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Hindi News ›   India News ›   How Much Will Your Salary Rise Under the 8th Pay Commission? A Complete Guide to Fitment Factor, DA, and Arrea

Explainer: 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद कितनी होगी सैलरी? जानें फिटमेंट फैक्टर, DA-एरियर का पूरा हिसाब

Mon, 29 Jun 2026 07:39 PM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: रिया दुबे Updated Mon, 29 Jun 2026 07:39 PM IST
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सार
8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग को लेकर अभी फिटमेंट फैक्टर, नई वेतन संरचना और डीए बढ़ोतरी पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। हालांकि कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों के अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों के लिए यह समझना जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता (डीए) और एरियर कैसे तय होते हैं और आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद इनका उनकी सैलरी पर कितना असर पड़ सकता है।
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How Much Will Your Salary Rise Under the 8th Pay Commission? A Complete Guide to Fitment Factor, DA, and Arrea
आठवां वेतन आयोग - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर अपनी नई सैलरी का इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर है, क्योंकि इन्हीं दोनों का वेतन बढ़ोतरी पर सबसे अधिक असर पड़ता है। हालांकि अब तक आयोग ने फिटमेंट फैक्टर, नई वेतन संरचना या डीए बढ़ोतरी पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है, लेकिन अलग-अलग कर्मचारी संगठन और विशेषज्ञ अपने-अपने अनुमान लगा रहे हैं। कहीं 2.10 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा है तो कहीं 2.57 या उससे अधिक की मांग उठ रही है। 


ऐसे में सवाल है कि इन संभावनाओं का आधार क्या है, फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ता कैसे तय होते हैं? इनका क्या मतलब है? ये कैसे आपके वेतन पर असर डाल सकते हैं और वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद केंद्रीय कर्मियों के वेतन पर क्या असर पड़ेगा? आइए आसान भाषा में समझते हैं।

वेतन आयोग के सदस्य
वेतन आयोग के सदस्य - फोटो : अमर उजाला

सरकार ने कब दी थी मंजूरी?

  • आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया की शुरुआत पिछले साल हुई थी।
  • 16 जनवरी 2025 को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है।
  • इसके साथ ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो गई।  
  • सरकार के इस फैसले का लाभ लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारकों को  मिलेगा। 

आयोग का गठन कब हुआ इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसके अध्यक्ष कौन हैं?

केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का आधिकारिक गठन किया है। आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई हैं। आयोग में प्रो. पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य (पार्ट-टाइम मेंबर) बनाया गया है, जबकि पंकज जैन सदस्य-सचिव (मेंबर-सेक्रेटरी) की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

सरकार ने आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। फिलहाल आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, विभागों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है। इसलिए अभी तक सरकार ने न तो फिटमेंट फैक्टर तय किया है और न ही नई वेतन संरचना या लागू होने की तारीख का एलान किया है।

वेतन आयोग से क्या की गई मांगें?
वेतन आयोग से क्या की गई मांगें? - फोटो : अमर उजाला

क्या है फिटमेंट फैक्टर और इसका सीधा गणित?

  • फिटमेंट फैक्टर एक तय नंबर (गुणांक) होता है, जिसे कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी (मूल वेतन) से गुणा किया जाता है। 
  • उदाहरण के लिए, सातवें वेतन आयोग में इसे 2.57 तय किया गया था, जिससे कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से सीधे बढ़कर ₹18,000 हो गई थी।
सरल भाषा में समझें तो, नई बेसिक सैलरी = पुरानी बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर, यानी अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है तो
  • फिटमेंट फैक्टर 2.10 होने पर नई बेसिक 37,800 रुपये होगी।
  • 2.57 होने पर नई बेसिक 46,260 रुपये होगी।
  • 2.86 होने पर नई बेसिक 51,480 रुपये होगी।
यानी फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी भी उतनी ही ज्यादा होगी।

फिटमेंट फैक्टर कौन तय करता है?

फिटमेंट फैक्टर का फैसला वेतन आयोग अपनी सिफारिशों में करता है। इसके लिए कई पहलुओं पर विचार किया जाता है, जैसे
  • महंगाई की स्थिति
  • कर्मचारियों का जीवन-यापन खर्च
  • सरकार की आर्थिक स्थिति
  • देश की अर्थव्यवस्था
  • कर्मचारी संगठनों की मांग
  • न्यूनतम वेतन और वेतन विसंगतियां
इसी वजह से कर्मचारी संगठन 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, जबकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह 2.10 से 2.57 के बीच रह सकता है। हालांकि अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

2.10 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा क्यों हो रही है?

