गई थी। कार्ति ने बताया कि उन्होंने पहले ही एजेंसी को दस्तावेज दिखा चुके हैं। कांग्रेस सांसद ने इस मामले को झूठा बताते हुए कहा कि 250 चीनी नागरिकों के अलावा उन्होंने किसी भी चीनी नागरिक की वीजा प्रक्रिया में मदद नहीं की है।
कार्ति चिदंबरम ने कहा कि इस मामले के जरिए उनके पिता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम को निशाना बनाया जा रहा है। आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस मामलों के अलावा कार्ति के ऊपर यह तीसरा मामला है, जिसकी ईडी जांच कर रही है।