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Maharashtra: नवी मुंबई से लापता छात्रा का लोनावाला में शव मिला, किशोर की कार की टक्कर से तीन घायल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 03 Feb 2026 07:52 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पुणे पुलिस ने बताया कि नवी मुंबई की 20 साल की एक छात्रा का शव बरामद हुआ है। छात्रा बीती 30 जनवरी को लापता हो गई थी, अब पुलिस ने लोनावाला के टाइगर पॉइंट पर 400 फीट गहरी खाई से उसका शव बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि शव को ड्रोन कैमरों की मदद से ढूंढा गया। पुलिस आत्महत्या के एंगल से जांच कर रही है और कहा कि घरेलू तनाव श्रेया नरेंद्र पाटी के इस कदम उठाने का कारण हो सकता है।
पाटी का शव रविवार को एक स्थानीय ट्रेकिंग ग्रुप - शिवदुर्ग मित्र ट्रैकर्स - ने 400 फुट गहरी खाई से निकाला। पुलिस ने बताया 'मृत लड़की कल्याण के BITs लॉ स्कूल की स्टूडेंट थी। वह 30 जनवरी को नवी मुंबई में अपने घर से यह कहकर निकली थी कि वह लोनावाला में ड्यूक नोज पर ट्रेकिंग के लिए जा रही है और शाम 5 बजे तक लौट आएगी। जब उसके परिवार ने उससे संपर्क करना शुरू किया, तो उसका फोन कवरेज क्षेत्र से बाहर था।'
पुलिस ने बताया कि लगभग 7.30 बजे, लड़की के पिता को टाइगर पॉइंट के पास एक स्नैक विक्रेता का फोन आया, जिसने उन्हें बताया कि उसे अपनी दुकान के पास एक बैग मिला है, जिसमें उसे श्रेया का कॉलेज आईडी कार्ड मिला। जांच के अनुसार, मृत लड़की शुक्रवार को सुबह लगभग 11 बजे टाइगर पॉइंट पहुंची। बाद में, वह ड्यूक नोज गई। लगभग 1.30 बजे, वह एक रिक्शा से टाइगर पॉइंट लौटी, जहां उसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।' उन्होंने आगे कहा कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन घरेलू तनाव उसके इस कदम उठाने का कारण हो सकता है।
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पाटी का शव रविवार को एक स्थानीय ट्रेकिंग ग्रुप - शिवदुर्ग मित्र ट्रैकर्स - ने 400 फुट गहरी खाई से निकाला। पुलिस ने बताया 'मृत लड़की कल्याण के BITs लॉ स्कूल की स्टूडेंट थी। वह 30 जनवरी को नवी मुंबई में अपने घर से यह कहकर निकली थी कि वह लोनावाला में ड्यूक नोज पर ट्रेकिंग के लिए जा रही है और शाम 5 बजे तक लौट आएगी। जब उसके परिवार ने उससे संपर्क करना शुरू किया, तो उसका फोन कवरेज क्षेत्र से बाहर था।'
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पुलिस ने बताया कि लगभग 7.30 बजे, लड़की के पिता को टाइगर पॉइंट के पास एक स्नैक विक्रेता का फोन आया, जिसने उन्हें बताया कि उसे अपनी दुकान के पास एक बैग मिला है, जिसमें उसे श्रेया का कॉलेज आईडी कार्ड मिला। जांच के अनुसार, मृत लड़की शुक्रवार को सुबह लगभग 11 बजे टाइगर पॉइंट पहुंची। बाद में, वह ड्यूक नोज गई। लगभग 1.30 बजे, वह एक रिक्शा से टाइगर पॉइंट लौटी, जहां उसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।' उन्होंने आगे कहा कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन घरेलू तनाव उसके इस कदम उठाने का कारण हो सकता है।
किशोर की कार की टक्कर से तीन घायल
दक्षिण मुंबई में कोस्टल रोड टनल के अंदर एक तेज रफ्तार मर्सिडीज ने एक कार को टक्कर मार दी, जिससे एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। टक्कर मारने वाली कार को कथित तौर पर एक 17 साल का किशोर चला रहा था।
रविवार तड़के हुई इस दुर्घटना के बाद, डी बी मार्ग पुलिस ने कार के मालिक अग्रीपाड़ा इलाके के एक बिजनेसमैन उसकी 18 साल की पोती और 17 साल के लड़के के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना सड़क पर एक टनल के अंदर हुई, जब दक्षिण मुंबई की ओर जा रही एक तेज रफ्तार मर्सिडीज ने पीछे से एक दूसरे वाहन को टक्कर मार दी, और फिर वह वाहन आगे जा रही दूसरी कार से टकरा गया। अधिकारी ने बताया कि जब मर्सिडीज ने दूसरी कार को टक्कर मारी, तो एक बुजुर्ग महिला सहित एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए।
