फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   State can't force adult woman to return to parental home: Bombay High Court

Maharashtra: 'बालिग को अपने घर लौटने के लिए राज्य नहीं कर सकता मजबूर', बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्यों कि ये टिप्पणी?

Tue, 07 Jul 2026 06:29 PM IST
Pavan पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: Pavan Updated Tue, 07 Jul 2026 06:29 PM IST
सार

मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि 21 वर्षीय महिला ने हैदराबाद स्थित अपने माता-पिता के घर को अपनी इच्छा से छोड़ा था। वह बालिग है और कानून के अनुसार यह फैसला लेने में सक्षम है कि वह कहां रहना चाहती है, शादी करना चाहती है या नहीं और अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है या नहीं।

विज्ञापन
State can't force adult woman to return to parental home: Bombay High Court
बॉम्बे हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि कोई भी बालिग महिला अपनी इच्छा से यह तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है कि वह कहां रहेगी, किससे शादी करेगी और आगे पढ़ाई करेगी या नहीं। राज्य या उसके अधिकारी उसे जबरन माता-पिता के घर लौटने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र गुघे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की खंडपीठ ने 2 जुलाई को दिए अपने आदेश में यह टिप्पणी की। इस आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध हुई।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Maharashtra: महायुति में जाने की अटकलों पर सुप्रिया सुले का तंज; जयंत पाटिल से मुलाकात पर क्या बोलीं?
विज्ञापन


अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी महिला
अदालत ने कहा कि 21 वर्षीय महिला ने हैदराबाद स्थित अपने माता-पिता के घर को अपनी इच्छा से छोड़ा था। वह बालिग है और कानून के अनुसार यह फैसला लेने में सक्षम है कि वह कहां रहना चाहती है, शादी करना चाहती है या नहीं और अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है या नहीं। हाई कोर्ट ने कहा कि ये सभी फैसले व्यक्ति की निजी पसंद से जुड़े हैं और भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि 'न तो माता-पिता और न ही राज्य किसी बालिग महिला को उसकी इच्छा के खिलाफ उसके घर लौटने के लिए मजबूर कर सकते हैं'।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस नहीं कर सकती दबाव
हाई कोर्ट ने कहा कि जब महिला अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई है, तो पुलिस उसे लापता व्यक्ति मानकर कार्रवाई नहीं कर सकती। साथ ही उसे घर वापस भेजने के लिए किसी तरह का दबाव या जबरदस्ती भी नहीं की जा सकती। अदालत ने तेलंगाना पुलिस को निर्देश दिया कि महिला के माता-पिता द्वारा दर्ज कराई गई लापता व्यक्ति की रिपोर्ट (मिसिंग रिपोर्ट) को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि महिला को उसके माता-पिता के घर लौटने के लिए मजबूर न किया जाए।

चचेरे भाई से शादी कराने का था दबाव
महिला ने वरिष्ठ अधिवक्ता मिहिर देसाई के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उसने बताया कि जून 2026 में उसने अपने दत्तक माता-पिता का घर छोड़ दिया था क्योंकि परिवार उस पर अपने से लगभग 10 साल बड़े चचेरे भाई से शादी करने का दबाव बना रहा था। याचिका में महिला ने कहा कि उसका परिवार बेहद रूढ़िवादी और कट्टर सोच वाला है। उसे भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिवार ने उसे स्नातक की पढ़ाई पूरी करने और नौकरी करने की भी अनुमति नहीं दी। उसने यह भी आरोप लगाया कि घर छोड़ने के बाद परिवार की ओर से उसे धमकियां और परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।


मुंबई में रहकर नौकरी कर रही है महिला
इस सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने महिला से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। अदालत को बताया गया कि वह मुंबई में एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) में काम कर रही है और पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही है। याचिका के अनुसार, महिला को दो महीने की उम्र में गोद लिया गया था।

यह भी पढ़ें- सिया ने चेतन से पहले ही कर ली थी शादी?: केतन हत्याकांड में खुलासा, विवाह पंजीकरण के दावे की पुलिस कर रही जांच

मां ने दिया भरोसा, फिर भी घर नहीं लौटना चाहती महिला
महिला की मां ने अदालत में हलफनामा दाखिल कर कहा कि बेटी पर जबरन शादी का दबाव नहीं बनाया जाएगा और उसकी आगे की पढ़ाई में भी कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। इसके बावजूद महिला ने अदालत से साफ कहा कि वह अपने माता-पिता के घर वापस नहीं जाना चाहती। इन सभी तथ्यों को देखते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि बालिग होने के कारण महिला को अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले लेने का पूरा अधिकार है और उसकी इच्छा का सम्मान किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed