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Maharashtra: महायुति में जाने की अटकलों पर सुप्रिया सुले का तंज; जयंत पाटिल से मुलाकात पर क्या बोलीं?
Tue, 07 Jul 2026 05:52 PM IST
निर्मल कांत
आईएएनएस, मुंबई।
आईएएनएस, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 07 Jul 2026 05:52 PM IST
सार
सांसद सुप्रिया सुले ने एनसीपी (शरद पवार) के महायुति में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने राम मंदिर, किसानों की कर्जमाफी और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। पढ़िए रिपोर्ट-
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सुप्रिया सुले
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
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विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने मंगलवार को अपनी पार्टी के महायुति के साथ जाने की अटकलों पर तंज कसा। उन्होंने संकेत दिया कि इन चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं है।
सुले पत्रकारों से बात कर रही थीं। इस दौरान मीडिया ने उनसे एनसीपी के शरद पवार गुट के महायुति के करीब जाने की अटकलों पर सवाल किया। इसमें खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) नेता जयंत पाटिल के बीच कथित बातचीत का जिक्र किया गया।
जयंत पाटिल से मुलाकात पर क्या बोलीं सुप्रिया सुले?
सुप्रिया सुले ने इस मुलाकात को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह खास मुलाकात हुई थी या नहीं। लेकिन उन्होंने कहा कि वह और जयंत पाटिल अक्सर मिलते रहते हैं, क्योंकि दोनों एक ही समिति के सदस्य हैं।
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उन्होंने बताया कि सिर्फ पिछले एक महीने में ही उनकी और जयंत पाटिल की 21 बार मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कई नेता उस समिति के हिस्सा हैं, जिसमें उनकी पार्टी के अध्यक्ष भी शामिल हैं। ऐसे में कई नेताओं के साथ नियमित रूप से बैठना सामान्य प्रशासनिक काम का हिस्सा है, इसे राजनीतिक गठजोड़ से जोड़ना सही नहीं है।
सत्ता में आने के सवाल पर क्या कहा?
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी जल्द ही सत्ता में दिखाई देगी, तो सुले ने कहा कि उनकी प्राथमिक भूमिका आम लोगों की सेवा करना है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से लोग इस तरह की अटकलें लगा रहे हैं। अगर मौजूदा सरकार इसी तरह काम करती रही, तो एनसीपी (शरद पवार) और उसके सहयोगियों को मजबूती से लड़ना होगा और सत्ता हासिल करने की कोशिश करनी होगी। उन्होंने कहा कि आगे मौजूदा सरकार क्या करेगी, यह भगवान ही जानता है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर क्या कहा?
सुप्रिया सुले ने सवालों का जवाब मजाकिया अंदाज में दिया। लेकिन साथ ही उन्होंने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला भी बोला। इनमें अयोध्या राम मंदिर, किसानों की कर्ज माफी और बुनियादी ढांचे की समस्याएं शामिल थीं।
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और हाल में वायरल हुए वीडियो का जिक्र किया। सुले ने कहा कि वीडियो सामने आए हैं, जिनमें मंदिर से पैसे और चांदी हटाने की बात दिखाई गई है और इन्हें भाजपा के अपने चैनलों ने भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर के निर्माण में पूरे देश के लोगों ने मेहनत और संघर्ष से योगदान दिया है। यह मंदिर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का है। अगर वहां भी भ्रष्टाचार हो रहा है तो फिर क्या कहा जा सकता है।
ये भी पढ़ें: इस्कॉन की समय से पहले रथ यात्रा पर विवाद: जगन्नाथ मंदिर समिति ने राष्ट्रपति-PM को लिखा पत्र, क्या उठाई मांग?