रविवार तड़के हुई इस दुर्घटना के बाद, डी बी मार्ग पुलिस ने कार के मालिक अग्रीपाड़ा इलाके के एक बिजनेसमैन उसकी 18 साल की पोती और 17 साल के लड़के के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना सड़क पर एक टनल के अंदर हुई, जब दक्षिण मुंबई की ओर जा रही एक तेज रफ्तार मर्सिडीज ने पीछे से एक दूसरे वाहन को टक्कर मार दी, और फिर वह वाहन आगे जा रही दूसरी कार से टकरा गया। अधिकारी ने बताया कि जब मर्सिडीज ने दूसरी कार को टक्कर मारी, तो एक बुजुर्ग महिला सहित एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए।
पोर्श कार हादसा- सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पीड़ित परिवार की नाराजगी
महाराष्ट्र के पुणे जिले के चर्चित पोर्श कार हादसे में सुप्रीम कोर्ट ने खून के सैंपल से छेड़छाड़ में मदद करने के आरोप में तीन लोगों को जमानत दे दी है। इनमें एक कथित बिचौलिया और कार में मौजूद दो नाबालिगों के माता-पिता शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि वे 18 महीने से जेल में हैं और ऐसे मामलों में माता-पिता की भी जिम्मेदारी होती है। वहीं कोर्ट के इस फैसले पर पीड़ित अनिश आवाधिया के परिवार ने नाराजगी जताई है। परिवार का कहना है कि जमानत मिलने से समाज में गलत संदेश गया है और अमीर परिवार होने के कारण शुरू से ही आरोपियों को बचाने की कोशिश हुई। उन्होंने जमानत रद्द करने की मांग की है।
इस हादसे में एक 17 वर्षीय नाबालिग, जो शराब के नशे में कार चला रहा था, मुख्य आरोपी है। पहले उसे भी आसान शर्तों पर जमानत मिली थी, जिससे देशभर में विरोध हुआ। बाद में उसे सुधार गृह भेजा गया, हालांकि हाईकोर्ट ने बाद में उसकी रिहाई का आदेश दिया। फिलहाल, खून के सैंपल बदलने के मामले में कई आरोपी जेल जा चुके हैं, जबकि तीन को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।
इस हादसे में एक 17 वर्षीय नाबालिग, जो शराब के नशे में कार चला रहा था, मुख्य आरोपी है। पहले उसे भी आसान शर्तों पर जमानत मिली थी, जिससे देशभर में विरोध हुआ। बाद में उसे सुधार गृह भेजा गया, हालांकि हाईकोर्ट ने बाद में उसकी रिहाई का आदेश दिया। फिलहाल, खून के सैंपल बदलने के मामले में कई आरोपी जेल जा चुके हैं, जबकि तीन को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।
ठाणे की ऊंची इमारत में आग, 70 से अधिक लोग बचाए गए
महाराष्ट्र के ठाणे शहर में मंगलवार तड़के एक रिहायशी इमारत में आग लगने की घटना से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दो लोग झुलस गए, जबकि करीब 70 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। आग सुबह करीब 4:14 बजे शास्त्री नगर इलाके की 18 मंजिला मिलन हिल बिल्डिंग में लगी। ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख यासिन तड़वी के अनुसार, आग इमारत के 10वें माले पर इलेक्ट्रिक डक्ट में लगी थी। देखते ही देखते आग 10वीं से 13वीं मंजिल तक फैल गई, जिससे पूरी इमारत में घना धुआं भर गया।
धुएं की वजह से कई लोग अपने फ्लैट्स में फंस गए थे। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद करीब 70 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना में 62 और 74 साल के दो निवासी झुलस गए, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग से 10वें माले पर स्थित दो फ्लैट्स के मुख्य दरवाजों और इलेक्ट्रिक डक्ट को नुकसान पहुंचा है। दमकल कर्मियों ने सुबह 5:30 बजे तक आग पर काबू पा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
