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Maharashtra: गढ़चिरोली में पुलिस ने ध्वस्त किया 44 नक्सली के स्मारक, विवेक भीमनवार बने MPSC के अध्यक्ष
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Wed, 18 Feb 2026 10:35 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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वरिष्ठ सिविल सेवा अधिकारी विवेक भीमनवार ने बुधवार को महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (एमपीएससी) के अध्यक्ष के रूप में शपथ ली। मुंबई स्थित लोक भवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने भीमनवार को गुलदस्ता भेंट कर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। राज्य सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, भीमनवार की नियुक्ति छह वर्ष के लिए या 62 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, के लिए की गई है।
शपथ ग्रहण से पहले राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नरनावरे ने सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी नियुक्ति अधिसूचना पढ़कर सुनाई। कार्यक्रम में एमपीएससी के पूर्व अध्यक्ष रजनीश सेठ, कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अभय वाघ, आयोग के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव श्रीकर परदेशी, कई वरिष्ठ अधिकारी और भीमनवार के परिवार के सदस्य उपस्थित थे। इस समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ से हुई। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस के अनुसार, कार्यक्रम का आरंभ वंदे मातरम, राष्ट्रगान और राज्य गीत के साथ किया गया, जबकि समापन वंदे मातरम और राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरा कार्यक्रम सादगी और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।
विवेक भीमनवार को एक अनुभवी और ईमानदार अधिकारी माना जाता है। उन्होंने राज्य प्रशासन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है और उन्हें प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है। माना जा रहा है कि विवेक भीमनवार के नेतृत्व में आयोग की कार्यप्रणाली और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित करता है, इसलिए इसके अध्यक्ष की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही भीमनवार के सामने भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से पूरा कराने की बड़ी चुनौती होगी।
गढ़चिरोली में पुलिस ने 44 नक्सली स्मारकों को किया ध्वस्त
महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में पुलिस और सुरक्षा बलों ने नक्सली आतंक के प्रतीकों को मिटाने के उद्देश्य से एक समन्वित अभियान में 44 ऐसे स्मारकों या ढांचों को ध्वस्त कर दिया। इन स्मारकों को माओवादियों ने दूरदराज के गांवों में लोगों में भय पैदा करने के लिए बनाया था। राज्य के पूर्वी हिस्से में स्थित गढ़चिरोली जिला लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का गढ़ रहा है और भारत में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) के रेड कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस क्षेत्र के घने जंगल माओवादी विद्रोहियों के लिए आदर्श भूभाग थे।
गढ़चिरोली पुलिस विभाग ने जिले भर में माओवादी आतंक के प्रतीक माने जाने वाले कुल 44 माओवादी स्मारकों को नष्ट कर दिया। पुलिस बल ने 16 बम निरोधक एवं निरोधक (बीडीडी) दस्तों, विशेष अभियान टीमों, सीआरपीएफ और विभिन्न चौकियों/उप-चौकियों की कुल 18 टीमों के साथ विभिन्न वन क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान, 15 चौकियों के अधिकार क्षेत्र में माओवादियों के बनाए कुल 44 स्मारक पाए गए। पुलिस ने बताया कि इनमें से 18 स्मारक एतापल्ली उपमंडल में, 17 हेदरी उपमंडल में, पांच भामरागड उपमंडल में, दो जिमालगट्टा उपमंडल में और एक-एक धनोरा और पेंधारी उपमंडलों में स्थित थे। माओवादियों के गढ़ माने जाने वाले पेंगुंडा, कवंदे, तुमरकोठी, गर्देवदा, वांगेतुरी और गट्टा (जन) जैसे बेहद दूरदराज के गांवों में स्थित माओवादी स्मारकों को नष्ट करके स्थानीय लोगों के बीच माओवादियों का आतंक मिटा दिया है।
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शपथ ग्रहण से पहले राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नरनावरे ने सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी नियुक्ति अधिसूचना पढ़कर सुनाई। कार्यक्रम में एमपीएससी के पूर्व अध्यक्ष रजनीश सेठ, कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अभय वाघ, आयोग के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव श्रीकर परदेशी, कई वरिष्ठ अधिकारी और भीमनवार के परिवार के सदस्य उपस्थित थे। इस समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ से हुई। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस के अनुसार, कार्यक्रम का आरंभ वंदे मातरम, राष्ट्रगान और राज्य गीत के साथ किया गया, जबकि समापन वंदे मातरम और राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरा कार्यक्रम सादगी और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।
