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Congress: स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों को लेकर केंद्र पर बरसे खरगे, बोले- अपनी नाकामियां छिपा रही है सरकार

नई दिल्ली, एएनआई Published by: रिया दुबे Updated Thu, 04 Jun 2026 11:06 AM IST
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सार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने NFHS-6 के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण से जुड़ी अपनी नाकामियों को छिपा रही है। आइए विस्तार से जानते हैं। 

Kharge slammed the Centre over the health survey data, saying the government is hiding its failures
क्या बोले खरगे? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के मुद्दों पर विफल रही है और अपनी नाकामियों को उजागर करने वाले महत्वपूर्ण आंकड़ों को छिपा रही है।

खरगे ने क्या-क्या दावे किए?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए खरगे ने कहा कि NFHS-6 के आंकड़ों ने भाजपा सरकार की पूर्ण अक्षमता को उजागर कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि देश में हर पांच में से एक बच्चा गंभीर कुपोषण का शिकार है, जबकि एक-तिहाई बच्चे कम वजन के हैं। इसके अलावा 6 से 23 महीने की उम्र के 84 प्रतिशत से अधिक बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा है। खरगे ने NFHS-5 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं और हर पांच में से एक महिला कुपोषित है।
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भाजपा पर साधा निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए पांच सूत्रीय फार्मूला अपनाती है, जिसमें चुनिंदा आंकड़ों को दबाना, कमजोर वर्गों की अनदेखी करना, सबका साथ और अमृत काल का प्रचार करना, जनमत को प्रभावित करना व प्रधानमंत्री की छवि बचाने पर जोर देना शामिल है।

मंत्रालय ने क्या जानकारी दी?

वहीं, पिछले महीने स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने NFHS-6 की रिपोर्ट जारी करते हुए दावा किया था कि भारत ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक विकास के कई संकेतकों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। मंत्रालय के अनुसार, देश में 95.6 प्रतिशत बच्चों को अधिकांश टीके सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से मिले हैं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का सकारात्मक असर देखने को मिला है।

वर्ष 2023-24 में आयोजित NFHS-6 सर्वेक्षण में देश के 715 जिलों के करीब 6.79 लाख परिवारों को शामिल किया गया था। सरकार का कहना है कि यह रिपोर्ट स्वास्थ्य, पोषण और परिवार कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को दर्शाती है, जबकि विपक्ष इन आंकड़ों के आधार पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।
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