महाराष्ट्र के ठाणे शहर में मंगलवार तड़के एक रिहायशी इमारत में आग लगने की घटना से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दो लोग झुलस गए, जबकि करीब 70 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। आग सुबह करीब 4:14 बजे शास्त्री नगर इलाके की 18 मंजिला मिलन हिल बिल्डिंग में लगी। ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख यासिन तड़वी के अनुसार, आग इमारत के 10वें माले पर इलेक्ट्रिक डक्ट में लगी थी। देखते ही देखते आग 10वीं से 13वीं मंजिल तक फैल गई, जिससे पूरी इमारत में घना धुआं भर गया।
धुएं की वजह से कई लोग अपने फ्लैट्स में फंस गए थे। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद करीब 70 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना में 62 और 74 साल के दो निवासी झुलस गए, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग से 10वें माले पर स्थित दो फ्लैट्स के मुख्य दरवाजों और इलेक्ट्रिक डक्ट को नुकसान पहुंचा है। दमकल कर्मियों ने सुबह 5:30 बजे तक आग पर काबू पा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
विल्सन कॉलेज जिमखाना वापसी की मांग, मुंबई में छात्रों और नागरिकों का प्रदर्शन
दक्षिण मुंबई में सोमवार को स्थानीय निवासियों, छात्रों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर विल्सन कॉलेज जिमखाना को वापस कॉलेज को सौंपने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह जिमखाना पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से कॉलेज से जुड़ा रहा है। यह विरोध प्रदर्शन विल्सन कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन, स्थानीय नागरिकों और कई सामाजिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। स्थानीय संगठन आम्ही गिरगांवकर के अध्यक्ष आदित्य परब ने बताया कि कोविड-19 के दौरान यह जिमखाना जैन इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन को सौंप दिया गया था, जिसके बाद से आम लोगों और छात्रों की वहां पहुंच बंद हो गई।
परब ने कहा, 'बचपन से हम इस मैदान में क्रिकेट और फुटबॉल खेलते आए हैं। जब यह विल्सन कॉलेज के पास था, तब सभी को खेलने की आज़ादी थी। अब वह सुविधा खत्म हो गई है।' प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार जिमखाना वापस विल्सन कॉलेज को नहीं सौंपती और स्थानीय लोगों को दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मुद्दे पर जैन इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
दक्षिण मुंबई में सोमवार को स्थानीय निवासियों, छात्रों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर विल्सन कॉलेज जिमखाना को वापस कॉलेज को सौंपने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह जिमखाना पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से कॉलेज से जुड़ा रहा है। यह विरोध प्रदर्शन विल्सन कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन, स्थानीय नागरिकों और कई सामाजिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। स्थानीय संगठन आम्ही गिरगांवकर के अध्यक्ष आदित्य परब ने बताया कि कोविड-19 के दौरान यह जिमखाना जैन इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन को सौंप दिया गया था, जिसके बाद से आम लोगों और छात्रों की वहां पहुंच बंद हो गई।
परब ने कहा, 'बचपन से हम इस मैदान में क्रिकेट और फुटबॉल खेलते आए हैं। जब यह विल्सन कॉलेज के पास था, तब सभी को खेलने की आज़ादी थी। अब वह सुविधा खत्म हो गई है।' प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार जिमखाना वापस विल्सन कॉलेज को नहीं सौंपती और स्थानीय लोगों को दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मुद्दे पर जैन इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