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विवेक भीमनवार को एक अनुभवी और ईमानदार अधिकारी माना जाता है। उन्होंने राज्य प्रशासन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है और उन्हें प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है। माना जा रहा है कि विवेक भीमनवार के नेतृत्व में आयोग की कार्यप्रणाली और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित करता है, इसलिए इसके अध्यक्ष की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही भीमनवार के सामने भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से पूरा कराने की बड़ी चुनौती होगी।
गढ़चिरोली में पुलिस ने 44 नक्सली स्मारकों को किया ध्वस्त
महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में पुलिस और सुरक्षा बलों ने नक्सली आतंक के प्रतीकों को मिटाने के उद्देश्य से एक समन्वित अभियान में 44 ऐसे स्मारकों या ढांचों को ध्वस्त कर दिया। इन स्मारकों को माओवादियों ने दूरदराज के गांवों में लोगों में भय पैदा करने के लिए बनाया था। राज्य के पूर्वी हिस्से में स्थित गढ़चिरोली जिला लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का गढ़ रहा है और भारत में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) के रेड कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस क्षेत्र के घने जंगल माओवादी विद्रोहियों के लिए आदर्श भूभाग थे।
गढ़चिरोली पुलिस विभाग ने जिले भर में माओवादी आतंक के प्रतीक माने जाने वाले कुल 44 माओवादी स्मारकों को नष्ट कर दिया। पुलिस बल ने 16 बम निरोधक एवं निरोधक (बीडीडी) दस्तों, विशेष अभियान टीमों, सीआरपीएफ और विभिन्न चौकियों/उप-चौकियों की कुल 18 टीमों के साथ विभिन्न वन क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान, 15 चौकियों के अधिकार क्षेत्र में माओवादियों के बनाए कुल 44 स्मारक पाए गए। पुलिस ने बताया कि इनमें से 18 स्मारक एतापल्ली उपमंडल में, 17 हेदरी उपमंडल में, पांच भामरागड उपमंडल में, दो जिमालगट्टा उपमंडल में और एक-एक धनोरा और पेंधारी उपमंडलों में स्थित थे। माओवादियों के गढ़ माने जाने वाले पेंगुंडा, कवंदे, तुमरकोठी, गर्देवदा, वांगेतुरी और गट्टा (जन) जैसे बेहद दूरदराज के गांवों में स्थित माओवादी स्मारकों को नष्ट करके स्थानीय लोगों के बीच माओवादियों का आतंक मिटा दिया है।
मुंबई में एसेट मैनेजमेंट फर्म के अधिकारी ने की आत्महत्या
पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह अंधेरी ईस्ट स्थित एक इमारत की चौथी मंजिल से कथित तौर पर कूदकर एक संपत्ति प्रबंधन कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी की मौत हो गई। मृतक की पहचान पंकज विजय शाह (39) के रूप में हुई, जो विले पार्ले निवासी और एक म्यूचुअल फंड कंपनी के मुख्य व्यवसाय अधिकारी थे।
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 10:30 बजे चड्ढा परिसर भवन से एक व्यक्ति के कूदने की सूचना मिली। पुलिस की एक मोबाइल वैन तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शाह को खून से लथपथ पाया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोपहर 12:45 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, शाह अपने एक मित्र से मिलने चड्ढा परिसर में गए थे, जहां उनका कार्यालय स्थित था। चौथी मंजिल पर स्थित एक कार्यालय की बालकनी पर खड़े होकर उन्होंने वहां से छलांग लगा दी। अंधेरी पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है और आत्महत्या के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह अंधेरी ईस्ट स्थित एक इमारत की चौथी मंजिल से कथित तौर पर कूदकर एक संपत्ति प्रबंधन कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी की मौत हो गई। मृतक की पहचान पंकज विजय शाह (39) के रूप में हुई, जो विले पार्ले निवासी और एक म्यूचुअल फंड कंपनी के मुख्य व्यवसाय अधिकारी थे।
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 10:30 बजे चड्ढा परिसर भवन से एक व्यक्ति के कूदने की सूचना मिली। पुलिस की एक मोबाइल वैन तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शाह को खून से लथपथ पाया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोपहर 12:45 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, शाह अपने एक मित्र से मिलने चड्ढा परिसर में गए थे, जहां उनका कार्यालय स्थित था। चौथी मंजिल पर स्थित एक कार्यालय की बालकनी पर खड़े होकर उन्होंने वहां से छलांग लगा दी। अंधेरी पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है और आत्महत्या के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए कामरा
