{"_id":"6ae58883c3c86d3891055ea3","slug":"maharashtra-shiv-sena-leader-shina-nc-face-cyber-scam-police-intervention-save-her-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर ठगों के जाल में फंसीं थीं शिवसेना नेता शाइना एनसी: पुलिस ने ऐसे बचा लिए लाखों रुपये! क्या है पूरा मामला?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
साइबर ठगों के जाल में फंसीं थीं शिवसेना नेता शाइना एनसी: पुलिस ने ऐसे बचा लिए लाखों रुपये! क्या है पूरा मामला?
Sat, 31 Oct 2026 11:49 AM IST
सुनील मेहरोत्रा
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: सुनील मेहरोत्रा
Updated Sat, 31 Oct 2026 11:49 AM IST
सार
शिवसेना नेता शाइना एनसी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अपराधियों तक पुलिस पहुंच गई है। पुलिस ने तीन महीने की कड़ी मशक्कत के बाद आरोपियों के पास से लाखों रुपये फ्रीज कराने में सफलता हासिल की है।
विज्ञापन
शाइना एनसी
- फोटो : Instagram/ Shaina NC
विस्तार
शिवसेना नेता शाइना एनसी के नाम का गलत इस्तेमाल कर लोगों से साइबर ठगी करने वाले अपराधियों के बैंक खातों को आखिरकार मुंबई पुलिस ने ट्रैक कर लिया है। करीब तीन महीने की जांच और अलग-अलग राज्यों में की गई भागदौड़ के बाद मुंबई की गांवदेवी पुलिस ने ठगी के शिकार लोगों को बड़ी राहत दिलाई है। पुलिस ने कुल 4 लाख 90 हजार रुपये की ठगी में से 3 लाख 15 हजार रुपये वापस दिलाने या फ्रीज कराने में सफलता हासिल की है। इस रकम को बचाने के लिए पुलिस ने महाराष्ट्र के भंडारा से लेकर बिहार तक पैसों के लेन-देन का सुराग लगाया और संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराया।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 16 जुलाई का है, जब साइबर ठगों ने किसी तरह शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी के मोबाइल फोन का एक्सेस ले लिया था । इसके बाद साइबर ठगो ने उनके फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल परिचितों और जानकारों को उनके नाम से मैसेज भेजने शुरू कर दिए। इन मैसेजों में तुरंत 49 हजार रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया था। साथ ही भरोसा दिलाया गया था कि महज दो घंटे के भीतर रकम वापस कर दी जाएगी। मैसेज शाइना एनसी के नाम से आए थे, इसलिए लोगों को उन पर शक नहीं हुआ और उन्होंने पैसे भेज दिए। जब तक लोगों को ठगी का अहसास हुआ, तब तक कई लोग कुल 4 लाख 90 हजार रुपये गंवा चुके थे।
जैसे ही शाइना एनसी को पता चला कि उनके फोन का गलत इस्तेमाल कर कोई उनके परिचितों से पैसे मांग रहा है, उन्होंने तुरंत गांवदेवी पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान भी वह लगातार पुलिस के संपर्क में रहीं, ताकि ठगी गई रकम का पता लगाया जा सके और पीड़ितों के पैसे वापस दिलाए जा सकें। पुलिस ने जांच शुरू की और शिकायतकर्ताओं के बैंक खातों से हुए लेन-देन की पड़ताल की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम कई अलग-अलग खातों से गुजरने के बाद आखिरकार दो मुख्य बैंक खातों में पहुंची थी। पुलिस ने संबंधित बैंकों से संपर्क कर खाताधारकों की जानकारी हासिल की। पड़ताल में इन खातों के तार महाराष्ट्र के भंडारा और बिहार से जुड़े मिले। इसके बाद पुलिस ने दोनों खातों को फ्रीज करवा दिया, ताकि ठग उनमें जमा रकम न निकाल सकें।
विज्ञापन
पुलिस ने बरामद की नकदी
