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Maharashtra: ₹272 करोड़ की गड़बड़ी के बाद राज्य सरकार सख्त, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कसेगी शिकंजा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Riya Dubey Updated Tue, 07 Apr 2026 09:13 AM IST
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सार

सीएजी रिपोर्ट में 272 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी में गड़बड़ी सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्री पर सख्ती का फैसला लिया है। सरकार अब बैंक गारंटी और जुर्माने की नई व्यवस्था लागू करेगी। आइए विस्तार से जानते हैं।

Maharashtra government takes action after CAG report, prepares to crack down on polluting industries
महाराष्ट्र सरकार की सख्ती - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

महाराष्ट्र में प्रदूषण फैलाने वाली उद्योगों पर लगाम कसने के लिए राज्य का पर्यावरण विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद सरकार ने बैंक गारंटी और जुर्माने की व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला लिया है।
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अधिकारियों के मुताबिक, एक समिति गठित की गई है जो अगले तीन महीनों में नई बैंक गारंटी और पेनल्टी स्ट्रक्चर की सिफारिश करेगी। इस बदलाव का मकसद उद्योगों की जवाबदेही बढ़ाना और पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
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सीएजी रिपोर्ट में क्या सामने आया?

हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र में पेश सीएजी रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। रिपोर्ट के अनुसार:
  • 2,678 मामलों में 272.47 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भौतिक रूप से ली ही नहीं गई, जिससे उनका सत्यापन संभव नहीं हुआ।
  • कई मामलों में गारंटी जब्त करने के आदेश लागू नहीं हो सके क्योंकि गारंटी जमा ही नहीं थी।
  • जब्त की गई 17.98 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग पर्यावरण सुधार के बजाय गलत तरीके से जमा कर दिया गया।
  • 7.56 करोड़ रुपये की कंसेंट फीस की वसूली कम हुई।
  • 339 उद्योगों पर लगाए गए 183.25 करोड़ रुपये के पर्यावरण मुआवजे की वसूली नहीं हो सकी और नोटिस बिना ठोस कारण के वापस ले लिए गए।

नए नियमों में क्या होगा बदलाव?

पर्यावरण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नई व्यवस्था में प्रदूषण के स्तर के आधार पर बैंक गारंटी तय की जाएगी। ज्यादा प्रदूषित क्षेत्रों में उद्योगों पर अधिक सख्त गारंटी लागू होगी। उन्होंने कहा कि अब मनमाने दर नहीं होंगे। चंद्रपुर जैसे अधिक प्रदूषित इलाकों में ज्यादा गारंटी तय करने पर विचार हो रहा है।

ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम की तैयारी

सरकार एक ऑनलाइन सिस्टम भी लागू करने की योजना बना रही है, जिससे बैंक गारंटी और जुर्माने की वसूली पर नजर रखी जा सके। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

2013 से नहीं बदली नीति

फिलहाल, उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों में निवेश का 10% बैंक गारंटी के रूप में जमा करना होता है। यह नीति 2013 से लागू है और इसमें अब बदलाव की तैयारी की जा रही है।

उच्च स्तरीय बैठक के बाद फैसला

यह निर्णय पिछले हफ्ते पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद लिया गया। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हुए। मुंडे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों और अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर तीन महीने में रिपोर्ट दें।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर

यह कदम अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें पर्यावरण नियामकों को प्रदूषण रोकने के लिए मुआवजा लगाने और बैंक गारंटी लेने का अधिकार दिया गया था। सरकार का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य उद्योगों को जिम्मेदार बनाना है, जबकि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नीति उद्योगों के लिए संतुलित और व्यवहारिक भी रहे।


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