केरल: राज्य में नहीं लागू होगा एनपीआर, जनगणना में दिया जाएगा पूरा सहयोग
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के बाद राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के बीच तल्खियां बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली केरल सरकार ने साफ कहा है कि वह एनपीआर को अपने राज्य में लागू नहीं करेगी। वहीं ममता बनर्जी ने सभी राज्यों से अपील की है कि वे एनपीआर लागू करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ लें।
केरल में नहीं लागू होगा एनपीआर: पिनराई विजयन
केरल कैबिनेट ने जनगणना रजिस्ट्रार जनरल को सूचित किया है कि राज्य में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लागू नहीं किया जा सकता। हालांकि जनगणना 2021 के लिए राज्य पूरा सहयोग करेगा। राज्य सरकार लगातार कहती रही है कि वह अपने यहां एनपीआर या एनआरसी को लागू नहीं करेगी।
एनपीआर लागू करने से पहले ध्यान से पढ़ें
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं सभी पूर्वोत्तर राज्यों और विपक्ष शासित राज्यों की सरकारों से अपील करती हूं कि एनपीआर को लागू करने के लिए कोई भी निर्णय लेने से पहले राज्य सरकारें इसका सावधानीपूर्वक अध्ययन कर लें। मैं सभी राज्यों से अपील करती हूं कि वह सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित करें।'
West Bengal CM Mamata Banerjee: I appeal to governments of all northeastern states and opposition ruled states that before taking any decision on conducting NPR, the state governments should study it carefully carefully. I appeal to all states to pass resolution against CAA. pic.twitter.com/MPNDzq92Ni
— ANI (@ANI) January 20, 2020