सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress Leader KC Venugopal poses 10 questions to Kerala CM Pinarayi Vijayan alleges deal with BJP

Kerala: सीएम विजयन पर BJP से डील का आरोप, कांग्रेस ने पूछे सोना तस्करी से लेकर गुपचुप मुलाकातों पर ये 10 सवाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 07 Apr 2026 01:08 PM IST
विज्ञापन
सार

केरल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी दलों के बीच आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर जारी है। केरल की सत्ता में आने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर भ्रष्टाचार से जुड़े होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सीएम विजयन पर भाजपा से गुप्त समझौता करने का भी आरोप लगाया है।

Congress Leader KC Venugopal poses 10 questions to Kerala CM Pinarayi Vijayan alleges deal with BJP
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार

केरल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार थमने से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर तीखे सवाल दागे। केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को जारी एक खुले पत्र में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कामकाज पर कई गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पर भाजपा के साथ गुप्त सौदेबाजी का आरोप लगाया।
Trending Videos


वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा है कि केरल एक और चुनाव की दहलीज पर खड़ा है, ऐसे में मुख्यमंत्री के 10 साल के कार्यकाल को लेकर जनता के मन में कई सवाल हैं। उन्होंने राज्य में सबसे अधिक चर्चित मुद्दों का जिक्र कर सीएम विजयन से 10 सवालों के जवाब मांगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Kerala: तीसरी पारी में रोड़ा बन सकता है विजयन का रवैया; सहयोगी भी कार्यशैली से नाराज, गहराएगी सत्ता विरोधी लहर

10 सवालों में भाजपा से समझौते का जिक्र
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री विजयन के सामने 10 प्रश्न रखे हैं, जिनमें कई मामलों में भाजपा नेताओं और केंद्र सरकार के साथ गुप्त सौदे का आरोप शामिल है।
  • उच्च-स्तरीय मुलाकातें: वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर बिना अधिकारियों की मौजूदगी के हुई मुलाकात और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए केरल हाउस में आयोजित नाश्ते की बैठक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इन मुलाकातों के एजेंडे और उद्देश्य पर स्पष्टीकरण मांगा है।
  • अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात: उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हुई मुलाकातों का भी जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि क्या आधिकारिक बैठकों के बाहर हुई चर्चाएं किसी कथित समझ का हिस्सा थीं।
  • पीएम श्री योजना पर सवाल: वेणुगोपाल ने राज्य सरकार के (बाद में वापस लिए गए) पीएम श्री योजना को लागू करने के फैसले पर भी सवाल उठाया। इसका सत्तारूढ़ मोर्चे के भीतर सीपीआई नेताओं ने विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम भाजपा के साथ एक समझ पर पहुंचने के बाद उठाया गया था।
  • श्रम संहिता नियम: कांग्रेस नेता ने श्रम संहिता नियमों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीएफ सहयोगियों से सलाह लिए बिना निर्णय लिए गए।  ट्रेड यूनियन पंजीकरण शुल्क बढ़ाने जैसे उपायों का उद्देश्य कुछ विशेष हितों को खुश करना था।
  • एसएनसी-लावालिन मामला: 1990 के दशक के इस पुराने मामले में सीएम विजयन के कथित तौर पर शामिल होने का जिक्र करते हुए वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में बार-बार स्थगन केंद्र के साथ कथित समझौते से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने पूछा कि क्या राजनीतिक पदों से समझौता किया जा रहा है?
  • अन्य मामले: उन्होंने एक्सलॉजिक मामला, कोडाकारा हवाला मामला और मुख्यमंत्री के बेटे के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नोटिस का भी उल्लेख किया और उनकी स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा।
  • एडीजीपी एम.आर. अजीत कुमार का समर्थन: वेणुगोपाल ने आरएसएस नेताओं से कथित संबंधों के आरोपों के बीच एडीजीपी एम.आर. अजीत कुमार के कथित निरंतर समर्थन पर सवाल उठाया। उन्होंने मध्यस्थों और भाजपा नेताओं से जुड़ी कथित मुलाकातों के मुद्दे को भी उठाया।
  • सोना और डॉलर तस्करी मामले: पत्र में मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव से जुड़े सोने की तस्करी और डॉलर तस्करी के मामलों को भी उजागर किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों ने जांच को बीच में ही रोक दिया था। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त न्यायमूर्ति वी. के. मोहनन आयोग पर अपडेट मांगा।
ये भी पढ़ें: केरल चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग: भाजपा ने खेला अम्मा कार्ड, मौन ध्रुवीकरण से उलटफेर की तैयारी; बदलेगा समीकरण?

वेणुगोपाल बोले- जवाब का इंतजार रहेगा

वेणुगोपाल ने कहा कि वे जवाब का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री उठाए गए सवालों का जवाब देंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय या सीपीआई(एम) की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह पूरा घटनाक्रम नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में हलचल मचा सकता है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed