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महाराष्ट्र: राम, हनुमान और अयोध्या के सहारे शिवसेना का मिशन 'हिंदुत्व' तैयार! राज ठाकरे की काट के लिए खेला यह बड़ा दांव

Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Fri, 06 May 2022 08:04 AM IST
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सार
शिवसेना से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक उनकी पार्टी ने हिंदुत्व को कभी दरकिनार नहीं है किया है और न ही आगे ऐसी कोई मंशा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता कहते हैं कि उनकी पार्टी हमेशा से बालासाहब ठाकरे के आदर्शों को मान कर ही आगे चलती रही है। वह कहते हैं कि राज ठाकरे को महाराष्ट्र में हिंदू ओवैसी के तौर पर दूसरी राजनीतिक पार्टियों द्वारा प्रोजेक्ट किया जा रहा है...
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Maharashtra: to counter raj thackeray, CM Uddhav Thackeray along with thousands of Shiv Sainiks including his son Aditya Thackeray Ayodhya between May 12 and 14
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

महाराष्ट्र में जैसे-जैसे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राज ठाकरे कट्टर हिंदुत्व का चेहरा बनते जा रहे हैं। शिवसेना के लिए उतनी ही परेशानियां खड़ी होती जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने बेटे और कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे समेत हजारों शिव सैनिको के साथ 12 से 14 मई के बीच में अयोध्या पहुंच रहे हैं। इसके लिए बाकायदा शिवसेना सांसद संजय राउत की अगुवाई में पूरी तैयारियां को अमली जामा पहना दिया गया है। अयोध्या के महंत और पुजारियों से मुलाकातें और चर्चाएं भी हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक अयोध्या के होटलों में कमरे तक बुक करा लिए गए हैं।


 

बीते कुछ समय से जिस तरीके से महाराष्ट्र में सत्ता के हाशिए पर पहुंचे राज ठाकरे ने हनुमान चालीसा और मस्जिदों से लाउडस्पीकर को हटाने के मामले में उग्र रुख अख्तियार किया है, उससे हिंदुत्व की झंडाबरदार पार्टी शिवसेना के सामने कई तरह की चुनौतियां आने लगी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती शिवसेना को अपनी कट्टर हिंदुत्व की छवि को बरकरार रखने की है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक गठबंधन की सरकार में आने के साथ ही शिवसेना की कट्टरता तमाम राजनैतिक कारणों की वजह से कमजोर हुई है। जबकि राज ठाकरे ने शिवसेना के इसी कट्टर हिंदुत्व के गैप को भरने के लिए अपने चेहरे और पार्टी को ज्यादा उग्र कर लिया है।




 

राज ठाकरे के पास कोई विचारधारा नहीं

शिवसेना से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक उनकी पार्टी ने हिंदुत्व को कभी दरकिनार नहीं है किया है और न ही आगे ऐसी कोई मंशा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता कहते हैं कि उनकी पार्टी हमेशा से बालासाहब ठाकरे के आदर्शों को मान कर ही आगे चलती रही है। वह कहते हैं कि राज ठाकरे को महाराष्ट्र में हिंदू ओवैसी के तौर पर दूसरी राजनीतिक पार्टियों द्वारा प्रोजेक्ट किया जा रहा है। जब पार्टी की अपनी कोई विचारधारा नहीं होती है, तभी वह दूसरों की विचारधारा और अगुवाई में ऐसी उग्रता करता है।

महाराष्ट्र में राज ठाकरे के मस्जिदों में लाउडस्पीकर को बंद करने के बयानों समेत सड़कों पर हनुमान चालीसा पढ़ने जैसे बयानों के दौरान शिवसेना ने महाराष्ट्र की बजाय अयोध्या की ओर प्रस्थान किया है। पहले योजना यही थी कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे अपने पूरे लाव लश्कर के साथ अयोध्या आएंगे। लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस कार्यक्रम में बदलाव हुआ है। योजना यह है कि इसी महीने 12 से 14 मई के बीच में मुख्यमंत्री ठाकरे भी अपने पूरे दलबल के साथ अयोध्या पहुंच रहे हैं। सूत्रों का कहना है इस पूरे मामले में शिवसेना के सांसद संजय राऊत अगुवाई कर रहे हैं। संजय राउत के दिशा निर्देशन में ही उनकी टीम ने अयोध्या के संत महात्माओं और पुजारियों से संपर्क भी किया है।

अयोध्या में कई होटल किए बुक

योजना के मुताबिक उद्धव ठाकरे रामलला के दर्शन कर अयोध्या के तमाम मंदिरों में मत्था टेकेंगे और सरयू नदी में स्नान भी करेंगे। शिवसेना के सूत्रों के मुताबिक इस पूरे कार्यक्रम के लिए अयोध्या के कई प्रमुख होटल के कमरे अभी से बुक किए जा चुके हैं। शिवसेना के नेताओं के अयोध्या पहुंचने पर राजनैतिक विश्लेषकों का कहना है कि दरअसल पार्टी महाराष्ट्र में इस बात का संदेश देना चाहती है कि वह हिंदुत्व के साथ हमेशा से खड़े रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरीके से महाराष्ट्र में राज ठाकरे ने शिवसेना को घेर कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी की प्राथमिकता हिंदुत्व नहीं बल्कि सरकार चलाना है। यही वजह है कि अपना पक्ष मजबूत करने के लिए शिवसेना के बड़े नेता अयोध्या पहुंचकर महाराष्ट्र की राजनीति को संदेश यह देना चाह रहे हैं।
 

वहीं महाराष्ट्र में राज ठाकरे ने पूरे देश के लोगों से अपील जारी कर कहा है कि मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर को बंद करवाने में उनका सहयोग किया जाए। राज ठाकरे ने सरकार को धमकी देते हुए कहा कि देश में इतनी जेलें भी नहीं हैं कि पूरे देश के हिंदुओं को सलाखों के पीछे रख सके। राजनीतिक विश्लेषक हरीश वानखेडे कहते हैं कि राज ठाकरे का पूरे देश के हिंदुओं के लिए संबोधित करता हुआ यह बयान बताता है कि इस पूरे मामले में राज ठाकरे खुद को देश के एक बड़े हिंदुत्ववादी चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट कर रहे हैं। हरीश के मुताबिक राज ठाकरे महाराष्ट्र में तो हिंदुत्ववादी चेहरे के तौर पर खुद को प्रोजेक्ट कर सकते हैं, लेकिन देश में जब वह राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा बनने की कोशिश करेंगे तो उनके लिए तमाम राजनीतिक चुनौतियां भी सामने आएंगी। शिवसेना के नेताओं के बाद ही राज ठाकरे का भी अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के साथ-साथ अन्य मंदिरों में जाने का कार्यक्रम तय है। वे कहते हैं अयोध्या में महाराष्ट्र के बड़े नेताओं का आने का मकसद रामलला के दर्शन से ज्यादा महाराष्ट्र की राजनीति में इस नैरेटिव को सेट करना है कि हिंदुत्व की असली झंडाबरदार पार्टी और चेहरा वही हैं।

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