सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   Left parties protest against US-Israel attack on Iran accuse Modi government of silence

Protest: ईरान पर अमेरिकी-इस्राइली हमले के खिलाफ वाम दलों का प्रदर्शन, मोदी सरकार पर चुप्पी साधने का लगाया आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Tue, 03 Mar 2026 05:25 PM IST
विज्ञापन
सार

ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले के खिलाफ वाम दलों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि भारत को राष्ट्रीय संप्रभुता और शांति के सिद्धांतों पर कायम रहना चाहिए। उन्होंने युद्ध रोकने के लिए कूटनीतिक पहल की मांग की।

Left parties protest against US-Israel attack on Iran accuse Modi government of silence
वाम दलों का प्रदर्शन - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले के खिलाफ वाम दलों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा की और केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाया। वाम नेताओं ने कहा कि भारत की विदेश नीति को राष्ट्रीय संप्रभुता के सिद्धांतों पर चलना चाहिए, न कि किसी वैश्विक दबाव में।

Trending Videos


प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग तख्तियां लेकर पहुंचे और हमलों के खिलाफ नारे लगाए। नेताओं ने कहा कि जब बातचीत चल रही थी, तब हमला करना गलत है। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार युद्ध रोकने के लिए पहल करे और शांति बहाल करने में भूमिका निभाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्रिंदा करात का सीधा हमला
सीपीआई(एम) नेता ब्रिंदा करात ने कहा कि ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने ईरान पर हमला किया और सरकार इस पर चुप है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की आवाज संप्रभुता और शांति के पक्ष में होनी चाहिए। उन्होंने इस्राइल की कार्रवाई को आक्रामक बताया और कहा कि भारत को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

ये भी पढ़ें- पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान से फोन पर की बात, क्षेत्र के हालात पर चर्चा

डिपांकर भट्टाचार्य की चेतावनी
सीपीआई(एमएल) लिबरेशन के महासचिव डिपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह युद्ध क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के लाखों नागरिक पश्चिम एशिया में काम करते हैं, इसलिए यह संकट भारत को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार युद्ध रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास करे।

सरकार की विदेश नीति पर सवाल
वाम नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की विदेश नीति अमेरिका के दबाव में झुकी हुई दिख रही है। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी सैन्य गठजोड़ से दूरी बनाकर शांति और संवाद का समर्थन करना चाहिए।

कई वाम दल हुए शामिल
प्रदर्शन में सीपीआई(एम), सीपीआई, सीपीआई(एमएल) लिबरेशन, आरएसपी और एआईएफबी जैसे दल शामिल हुए। आयोजकों ने कहा कि यह विरोध सैन्य कार्रवाई के खिलाफ और राष्ट्रीय संप्रभुता के समर्थन में है। अमेरिका और इस्राइल ने शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला किया था। इसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। वाम दलों का कहना है कि भारत को युद्ध से दूर रहकर शांति की पहल करनी चाहिए।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article