{"_id":"68615d63d16392e2510f4117","slug":"maharashtra-dress-code-in-ekvira-aai-temple-entry-will-not-be-allowed-in-western-dress-2025-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Temple Dress Rule: एकवीरा आई मंदिर में ड्रेस कोड, ऐसे पोशाक में नहीं मिलेगा प्रवेश; राज्य में यहां भी हैं नियम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Temple Dress Rule: एकवीरा आई मंदिर में ड्रेस कोड, ऐसे पोशाक में नहीं मिलेगा प्रवेश; राज्य में यहां भी हैं नियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 29 Jun 2025 09:06 PM IST
विज्ञापन
एकवीरा आई मंदिर में ड्रेस कोड लागू
- फोटो : ANI
विज्ञापन
महाराष्ट्र के लोनावला में एकवीरा आई मंदिर में सात जुलाई से श्रद्धालु पश्चिमी पोशाक और खुले कपड़े पहन कर नहीं जा सकेंगे। मंदिर प्रबंधन ट्रस्ट ने सात जुलाई से श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू करने का फैसला लिया है। कार्ला एकवीरा आई ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी सांसद सुरेश म्हात्रे के कार्यालय के मुताबिक, शुक्रवार को मंदिर के न्यासी मंडल की बैठक के दौरान यह प्रस्ताव पास किया गया। कार्ला गुफाओं के पास स्थित इस मंदिर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है।
यह भी पढ़ें - Mumbai: 'मिनी स्कर्ट या शरीर दिखाने वाले कपड़े नहीं...', सिद्धिविनायक मंदिर में भक्तों के लिए ड्रेस कोड लागू
सात जुलाई से ड्रेस कोड लागू करने का निर्णय
सुरेश म्हात्रे के मुताबिक, यह मंदिर लाखों लोगों, खासकर अग्री और कोली समुदायों के लोगों के लिए श्रद्धा का स्थान है। खुले और शरीर उघाड़ने वाले कपड़े पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं की वजह से मंदिर की पवित्रता से समझौता हो रहा है। इस वजह से न्यासी मंडल ने सर्वसम्मति से सात जुलाई से ड्रेस कोड लागू करने का निर्णय लिया है।
महिलाओं और पुरुषों के ये हैं ड्रेस कोड?
इस ड्रेस कोड के तहत महिला भक्त साड़ी, सलवार-कुर्ता और अन्य पारंपरिक भारतीय परिधान पहन सकती हैं। वहीं, पुरुष धोती, कुर्ता-पायजामा, पैंट और शर्ट, टी-शर्ट और अन्य पारंपरिक कपड़े पहन सकते हैं। यह नया नियम साफ तौर से शॉर्ट्स, मिनी स्कर्ट, पश्चिमी पोशाक, खुले कपड़े और फटी हुई जींस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाता है।
यह भी पढ़ें - Maharashtra Hindi Row: राज्य के स्कूलों में हिंदी भाषा पर नया नियम फिलहाल लागू नहीं होगा, CM फडणवीस का एलान
मंदिर के धार्मिक वातावरण को लेकर फैसला
मंदिर प्रबंधन की तरफ से आगे कहा गया है कि इस तरह के कपड़ों को मंदिर के धार्मिक वातावरण में अपमानजनक माना जाता है। एकवीरा आई की पूजा से जुड़ी गरिमा और पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए इस पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। बताते चलें कि बीते कुछ साल में महाराष्ट्र के कई मंदिरों ने आगंतुकों के लिए ड्रेस कोड लागू किए हैं।
Trending Videos
यह भी पढ़ें - Mumbai: 'मिनी स्कर्ट या शरीर दिखाने वाले कपड़े नहीं...', सिद्धिविनायक मंदिर में भक्तों के लिए ड्रेस कोड लागू
विज्ञापन
विज्ञापन
सात जुलाई से ड्रेस कोड लागू करने का निर्णय
सुरेश म्हात्रे के मुताबिक, यह मंदिर लाखों लोगों, खासकर अग्री और कोली समुदायों के लोगों के लिए श्रद्धा का स्थान है। खुले और शरीर उघाड़ने वाले कपड़े पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं की वजह से मंदिर की पवित्रता से समझौता हो रहा है। इस वजह से न्यासी मंडल ने सर्वसम्मति से सात जुलाई से ड्रेस कोड लागू करने का निर्णय लिया है।
महिलाओं और पुरुषों के ये हैं ड्रेस कोड?
इस ड्रेस कोड के तहत महिला भक्त साड़ी, सलवार-कुर्ता और अन्य पारंपरिक भारतीय परिधान पहन सकती हैं। वहीं, पुरुष धोती, कुर्ता-पायजामा, पैंट और शर्ट, टी-शर्ट और अन्य पारंपरिक कपड़े पहन सकते हैं। यह नया नियम साफ तौर से शॉर्ट्स, मिनी स्कर्ट, पश्चिमी पोशाक, खुले कपड़े और फटी हुई जींस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाता है।
यह भी पढ़ें - Maharashtra Hindi Row: राज्य के स्कूलों में हिंदी भाषा पर नया नियम फिलहाल लागू नहीं होगा, CM फडणवीस का एलान
मंदिर के धार्मिक वातावरण को लेकर फैसला
मंदिर प्रबंधन की तरफ से आगे कहा गया है कि इस तरह के कपड़ों को मंदिर के धार्मिक वातावरण में अपमानजनक माना जाता है। एकवीरा आई की पूजा से जुड़ी गरिमा और पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए इस पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। बताते चलें कि बीते कुछ साल में महाराष्ट्र के कई मंदिरों ने आगंतुकों के लिए ड्रेस कोड लागू किए हैं।