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Maharasthra: उत्तर भारतीय के लिए महाराष्ट्र की भाषा का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य, 15 अगस्त तक मिली है छूट

Tue, 11 Aug 2026 01:30 PM IST
न्यूज डेस्क सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला।
सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला। Published by: न्यूज डेस्क Updated Tue, 11 Aug 2026 01:30 PM IST
सार

मुंबई में ऑटो और टैक्सी चालक मराठी भाषा सीख रहे हैं। 1.10 लाख ऑटो और टैक्सी चालक सीख चुके मराठी।

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Maharashtra Practical knowledge of Marathi language mandatory for North Indians exemption granted until Aug 15
मराठी सीख रहे मुंबई के टैक्सी चालक - फोटो : अमर उजाला प्रिंट-एएनआई

विस्तार

मुंबई की सड़कों पर ऑटो-टैक्सी चलाकर अपने परिवार का पेट पालने वाले उत्तर भारतीय आजकल स्टेयरिंग छोड़ मराठी की कक्षा में बैठ रहे हैं। दरअसल, उनके लिए मराठी सीखना महज सरकारी फरमान का पालन नहीं, बल्कि पापी पेट की मजबूरी बन गई है। डर है कि अगर, उन्होंने मराठी नहीं सीखी तो 17 अगस्त से उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

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महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। इसलिए हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी शिक्षण अभियान के तहत 1 मई से गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों को महाराष्ट्र की भाषा सिखाने का अभियान चल रहा है। क्षेत्रीय परिवहन विभाग, मुंबई मराठी साहित्य संघ, राज्य मराठी विकास संस्था और कोकण मराठी साहित्य परिषद के शिक्षक गैरमराठी ऑटो व टैक्सी चालकों को मराठी बोलने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। अभियान न केवल मुंबई महानगर क्षेत्र बल्कि पूरे महाराष्ट्र में चला रहा है।
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टूटी-फूटी मराठी से नहीं चलेगा काम
प्रशिक्षण पाने वालों में ज्यादातर यूपी व बिहार के लोग हैं जिन्होंने वर्षों से ऑटो-टैक्सी चलाते हुए टूटी-फूटी मराठी सीखी है। लेकिन, अब उनके लिए बकायदा मराठी पढ़ना, बोलना और समझना जरूरी हो गया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि मराठी सीखो अन्यथा 17 अगस्त के बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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प्रशिक्षण के बाद ली जा रहीं परीक्षाएं
आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में 3 से 4.5 लाख ऑटो रिक्शा हैं जबकि काली-पीली टैक्सियों की संख्या 60,000 है। लेकिन, चालकों की संख्या इससे कहीं अधिक है क्योंकि ऑटो और टैक्सियां दो शिफ्ट में चलाई जाती है। रविवार तक मराठी सीखने के लिए चालकों की तरफ से 1.35 लाख आवेदन आ चुके थे और इनमें से अब तक 1.10 लाख मराठी का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। प्रशिक्षण के बाद बकायदा परीक्षाएं ली जा रही हैं। हालांकि, इसमें अधिकतर पास हो रहे हैं लेकिन फेल होने वाले चालकों के सामने रोजी रोटी का बड़ा संकट पैदा हो गया है।


भाजपा ने शुरू की सबसे बड़ी मराठी पाठशाला
मुंबई भाजपा के उत्तर भारतीय मोर्चा ने मुंबई पब्लिक स्कूल में अब तक की सबसे बड़ी मराठी पाठशाला शुरू की है। बीते तीन दिनों में इस पाठशाला में करीब दस हजार से अधिक ऑटो और टैक्सी चालक मराठी बोलने का प्रशिक्षण ले चुके हैं। मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा कहते हैं कि पहल केवल मराठी सिखाने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि हम ऑटो-टैक्सी चालकों के साथ पूरी ताकत से खड़े रहेंगे।

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