Maharashtra Updates: ठाणे मर्डर केस का फरार शूटर नौ साल बाद गिरफ्तार; HIV पॉजिटिव महिलाओं की हुई गोद भराई
ठाणे जिले में हत्या के मामले में नौ साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान राजेश उर्फ उत्तम मुनेश्वर रविदास (34) के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने 15 अप्रैल को हजारीबाग से पकड़ा। मीरा भयंदर-वसई विरार पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त मदन बल्लाल ने सोमवार को बताया कि रविदास कथित तौर पर सुपारी लेकर हत्या करने वाला अपराधी है और इस मामले का मुख्य आरोपी था।
पुलिस के अनुसार, 6 अप्रैल 2017 को मीरा रोड क्षेत्र के पास श्यामू लाहिरी गौड़ (40) की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह घटना काशीमीरा पुलिस थाना क्षेत्र में हुई थी। इसके बाद काशीमीरा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 120(बी) (आपराधिक साजिश), 34 (साझा मंशा) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में दो आरोपियों को पिछले महीने ठाणे की अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी रविदास घटना के बाद से लगातार फरार था।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वह हजारीबाग में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची, कई दिनों तक निगरानी की और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी झारखंड के तलैया थाना क्षेत्र में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उस मामले में भी उसने कथित तौर पर डेढ़ लाख रुपये की सुपारी लेकर हत्या की थी।
HIV पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, मातृत्व को मिला सम्मान
परभणी शहर में एक गैर-सरकारी संगठन ने सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए दो एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं के लिए पारंपरिक गोद भराई समारोह आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य मातृत्व का सम्मान करना और समाज में एचआईवी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना था।
यह कार्यक्रम पिछले सप्ताह आयोजित किया गया, जिसमें दोनों महिलाओं का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया और उन्हें उपहारों के साथ रोजमर्रा के उपयोग की जरूरी वस्तुएं भेंट की गईं। आयोजन में मातृत्व को गरिमा, प्रेम और सहानुभूति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन होम्योपैथिक अनुसंधान और दान अकादमी (HARC) की ओर से किया गया। संस्था के प्रतिनिधि ने सोमवार को बताया कि इन दोनों महिलाओं की शादी भी संगठन के प्रयासों से ही संपन्न हुई थी।
प्रतिनिधि ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य संदेश यह था कि अगर सही समय पर इलाज, दवाइयां और चिकित्सकीय देखभाल मिले, तो एचआईवी पॉजिटिव मां से जन्म लेने वाले बच्चे पूरी तरह स्वस्थ और एचआईवी-नेगेटिव हो सकते हैं। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कली उमलताना नामक नाटक रहा, जिसे एक सांस्कृतिक समूह ने प्रस्तुत किया। इस नाटक के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य, मातृत्व, मानवता, सामाजिक समावेशन और जागरूकता का संदेश दिया गया।

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