सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Maharashtra ›   Maharashtra politics Civic Polls BJP falls short of majority ncp Sharad Pawar become kingmaker know equations

Maharashtra Civic Polls: अकोला-सांगली में भाजपा बहुमत से चूकी, किंगमेकर बन सकते हैं शरद पवार; क्या हैं समीकरण?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sat, 24 Jan 2026 04:00 PM IST
विज्ञापन
सार

सांगली और अकोला नगर निगमों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत से पीछे रह गई। दोनों जगह एनसीपी (एसपी) के तीन-तीन पार्षद निर्णायक भूमिका में हैं। समर्थन को लेकर तेज बातचीत चल रही है। आइए जानते हैं क्या कहता है आंकड़ों का गणित। क्या इस सीट पर शरद पवार किंगमेकर की भूमिका बना पाएंगे?

Maharashtra politics Civic Polls BJP falls short of majority ncp Sharad Pawar become kingmaker know equations
एनसीपी एसपी के प्रमुख शरद पवार - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

महाराष्ट्र की नगर राजनीति में नया समीकरण उभर आया है। सांगली और अकोला नगर निगमों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से चूक गई है। ऐसे में एनसीपी (एसपी) दोनों निकायों में निर्णायक भूमिका में आ गई है। तीन-तीन पार्षदों के साथ यह दल सत्ता गठन की दिशा तय करने वाला किंगमेकर बन गया है।

Trending Videos


78 सदस्यीय सांगली-मिरज-कुपवाड़ नगर निगम में भाजपा को 39 सीटें मिली हैं, जबकि बहुमत के लिए 40 की जरूरत है। कांग्रेस को 18, अजित पवार गुट की एनसीपी को 16, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को दो और एनसीपी (एसपी) को तीन सीटें मिली हैं। भाजपा बहुमत से एक कदम दूर रह गई, जिससे समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- अमित कुमार मिश्रा जॉर्जिया में भारत के नए राजदूत नियुक्त, कूटनीति में दो दशकों से अधिक का अनुभव

अकोला नगर निगम का सियासी गणित

  • अकोला नगर निगम में कुल 80 सदस्य हैं।
  • बहुमत के लिए 41 सीटों की जरूरत है।
  • भाजपा को 38 सीटें मिली हैं, जो बहुमत से तीन कम हैं।
  • कांग्रेस ने 21 सीटें जीती हैं।
  • शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को छह सीटें मिली हैं।
  • एनसीपी (एसपी) के खाते में तीन सीटें आई हैं।
  • एनसीपी और शिवसेना (शिंदे) को एक-एक सीट मिली है।
  • एआईएमआईएम, वीबीए और निर्दलीय मिलाकर 10 अन्य पार्षद हैं।
  • अकोला नगर निगम में भी एनसीपी (एसपी) की भूमिका निर्णायक बन गई है।


समर्थन को लेकर तेज बातचीत
दोनों नगर निगमों में सत्ता गठन के लिए तेज राजनीतिक बातचीत चल रही है। भाजपा को बहुमत के लिए या तो छोटे दलों का साथ चाहिए या निर्दलीयों का समर्थन। इसी बीच खबरें हैं कि एनसीपी (एसपी) के पार्षद भाजपा के संपर्क में हैं। हालांकि सांगली में एनसीपी (एसपी) के पार्षद अभिजीत कोली ने कहा कि उनकी पार्टी महाविकास आघाड़ी के घटक के तौर पर चुनी गई है और सत्ता में हो या विपक्ष में, जनहित और विकास के लिए काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगला कदम पार्टी नेतृत्व तय करेगा।


ये भी पढ़ें- बाजरे की पहली थ्री-वे हाइब्रिड किस्म से 27% तक बढ़त, किसानों को ऐसे होगा दोहरा फायदा

स्थानीय स्तर पर गैर-राजनीतिक विकल्प की बात
अकोला को लेकर एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा कि स्थानीय स्तर पर सभी दलों के बीच बातचीत चल रही है, ताकि विकास और जनकल्याण पर काम करने वाला स्थानीय गठबंधन बनाया जा सके। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी तरह का गठबंधन दलों और उनके चुनाव चिह्नों के आधार पर नहीं, बल्कि स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। इस बीच भाजपा के सामने चुनौती है कि वह बहुमत जुटाए या फिर विपक्ष में बैठने की रणनीति बनाए। साफ है कि सांगली और अकोला में सत्ता की चाबी फिलहाल एनसीपी (एसपी) के हाथ में है।


अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article