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सिया ने चेतन से पहले ही कर ली थी शादी?: केतन हत्याकांड में खुलासा, विवाह पंजीकरण के दावे की पुलिस कर रही जांच
Tue, 07 Jul 2026 05:20 PM IST
Pavan
आईएएनएस, पुणे
आईएएनएस, पुणे
Published by: Pavan
Updated Tue, 07 Jul 2026 05:20 PM IST
सार
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब दावा किया जा रहा है कि हत्यारोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पहले ही स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी कर ली है। इस नए दावे के बाद पुलिस ये जांच कर रही है कि क्या दोनों ने कानूनी रूप से विवाह का पंजीकरण कराया था?
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सिया ने चेतन से पहले ही कर ली थी शादी?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पुणे के चर्चित लोहागढ़ किला हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल ने कारोबारी केतन अग्रवाल से तय शादी से कई महीने पहले ही अपने प्रेमी चेतन चौधरी से कथित तौर पर गुपचुप शादी कर ली थी। सूत्रों के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने करीब चार महीने पहले स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत अपनी शादी का पंजीकरण कराया था। हालांकि, इसी साल फरवरी में सिया की सगाई पुणे के 25 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल से हुई थी और दोनों की शादी नवंबर में होने वाली थी।
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बता दें कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की खाई में गिरने से मौत हो गई। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी और सिया गोयल, केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। पुलिस अब इस दावे की जांच कर रही है कि दोनों ने कानूनी रूप से विवाह का पंजीकरण कराया था। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या विवाह प्रमाणपत्र मौजूद है, क्योंकि ऐसा दस्तावेज जांच में अहम साक्ष्य साबित हो सकता है।
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सूत्रों के अनुसार, विवाह पंजीकरण के दौरान गवाह के रूप में हस्ताक्षर करने वाले सिया के कॉलेज के दो दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है। जांचकर्ता एक इंस्टाग्राम अकाउंट से हटाई गई तस्वीरों को भी रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन तस्वीरों में सिया और चेतन शादी की वरमाला पहने नजर आ रहे थे, जो जांच में महत्वपूर्ण सबूत बन सकती हैं।
पुलिस को शक है कि कथित साजिश उस समय तेज हुई, जब केतन अग्रवाल के परिवार ने उदयपुर में प्रस्तावित डेस्टिनेशन वेडिंग की तैयारियों के लिए सिया से जरूरी दस्तावेज मांगे। इसके अलावा, जांच एजेंसियां चेतन चौधरी के बैंक लेनदेन की भी जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत अनिवार्य सार्वजनिक नोटिस अवधि से बचने के लिए कहीं कोई भुगतान तो नहीं किया गया। फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की मुलाकात पारिवारिक रिश्ते के जरिए हुई थी और दोनों की इसी वर्ष सगाई हुई थी। पुलिस का आरोप है कि घटना वाले दिन चेतन चौधरी भी लोहागढ़ किले तक दोनों के पीछे-पीछे पहुंचा था और कथित हत्या की साजिश में शामिल था।
यह भी पढ़ें- इस्कॉन की समय से पहले रथ यात्रा पर विवाद: जगन्नाथ मंदिर समिति ने राष्ट्रपति-PM को लिखा पत्र, क्या उठाई मांग?
जांच में कथित तौर पर ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री, डिलीट किए गए संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिनसे घटना से पहले विस्तृत योजना बनाए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन ने कथित तौर पर गूगल और यूट्यूब पर हत्या के विभिन्न तरीकों की जानकारी खोजी थी और अंततः केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देकर मारने की योजना बनाई। पूछताछ के दौरान सिया ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं से कहा कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। उसका दावा है कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होती, इसलिए उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
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बता दें कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की खाई में गिरने से मौत हो गई। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी और सिया गोयल, केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। पुलिस अब इस दावे की जांच कर रही है कि दोनों ने कानूनी रूप से विवाह का पंजीकरण कराया था। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या विवाह प्रमाणपत्र मौजूद है, क्योंकि ऐसा दस्तावेज जांच में अहम साक्ष्य साबित हो सकता है।
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सूत्रों के अनुसार, विवाह पंजीकरण के दौरान गवाह के रूप में हस्ताक्षर करने वाले सिया के कॉलेज के दो दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है। जांचकर्ता एक इंस्टाग्राम अकाउंट से हटाई गई तस्वीरों को भी रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन तस्वीरों में सिया और चेतन शादी की वरमाला पहने नजर आ रहे थे, जो जांच में महत्वपूर्ण सबूत बन सकती हैं।
पुलिस को शक है कि कथित साजिश उस समय तेज हुई, जब केतन अग्रवाल के परिवार ने उदयपुर में प्रस्तावित डेस्टिनेशन वेडिंग की तैयारियों के लिए सिया से जरूरी दस्तावेज मांगे। इसके अलावा, जांच एजेंसियां चेतन चौधरी के बैंक लेनदेन की भी जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत अनिवार्य सार्वजनिक नोटिस अवधि से बचने के लिए कहीं कोई भुगतान तो नहीं किया गया। फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की मुलाकात पारिवारिक रिश्ते के जरिए हुई थी और दोनों की इसी वर्ष सगाई हुई थी। पुलिस का आरोप है कि घटना वाले दिन चेतन चौधरी भी लोहागढ़ किले तक दोनों के पीछे-पीछे पहुंचा था और कथित हत्या की साजिश में शामिल था।
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जांच में कथित तौर पर ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री, डिलीट किए गए संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिनसे घटना से पहले विस्तृत योजना बनाए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन ने कथित तौर पर गूगल और यूट्यूब पर हत्या के विभिन्न तरीकों की जानकारी खोजी थी और अंततः केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देकर मारने की योजना बनाई। पूछताछ के दौरान सिया ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं से कहा कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। उसका दावा है कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होती, इसलिए उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।