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केतन हत्याकांड: 10 घंटों के लिए गायब हो गया था चेतन, पुलिस को गुमराह करने के लिए रचा गजब खेल; ऐसे हुआ खुलासा
Sun, 28 Jun 2026 08:20 PM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 28 Jun 2026 08:20 PM IST
सार
केतन हत्याकांड की जांच में पुलिस को मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के करीब 10 घंटे तक इंटरनेट बंद रखने का पैटर्न अहम सुराग के रूप में मिला है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कदम डिजिटल निगरानी से बचने और गतिविधियां छिपाने के लिए उठाया गया था। पुलिस के अनुसार, इसी असामान्य अंतराल से घटनाक्रम की समय-रेखा तैयार करने में मदद मिली।
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केतन हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच के दौरान एक कथित 10 घंटे की 'ऑफलाइन रणनीति' पुलिस के लिए अहम सुराग बनकर सामने आई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके और डिजिटल निगरानी से बचा जा सके।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी चेतन चौधरी घटना वाले दिन करीब 640 मिनट तक मोबाइल इंटरनेट से पूरी तरह अलग रहा। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह लंबा ऑफलाइन समय जानबूझकर रखा गया था, ताकि उसकी डिजिटल लोकेशन और गतिविधियों का पता न चल सके। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इसी असामान्य अंतराल ने घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में मदद की।
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क्या थी 10 घंटे 'अदृश्य' होने की रणनीति?
रविवार को केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल को लोहागढ़ किले ले जाया गया, जहां पुलिस ने कथित हत्या की पूरी घटना का पुनर्निर्माण किया। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने कहा, "पुलिस ने घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला का पुनर्निर्माण किया। इसमें आरोपियों द्वारा अपनाया गया रास्ता, घटनास्थल पर उनकी स्थिति, कथित तौर पर की गई गतिविधियां और घटना किस तरह हुई, इन सभी पहलुओं को दोबारा समझा गया।"
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पुलिस उपाधीक्षक गजानन तोम्पे ने बताया कि घटनास्थल का पुनर्निर्माण करने के लिए पुलिस ने केतन अग्रवाल के बराबर वजन वाला एक डमी भी तैयार किया था। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल के माता-पिता और भाई से भी लंबी पूछताछ की। सिया के पिता प्रवीण गोयल, मां पूजा गोयल और भाई साहिल सुबह करीब 11 बजे लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और लगभग 12 घंटे बाद वहां से निकले। इससे पहले शुक्रवार को साहिल गोयल से भी पुलिस ने 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।
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पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी चेतन चौधरी घटना वाले दिन करीब 640 मिनट तक मोबाइल इंटरनेट से पूरी तरह अलग रहा। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह लंबा ऑफलाइन समय जानबूझकर रखा गया था, ताकि उसकी डिजिटल लोकेशन और गतिविधियों का पता न चल सके। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इसी असामान्य अंतराल ने घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में मदद की।
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क्या थी 10 घंटे 'अदृश्य' होने की रणनीति?
- सुबह 7 बजे: जांचकर्ताओं के मुताबिक, 18 जून की सुबह करीब सात बजे चेतन चौधरी ने अपने मोबाइल का इंटरनेट बंद कर दिया। आरोप है कि उसने अपनी डिजिटल मौजूदगी छिपाने के लिए अन्य कदम भी उठाए।
- दोपहर: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान चौधरी कथित तौर पर "डिजिटल स्टेल्थ" मोड में रहा। पुलिस का दावा है कि उसने सीमित बातचीत के लिए एक कर्मचारी का मोबाइल फोन इस्तेमाल किया और लोहागढ़ किले की ओर बढ़ता रहा।
- दोपहर 2 बजे: पुलिस का आरोप है कि करीब 33 डिग्री सेल्सियस तापमान होने के बावजूद चौधरी ने पहचान छिपाने के लिए मोटी सर्दियों वाली हुडी पहन रखी थी। जांच के अनुसार, वह किले के रास्ते पर केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल का पीछा कर रहा था।
- दोपहर 2:30 बजे: पुलिस के मुताबिक, विंचू काटा रिज के पास एक सुनसान स्थान पर सिया गोयल कथित तौर पर पहले से तय संकेत के तहत बैठ गईं। इसके बाद चौधरी छिपने की जगह से बाहर आया और कथित तौर पर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
- शाम 5:40 बजे: पुलिस का कहना है कि कई घंटे तक ऑफलाइन रहने के बाद चौधरी ने दोबारा इंटरनेट चालू किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इंटरनेट से अचानक दोबारा जुड़ना असामान्य था और इसी आधार पर घटना की समय-सीमा तय करने में मदद मिली।
रविवार को केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल को लोहागढ़ किले ले जाया गया, जहां पुलिस ने कथित हत्या की पूरी घटना का पुनर्निर्माण किया। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने कहा, "पुलिस ने घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला का पुनर्निर्माण किया। इसमें आरोपियों द्वारा अपनाया गया रास्ता, घटनास्थल पर उनकी स्थिति, कथित तौर पर की गई गतिविधियां और घटना किस तरह हुई, इन सभी पहलुओं को दोबारा समझा गया।"
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पुलिस उपाधीक्षक गजानन तोम्पे ने बताया कि घटनास्थल का पुनर्निर्माण करने के लिए पुलिस ने केतन अग्रवाल के बराबर वजन वाला एक डमी भी तैयार किया था। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल के माता-पिता और भाई से भी लंबी पूछताछ की। सिया के पिता प्रवीण गोयल, मां पूजा गोयल और भाई साहिल सुबह करीब 11 बजे लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और लगभग 12 घंटे बाद वहां से निकले। इससे पहले शुक्रवार को साहिल गोयल से भी पुलिस ने 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।