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Maharashtra: 'अजित पवार की एनसीपी का शरद पवार की पार्टी के साथ विलय होगा', संजय राउत का बड़ा दावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 24 Jan 2026 03:39 PM IST
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सार
बीएमसी के मेयर पद को लेकर जारी खींचतान के बीच शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी एसपी का विलय होगा। राउत ने कहा कि अजित पवार दो नावों की सवारी नहीं कर सकते।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत
- फोटो : ANI
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विस्तार
शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने शनिवार को दावा किया कि एनसीपी के दोनों गुट एक साथ आएंगे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार जल्द ही महा विकास अघाड़ी गठबंधन में लौट आएंगे, क्योंकि उनका दिल अपने परिवार के साथ है। शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने दावा किया कि सत्ताधारी एनसीपी का शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) में विलय हो भी गया है, क्योंकि दोनों पार्टियों ने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में 'घड़ी' चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा।
संजय राउत ने एनसीपी के विलय का किया दावा
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संजय राउत ने एनसीपी के विलय का किया दावा
- संजय राउत ने कहा, 'हालांकि अजित पवार महायुति का हिस्सा हैं, फिर भी वह महा विकास अघाड़ी से जुड़े हुए हैं। शरद पवार और अजित पवार महा विकास अघाड़ी के हिस्से के रूप में एक साथ आएंगे। अजित पवार दो नावों पर सवार नहीं हो सकते।'
- अजित पवार जुलाई 2024 में आठ विधायकों के साथ तत्कालीन एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे, जिसके कारण एनसीपी में फूट पड़ गई थी। अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को पार्टी का नाम और 'घड़ी' चुनाव चिन्ह मिला, जबकि शरद पवार के गुट को अब एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नाम से जाना जाता है।
- एनसीपी के गुटों ने इस महीने की शुरुआत में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में नगर निगम चुनावों के लिए गठबंधन किया था और 5 फरवरी को होने वाले नागरिक निकाय चुनावों के तीसरे चरण के लिए भी गठबंधन की घोषणा की है। वे अजित पवार के नेतृत्व वाली पार्टी के घड़ी चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे।
- राउत ने आगे आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में मेयर पद को लेकर भाजपा से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व भी झुकने को तैयार नहीं है।
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- हाल ही में हुए बीएमसी चुनाव में भाजपा ने 89 सीटें जीतीं और उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं, और 227 सदस्यीय BMC में महायुति गठबंधन को बहुमत मिला। हालांकि मेयर पद को लेकर दोनों पार्टियों के बीच विवाद होने का दावा किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मेयर पद पर दावा ठोक दिया है। हालांकि शिंदे से जब इसे लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मुंबई में महायुति का मेयर होगा, लेकिन उन्होंने इस मामले पर अपने रुख के बारे में विस्तार से नहीं बताया।
- मुंबई के मेयर का पद काफी हद तक औपचारिक होता है, लेकिन यह सत्ताधारी पार्टी के राजनीतिक दबदबे का प्रतीक है। बीएमसी देश ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे अमीर नगर निगमों में से एक है। मेयर ही बीएमसी की महत्वपूर्ण नागरिक बैठकों की अध्यक्षता करता है।
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