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Kolkata: छात्रा से गैंगरेप के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, कॉलेज में छात्र संघ कक्ष को सील करने का दिया आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Thu, 03 Jul 2025 05:36 PM IST
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सार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के उन कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र संघ कक्षों को बंद करने का आदेश दिया है, जहां छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। यह फैसला दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज में गैंगरेप की घटना के बाद आया है। कोर्ट ने कहा कि बिना रजिस्ट्रार या प्राचार्य की अनुमति के इन कमरों का उपयोग नहीं होगा। सरकार से 17 जुलाई तक जवाब मांगा गया है।
कलकत्ता हाई कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
कोलकाता में दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा से गैंगरेप के बाद शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। इसी मामले में सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि पश्चिम बंगाल के सभी महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में, जहां छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं, वहां के छात्र संघ कक्ष (यूनियन रूम) को बंद किया जाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन छात्र संघ कक्ष में किसी भी तरह की मनोरंजन या निजी गतिविधि पर रोक रहेगी। सिर्फ बेहद जरूरी आधिकारिक काम के लिए ही इन कमरों का इस्तेमाल किया जा सकेगा, वो भी तभी जब विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार या महाविद्यालय के प्राचार्य से लिखित अनुमति ली जाए।
दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज का कमरा रहेगा सील
हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज का छात्र संघ कक्ष पूरी तरह सील रहेगा। वहां किसी भी परिस्थिति में इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि यह मामला सीधे उसी कॉलेज से जुड़ा हुआ है और जांच जारी है।
दरअसल, पीड़िता ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि घटना के मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा पहले कॉलेज का छात्र नेता था और उसने ही यूनियन रूम को डराने-धमकाने और शोषण का अड्डा बना रखा था। मिश्रा को कॉलेज में बतौर अस्थायी कर्मचारी नियुक्त किया गया था। दो अन्य आरोपी, जैब अहमद और प्रामित मुखर्जी भी कॉलेज के सीनियर छात्र हैं, जो इस घिनौने अपराध में शामिल थे।
लंबे समय से रुके हैं छात्र संघ चुनाव
हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाओं में यह भी कहा गया है कि राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में कई वर्षों से छात्र संघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। इससे यूनियन रूम पर कब्जा करने और उसका दुरुपयोग करने की घटनाएं बढ़ी हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार से चुनाव को लेकर योजना बताने को कहा है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 17 जुलाई तक हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि छात्र संघ चुनाव कब और कैसे कराए जाएंगे। तब तक सभी ऐसे कमरे बंद रहेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि छात्रों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है।
ये भी पढ़ें: मनी लॉन्ड्रिंग केस में जैकलीन को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने खारिज की FIR रद्द करने की याचिका
टीएमसी छात्र इकाई की प्रतिक्रिया
इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के अध्यक्ष त्रिनांकुर भट्टाचार्य ने कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूनियन रूम किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं बल्कि छात्रों का होता है। वे इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया तब देंगे जब पूरा आदेश पढ़ लेंगे।
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने घाना की संसद को किया संबोधन, कहा- हमारा लोकतंत्र सिस्टम नहीं संस्कार है
छात्रों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज की घटना ने पूरे राज्य में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाईकोर्ट के इस आदेश को छात्र संगठनों, कॉलेज प्रशासन और सरकार के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
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कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन छात्र संघ कक्ष में किसी भी तरह की मनोरंजन या निजी गतिविधि पर रोक रहेगी। सिर्फ बेहद जरूरी आधिकारिक काम के लिए ही इन कमरों का इस्तेमाल किया जा सकेगा, वो भी तभी जब विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार या महाविद्यालय के प्राचार्य से लिखित अनुमति ली जाए।
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दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज का कमरा रहेगा सील
हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज का छात्र संघ कक्ष पूरी तरह सील रहेगा। वहां किसी भी परिस्थिति में इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि यह मामला सीधे उसी कॉलेज से जुड़ा हुआ है और जांच जारी है।
दरअसल, पीड़िता ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि घटना के मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा पहले कॉलेज का छात्र नेता था और उसने ही यूनियन रूम को डराने-धमकाने और शोषण का अड्डा बना रखा था। मिश्रा को कॉलेज में बतौर अस्थायी कर्मचारी नियुक्त किया गया था। दो अन्य आरोपी, जैब अहमद और प्रामित मुखर्जी भी कॉलेज के सीनियर छात्र हैं, जो इस घिनौने अपराध में शामिल थे।
लंबे समय से रुके हैं छात्र संघ चुनाव
हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाओं में यह भी कहा गया है कि राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में कई वर्षों से छात्र संघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। इससे यूनियन रूम पर कब्जा करने और उसका दुरुपयोग करने की घटनाएं बढ़ी हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार से चुनाव को लेकर योजना बताने को कहा है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 17 जुलाई तक हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि छात्र संघ चुनाव कब और कैसे कराए जाएंगे। तब तक सभी ऐसे कमरे बंद रहेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि छात्रों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है।
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टीएमसी छात्र इकाई की प्रतिक्रिया
इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के अध्यक्ष त्रिनांकुर भट्टाचार्य ने कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूनियन रूम किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं बल्कि छात्रों का होता है। वे इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया तब देंगे जब पूरा आदेश पढ़ लेंगे।
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छात्रों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज की घटना ने पूरे राज्य में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाईकोर्ट के इस आदेश को छात्र संगठनों, कॉलेज प्रशासन और सरकार के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
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