भाजपा के आरोपों पर पलटवार
सुप्रिया सुले ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) जैसे दलों को भ्रष्ट बताती है, जिन्होंने देश के मूल्यों को बनाने में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि अब भाजपा को जवाब देना होगा कि उसने भगवान राम को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों की कर्जमाफी के नाम पर धोखा किया और भगवान राम को भी धोखा देने का पाप किया। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता को इसका जवाब देना होगा।
किसानों और एक्सप्रेसवे हादसे पर सरकार को घेरा
सुले ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर किसानों की परेशानियों और मानसून के बाद सामने आई बुनियादी ढांचे की समस्याओं को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' हिस्से पर भूस्खलन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फसल कर्जमाफी पूरी तरह से धोखा है। सरकार उन मेहनती किसानों की रीढ़ तोड़ने का पाप कर रही है, जो अपनी जमीन से जुड़े हुए हैं और लगातार मेहनत कर रहे हैं।
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सुले पत्रकारों से बात कर रही थीं। इस दौरान मीडिया ने उनसे एनसीपी के शरद पवार गुट के महायुति के करीब जाने की अटकलों पर सवाल किया। इसमें खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) नेता जयंत पाटिल के बीच कथित बातचीत का जिक्र किया गया।
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जयंत पाटिल से मुलाकात पर क्या बोलीं सुप्रिया सुले?
सुप्रिया सुले ने इस मुलाकात को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह खास मुलाकात हुई थी या नहीं। लेकिन उन्होंने कहा कि वह और जयंत पाटिल अक्सर मिलते रहते हैं, क्योंकि दोनों एक ही समिति के सदस्य हैं।
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उन्होंने बताया कि सिर्फ पिछले एक महीने में ही उनकी और जयंत पाटिल की 21 बार मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कई नेता उस समिति के हिस्सा हैं, जिसमें उनकी पार्टी के अध्यक्ष भी शामिल हैं। ऐसे में कई नेताओं के साथ नियमित रूप से बैठना सामान्य प्रशासनिक काम का हिस्सा है, इसे राजनीतिक गठजोड़ से जोड़ना सही नहीं है।
सत्ता में आने के सवाल पर क्या कहा?
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी जल्द ही सत्ता में दिखाई देगी, तो सुले ने कहा कि उनकी प्राथमिक भूमिका आम लोगों की सेवा करना है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से लोग इस तरह की अटकलें लगा रहे हैं। अगर मौजूदा सरकार इसी तरह काम करती रही, तो एनसीपी (शरद पवार) और उसके सहयोगियों को मजबूती से लड़ना होगा और सत्ता हासिल करने की कोशिश करनी होगी। उन्होंने कहा कि आगे मौजूदा सरकार क्या करेगी, यह भगवान ही जानता है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर क्या कहा?
सुप्रिया सुले ने सवालों का जवाब मजाकिया अंदाज में दिया। लेकिन साथ ही उन्होंने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला भी बोला। इनमें अयोध्या राम मंदिर, किसानों की कर्ज माफी और बुनियादी ढांचे की समस्याएं शामिल थीं।
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और हाल में वायरल हुए वीडियो का जिक्र किया। सुले ने कहा कि वीडियो सामने आए हैं, जिनमें मंदिर से पैसे और चांदी हटाने की बात दिखाई गई है और इन्हें भाजपा के अपने चैनलों ने भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर के निर्माण में पूरे देश के लोगों ने मेहनत और संघर्ष से योगदान दिया है। यह मंदिर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का है। अगर वहां भी भ्रष्टाचार हो रहा है तो फिर क्या कहा जा सकता है।
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भाजपा के आरोपों पर पलटवार
सुप्रिया सुले ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) जैसे दलों को भ्रष्ट बताती है, जिन्होंने देश के मूल्यों को बनाने में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि अब भाजपा को जवाब देना होगा कि उसने भगवान राम को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों की कर्जमाफी के नाम पर धोखा किया और भगवान राम को भी धोखा देने का पाप किया। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता को इसका जवाब देना होगा।
किसानों और एक्सप्रेसवे हादसे पर सरकार को घेरा
सुले ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर किसानों की परेशानियों और मानसून के बाद सामने आई बुनियादी ढांचे की समस्याओं को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' हिस्से पर भूस्खलन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फसल कर्जमाफी पूरी तरह से धोखा है। सरकार उन मेहनती किसानों की रीढ़ तोड़ने का पाप कर रही है, जो अपनी जमीन से जुड़े हुए हैं और लगातार मेहनत कर रहे हैं।