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉई फेडरेशन (AINPSEF) के विशेषज्ञों ने 2.10 फिटमेंट फैक्टर का अनुमान लगाया है। उनका तर्क है कि अगर वर्तमान बेसिक वेतन के साथ 58 प्रतिशत डीए, एचआरए और ट्रांसपोर्ट अलाउंस को जोड़कर गणना की जाए तो फिटमेंट फैक्टर लगभग 2.06 निकलता है, राउंड फिगर में 2.10 माना जा सकता है। हालांकि यह केवल एक अनुमान है। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

क्या सिर्फ फिटमेंट फैक्टर से सैलरी तय होती है?

नहीं। किसी कर्मचारी की कुल सैलरी में कई हिस्से शामिल होते हैं-

  • बेसिक पे
  • महंगाई भत्ता (डीए)
  • मकान किराया भत्ता (एचआरए)
  • ट्रांसपोर्ट अलाउंस
  • अन्य भत्ते

इसलिए केवल फिटमेंट फैक्टर देखकर कुल वेतन का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। एक आसान उदाहरण से इसे समझिए। मान लीजिए किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। अगर 2.10 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो उसकी नई बेसिक सैलरी  37,800 रुपये हो जाएगी। इसके बाद नई बेसिक के आधार पर एचआरए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और भविष्य का डीए जोड़ा जाएगा। कुछ विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक ऐसे कर्मचारी की कुल मासिक सैलरी लगभग 61 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि यह केवल अनुमान है।

महंगाई के आंकड़े
महंगाई के आंकड़े - फोटो : अमर उजाला

डीए क्या होता है?

डीए यानी महंगाई भत्ता। यह कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए दिया जाता है ताकि रोजमर्रा की बढ़ती लागत का असर उनकी आय पर कम पड़े।

डीए कितनी बार बढ़ता है?

  • केंद्र सरकार साल में दो बार डीए बढ़ाती है
  • जनवरी से लागू होने वाला डीए
  • जुलाई से लागू होने वाला डीए

हालांकि इसकी घोषणा कुछ समय बाद भी हो सकती है, लेकिन भुगतान एरियर के साथ किया जाता है।

अभी कितना महंगाई भत्ता मिल रहा है?

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। जुलाई 2026 के डीए संशोधन को लेकर चर्चा तेज है। महंगाई और उपभोक्ता मुल्य सूचकांक के रुझानों के आधार पर दो से तीन प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार ही करेगी।

महंगाई भत्ता तय कैसे होता है?

डीए का फैसला कर्मचारियों के लिए औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के 12 महीने के औसत के आधार पर किया जाता है। अगर महंगाई बढ़ती है तो डीए भी बढ़ता है। अगर महंगाई कम रहती है तो डीए में बढ़ोतरी भी सीमित हो सकती है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित भारत की खुदरा मुद्रास्फीति मई 2026 में बढ़कर 3.93% (अस्थायी)हो गई , जो अप्रैल में 3.48% थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण हुई, जिससे मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 4.0% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से मामूली रूप से नीचे आ गई।

डीए
डीए - फोटो : Amar Ujala

एरियर की गणना किस प्रकार की जाएगी?

एरियर की गणना संशोधित वेतन और पुराने वेतन के अंतर के आधार पर की जाती है। इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है: यदि किसी कर्मचारी का वेतन 50,000 रुपये से बढ़कर 55,000 रुपये हो जाता है, तो मासिक एरियर 5,000 रुपये होगा। यदि आयोग मई 2027 में लागू होता है, तो जनवरी 2026 से अप्रैल 2027 तक के 15 महीनों का एरियर (5,000 x 15) कुल 75,000 रुपये बनेगा, जिसका भुगतान एकमुश्त किया जाएगा।

फिलहाल 8वें वेतन आयोग की स्थिति क्या है?

आयोग अभी परामर्श के दौर में है। विभिन्न राज्यों और कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें चल रही हैं। आयोग अभी सुझाव जुटा रहा है।

  • अब तक फिटमेंट फैक्टर तय नहीं हुआ है।
  • नई वेतन मैट्रिक्स जारी नहीं हुई है।
  • नई पेंशन व्यवस्था पर फैसला नहीं हुआ है।
  • लागू होने की तारीख घोषित नहीं हुई है।
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