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Maharashtra Updates: पुणे में इफ्तार की तैयारी कर रहे युवकों पर भीड़ का हमला, 12 से ज्यादा लोग हिरासत में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 15 Mar 2026 03:04 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पुणे के ससवाड में रमजान के दौरान रोजा खोलने की तैयारी कर रहे मुस्लिम युवकों के एक समूह पर भीड़ ने कथित तौर पर हमला कर दिया, जिसमें कम से कम पांच लोग घायल हो गए। यह घटना शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे पुणे ग्रामीण पुलिस के ससवाड पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अस्करवाड़ी इलाके में एक तालाब के पास घटी।
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता फिरोज जावेद सैयद अपने लगभग दस दोस्तों के साथ तालाब के पास इकट्ठा हुए थे और रोजा खोलने की तैयारी कर रहे थे। तभी लगभग 100 लोगों का एक समूह मोटरसाइकिलों पर वहां पहुंचा और उनसे पूछताछ करने लगा। एफआईआर में कहा गया है कि समूह ने कथित तौर पर युवकों से पूछा कि क्या यह जगह उनकी है, उन्हें अपनी टोपी उतारने को कहा और पूछा कि वे इस तरह के कपड़े पहनकर क्यों आए हैं।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि भीड़ ने कथित तौर पर युवकों को गाली दी और उन पर लाठियों और धारदार हथियारों से हमला किया। इस घटना में चार से पांच युवक घायल हो गए और उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई और उनमें से कुछ को आगे के इलाज के लिए उनके घर के पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने ससवाड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118 (1), 189 (2), 190 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, शस्त्र अधिनियम की धाराएं भी दर्ज की गई हैं। ससवाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक कुमार कदम ने बताया कि अब तक 10 से 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
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एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता फिरोज जावेद सैयद अपने लगभग दस दोस्तों के साथ तालाब के पास इकट्ठा हुए थे और रोजा खोलने की तैयारी कर रहे थे। तभी लगभग 100 लोगों का एक समूह मोटरसाइकिलों पर वहां पहुंचा और उनसे पूछताछ करने लगा। एफआईआर में कहा गया है कि समूह ने कथित तौर पर युवकों से पूछा कि क्या यह जगह उनकी है, उन्हें अपनी टोपी उतारने को कहा और पूछा कि वे इस तरह के कपड़े पहनकर क्यों आए हैं।
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शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि भीड़ ने कथित तौर पर युवकों को गाली दी और उन पर लाठियों और धारदार हथियारों से हमला किया। इस घटना में चार से पांच युवक घायल हो गए और उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई और उनमें से कुछ को आगे के इलाज के लिए उनके घर के पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने ससवाड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118 (1), 189 (2), 190 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, शस्त्र अधिनियम की धाराएं भी दर्ज की गई हैं। ससवाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक कुमार कदम ने बताया कि अब तक 10 से 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सुरक्षा प्रबंधक के परिवार को मिला 1 करोड़ का मुआवजा
ठाणे की एक लोक अदालत ने मोटर दुर्घटना के एक पुराने मामले को सुलझाते हुए पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है। यह मामला साल 2024 में हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। जिला जज एसबी अग्रवाल ने शनिवार को पीड़ित परिवार को मुआवजे का चेक सौंपा। हादसा 25 सितंबर 2024 को हुआ था। आनंद राजन नादर अपनी मोटरसाइकिल से ठाणे से भिवंडी के पडघा जा रहे थे। रास्ते में एक पेट्रोल पंप से बाहर निकल रहे तेज रफ्तार टेंपो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। आनंद को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
आनंद ने अप्रैल 2024 में ही एक कंपनी में असिस्टेंट सिक्योरिटी मैनेजर के तौर पर काम शुरू किया था। उनकी सालाना कमाई 11 लाख रुपये थी। उनकी मौत के बाद पत्नी और माता-पिता ने टेंपो मालिक और बीमा कंपनी के खिलाफ मुआवजे की अर्जी दी थी। लोक अदालत ने दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से इस मामले को सुलझाया। लोक अदालत अदालती विवादों को जल्दी और कम खर्च में सुलझाने का एक बेहतरीन जरिया है।
ठाणे की एक लोक अदालत ने मोटर दुर्घटना के एक पुराने मामले को सुलझाते हुए पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है। यह मामला साल 2024 में हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। जिला जज एसबी अग्रवाल ने शनिवार को पीड़ित परिवार को मुआवजे का चेक सौंपा। हादसा 25 सितंबर 2024 को हुआ था। आनंद राजन नादर अपनी मोटरसाइकिल से ठाणे से भिवंडी के पडघा जा रहे थे। रास्ते में एक पेट्रोल पंप से बाहर निकल रहे तेज रफ्तार टेंपो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। आनंद को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
आनंद ने अप्रैल 2024 में ही एक कंपनी में असिस्टेंट सिक्योरिटी मैनेजर के तौर पर काम शुरू किया था। उनकी सालाना कमाई 11 लाख रुपये थी। उनकी मौत के बाद पत्नी और माता-पिता ने टेंपो मालिक और बीमा कंपनी के खिलाफ मुआवजे की अर्जी दी थी। लोक अदालत ने दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से इस मामले को सुलझाया। लोक अदालत अदालती विवादों को जल्दी और कम खर्च में सुलझाने का एक बेहतरीन जरिया है।
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