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कोलकाता भगदड़: चोरबागान हादसे के बाद कार्रवाई, हटाए गए गिरीश पार्क थाने के प्रभारी; इन्हें मिली जिम्मेदारी
Mon, 19 Oct 2026 08:38 AM IST
देवेश त्रिपाठी
एएनआई, कोलकाता
एएनआई, कोलकाता
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 19 Oct 2026 08:38 AM IST
सार
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद गिरीश पार्क थाने के प्रभारी सुमित कुमार घोष को पद से हटा दिया गया है। पुलिस के डिटेक्टिव विभाग के अधिकारी हीरक दलपति को अंतरिम जिम्मेदारी दी गई है।
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दुर्गा पूजा पंडाल हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद गिरीश पार्क थाने के प्रभारी अधिकारी सुमित कुमार घोष को पद से हटा दिया गया है। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हुई थी। कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव विभाग में तैनात अधिकारी हीरक दलपति को फिलहाल थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लालबाजार के निर्देश पर यह बदलाव किया गया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, पुलिस इंस्पेक्टर हीरक दलपति तत्काल प्रभाव से अपने मौजूदा काम के साथ गिरीश पार्क थाने के प्रभारी अधिकारी का काम भी देखेंगे। अगले आदेश तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।
हादसे की जांच के बीच कार्रवाई
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच जारी है। इस मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों को रविवार को बैंकशाल कोर्ट ने 28 अक्तूबर तक 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने अदालत से 14 दिन की हिरासत मांगी थी।
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गिरफ्तार आरोपियों में पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा, उपाध्यक्ष शांतनु दुबे और बांस का ढांचा तैयार करने में शामिल बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय शामिल हैं। इसके अलावा भीड़ प्रबंधन और वीआईपी पास की जांच से जुड़े कौशिक साहा, भीड़ संभालने वाले पिंटू डे और निजी सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी सुमन चक्रवर्ती तथा राजेश पाल को भी गिरफ्तार किया गया है।
बचाव पक्ष ने आरोपियों को बताया बाहरी
आरोपियों के वकील एमडी यासिम रहमान ने दावा किया कि सभी आरोपी बाहरी लोग थे और दुर्गा पूजा देखने आए थे। उनके मुताबिक, जब उन्होंने भीड़ में लोगों को परेशान होते देखा तो बचाव कार्य में मदद के लिए आगे आए। वकील ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की हिरासत एक नवंबर तक मांगी थी, लेकिन अदालत ने उन्हें 28 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने भीड़ प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की
इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय निगरानी केंद्रों का दौरा कर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को मजबूत करने के लिए राज्य पुलिस ने नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को भी कोलकाता पुलिस में वापस बुलाया है।
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लालबाजार के निर्देश पर यह बदलाव किया गया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, पुलिस इंस्पेक्टर हीरक दलपति तत्काल प्रभाव से अपने मौजूदा काम के साथ गिरीश पार्क थाने के प्रभारी अधिकारी का काम भी देखेंगे। अगले आदेश तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।
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हादसे की जांच के बीच कार्रवाई
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच जारी है। इस मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों को रविवार को बैंकशाल कोर्ट ने 28 अक्तूबर तक 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने अदालत से 14 दिन की हिरासत मांगी थी।
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गिरफ्तार आरोपियों में पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा, उपाध्यक्ष शांतनु दुबे और बांस का ढांचा तैयार करने में शामिल बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय शामिल हैं। इसके अलावा भीड़ प्रबंधन और वीआईपी पास की जांच से जुड़े कौशिक साहा, भीड़ संभालने वाले पिंटू डे और निजी सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी सुमन चक्रवर्ती तथा राजेश पाल को भी गिरफ्तार किया गया है।
बचाव पक्ष ने आरोपियों को बताया बाहरी
आरोपियों के वकील एमडी यासिम रहमान ने दावा किया कि सभी आरोपी बाहरी लोग थे और दुर्गा पूजा देखने आए थे। उनके मुताबिक, जब उन्होंने भीड़ में लोगों को परेशान होते देखा तो बचाव कार्य में मदद के लिए आगे आए। वकील ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की हिरासत एक नवंबर तक मांगी थी, लेकिन अदालत ने उन्हें 28 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने भीड़ प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की
इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय निगरानी केंद्रों का दौरा कर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को मजबूत करने के लिए राज्य पुलिस ने नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को भी कोलकाता पुलिस में वापस बुलाया है।