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ अपमानजनक पैरोडी गाने को लेकर विवादों में आए स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा मंगलवार को महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए। उनके साथ शिवसेना (यूबीटी) की नेता सुषमा अंधारे भी समिति के समक्ष पेश हुई। लेकिन, मुख्य शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई और अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।
गैंगस्टर कुमार पिल्लई को हांगकांग भेजने का आदेश
मुंबई की एक विशेष अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि गैंगस्टर कुमार पिल्लई को उनके देश हांगकांग वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाए। अदालत ने कहा कि जिन मामलों में उन्हें भारत लाया गया था, उनमें वह बरी हो चुके हैं। पिल्लई को 2016 में सिंगापुर में गिरफ्तार किया गया था। भारत ने उनके खिलाफ छह मामलों में प्रत्यर्पण मांगा था, लेकिन सिंगापुर की अदालत ने केवल तीन मामलों में ही भारत भेजने की अनुमति दी। बाद में इन तीनों मामलों में पिल्लई को अदालत से राहत मिल गई।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ अपमानजनक पैरोडी गाने को लेकर विवादों में आए स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा मंगलवार को महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए। उनके साथ शिवसेना (यूबीटी) की नेता सुषमा अंधारे भी समिति के समक्ष पेश हुई। लेकिन, मुख्य शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई और अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।
गैंगस्टर कुमार पिल्लई को हांगकांग भेजने का आदेश
मुंबई की एक विशेष अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि गैंगस्टर कुमार पिल्लई को उनके देश हांगकांग वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाए। अदालत ने कहा कि जिन मामलों में उन्हें भारत लाया गया था, उनमें वह बरी हो चुके हैं। पिल्लई को 2016 में सिंगापुर में गिरफ्तार किया गया था। भारत ने उनके खिलाफ छह मामलों में प्रत्यर्पण मांगा था, लेकिन सिंगापुर की अदालत ने केवल तीन मामलों में ही भारत भेजने की अनुमति दी। बाद में इन तीनों मामलों में पिल्लई को अदालत से राहत मिल गई।
सावरकर मानहानि केस- राहुल गांधी से मांगे गए वॉयस सैंपल
पुणे की एक अदालत में वीडी सावरकर से जुड़े मानहानि केस में नया मोड़ आया है। सावरकर के रिश्तेदार सत्यकी सावरकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने की मांग की है। सत्यकी सावरकर ने 2023 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि राहुल गांधी ने लंदन में एक भाषण के दौरान कहा था कि वी.डी. सावरकर ने अपनी किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें खुशी हुई थी। सत्यकी सावरकर का कहना है कि सावरकर ने ऐसा कभी नहीं लिखा, इसलिए यह बयान झूठा और मानहानिकारक है। सत्यकी के वकील संग्राम कोल्हटकर ने अदालत से कहा है कि रिकॉर्ड में मौजूद ऑडियो-वीडियो क्लिप की सही जांच के लिए राहुल गांधी की आवाज का सैंपल जरूरी है।
उन्होंने यह भी मांग की कि फॉरेंसिक साइंस लैब इन सैंपल्स की वैज्ञानिक जांच करके रिकॉर्डिंग से मिलान करे। मंगलवार को राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने सत्यकी सावरकर से जिरह (क्रॉस-एग्जामिनेशन) शुरू की। अब अदालत तय करेगी कि राहुल गांधी को वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया जाए या नहीं।
पुणे की एक अदालत में वीडी सावरकर से जुड़े मानहानि केस में नया मोड़ आया है। सावरकर के रिश्तेदार सत्यकी सावरकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने की मांग की है। सत्यकी सावरकर ने 2023 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि राहुल गांधी ने लंदन में एक भाषण के दौरान कहा था कि वी.डी. सावरकर ने अपनी किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें खुशी हुई थी। सत्यकी सावरकर का कहना है कि सावरकर ने ऐसा कभी नहीं लिखा, इसलिए यह बयान झूठा और मानहानिकारक है। सत्यकी के वकील संग्राम कोल्हटकर ने अदालत से कहा है कि रिकॉर्ड में मौजूद ऑडियो-वीडियो क्लिप की सही जांच के लिए राहुल गांधी की आवाज का सैंपल जरूरी है।
उन्होंने यह भी मांग की कि फॉरेंसिक साइंस लैब इन सैंपल्स की वैज्ञानिक जांच करके रिकॉर्डिंग से मिलान करे। मंगलवार को राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने सत्यकी सावरकर से जिरह (क्रॉस-एग्जामिनेशन) शुरू की। अब अदालत तय करेगी कि राहुल गांधी को वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया जाए या नहीं।