पुलिस टीम ने भंडारा से 1 लाख 68 हजार रुपये नकद और बिहार से 98 हजार रुपये बरामद किए। इसके अलावा, एक पीड़ित पंकज जैन की सतर्कता से उनके 49 हजार रुपये बच गए। ठगी का पता चलते ही उन्होंने अपने बैंक को सूचना दे दी थी। इससे समय रहते ट्रांजैक्शन रुक गया और बाद में पूरी रकम उन्हें वापस मिल गई। इस तरह नकद बरामदगी और बैंक खातों में सुरक्षित कराई गई रकम को मिलाकर कुल 3 लाख 15 हजार रुपये बचाए जा चुके हैं। हालांकि, ठग कई हजार रुपये पहले ही नकद निकाल चुके थे। पुलिस अब इस बाकी रकम का पता लगाने में जुटी है।
इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने फिर एक बार आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी के साथ ऑनलाइन या साइबर ठगी होती है, तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सूचना मिलने पर बैंक और संबंधित अधिकारी ठगी की रकम को दूसरे खातों में जाने या निकाले जाने से रोक सकते हैं।
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 16 जुलाई का है, जब साइबर ठगों ने किसी तरह शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी के मोबाइल फोन का एक्सेस ले लिया था । इसके बाद साइबर ठगो ने उनके फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल परिचितों और जानकारों को उनके नाम से मैसेज भेजने शुरू कर दिए। इन मैसेजों में तुरंत 49 हजार रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया था। साथ ही भरोसा दिलाया गया था कि महज दो घंटे के भीतर रकम वापस कर दी जाएगी। मैसेज शाइना एनसी के नाम से आए थे, इसलिए लोगों को उन पर शक नहीं हुआ और उन्होंने पैसे भेज दिए। जब तक लोगों को ठगी का अहसास हुआ, तब तक कई लोग कुल 4 लाख 90 हजार रुपये गंवा चुके थे।
विज्ञापन
जैसे ही शाइना एनसी को पता चला कि उनके फोन का गलत इस्तेमाल कर कोई उनके परिचितों से पैसे मांग रहा है, उन्होंने तुरंत गांवदेवी पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान भी वह लगातार पुलिस के संपर्क में रहीं, ताकि ठगी गई रकम का पता लगाया जा सके और पीड़ितों के पैसे वापस दिलाए जा सकें। पुलिस ने जांच शुरू की और शिकायतकर्ताओं के बैंक खातों से हुए लेन-देन की पड़ताल की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम कई अलग-अलग खातों से गुजरने के बाद आखिरकार दो मुख्य बैंक खातों में पहुंची थी। पुलिस ने संबंधित बैंकों से संपर्क कर खाताधारकों की जानकारी हासिल की। पड़ताल में इन खातों के तार महाराष्ट्र के भंडारा और बिहार से जुड़े मिले। इसके बाद पुलिस ने दोनों खातों को फ्रीज करवा दिया, ताकि ठग उनमें जमा रकम न निकाल सकें।
विज्ञापन
पुलिस ने बरामद की नकदी
पुलिस टीम ने भंडारा से 1 लाख 68 हजार रुपये नकद और बिहार से 98 हजार रुपये बरामद किए। इसके अलावा, एक पीड़ित पंकज जैन की सतर्कता से उनके 49 हजार रुपये बच गए। ठगी का पता चलते ही उन्होंने अपने बैंक को सूचना दे दी थी। इससे समय रहते ट्रांजैक्शन रुक गया और बाद में पूरी रकम उन्हें वापस मिल गई। इस तरह नकद बरामदगी और बैंक खातों में सुरक्षित कराई गई रकम को मिलाकर कुल 3 लाख 15 हजार रुपये बचाए जा चुके हैं। हालांकि, ठग कई हजार रुपये पहले ही नकद निकाल चुके थे। पुलिस अब इस बाकी रकम का पता लगाने में जुटी है।
इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने फिर एक बार आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी के साथ ऑनलाइन या साइबर ठगी होती है, तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सूचना मिलने पर बैंक और संबंधित अधिकारी ठगी की रकम को दूसरे खातों में जाने या निकाले जाने से रोक सकते हैं।