{"_id":"66db0f5b951bba885209667e","slug":"meghwal-questions-bengal-for-operationalising-few-special-courts-for-crimes-against-women-2024-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"RG Kar Case: बंगाल के मात्र इतने ही जिलों में क्यों हैं फास्ट ट्रैक अदालतें? केंद्र ने ममता सरकार से पूछा सवाल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
RG Kar Case: बंगाल के मात्र इतने ही जिलों में क्यों हैं फास्ट ट्रैक अदालतें? केंद्र ने ममता सरकार से पूछा सवाल
Fri, 06 Sep 2024 07:49 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 06 Sep 2024 07:49 PM IST
सार
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के मामले में आलोचना झेल रही पश्चिम बंगाल सरकार से केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सवाल पूछा है कि राज्य के कुछ ही जिलों में विशेष अदालतें क्यों हैं।
विज्ञापन
बंगाल के मात्र इतने ही जिलों में क्यों हैं फास्ट ट्रैक अदालतें?
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों में जल्द न्याय देने के लिए केवल पांच से छह जिलों में फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें स्थापित करने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य ने और अधिक जिलों में ऐसी अदालतें स्थापित करने के लिए नए प्रस्ताव भेजे हैं।
आरजी कर केस को मंत्री ने बताया शर्मनाक
दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि कोलकाता में एक महिला डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या की घटना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद की गई कार्रवाई में गलतियों की ओर ध्यान दिलाया गया है, जो कि काफी धीमी थी।
सिर्फ पांच-छह जिलों में हैं फास्ट ट्रैक कोर्ट
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। तब (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत के बारे में एक पत्र लिखा था। (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के लिए) योजना पहले से ही मौजूद है। उन्होंने कहा कि पांच-छह जिलों को छोड़कर, (पश्चिम बंगाल में) अदालतें स्थापित नहीं की गई हैं। अब कुछ जिलों के लिए उनके प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
विज्ञापन
पुलिस के रवैये पर उठाए गए हैं सवाल- मेघवाल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए गए हैं, मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसे छुपाने के लिए, ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी की तरफ से ममता बनर्जी को हाल ही में लिखे गए पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार ने दुष्कर्म और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम के मामलों से निपटने के लिए अतिरिक्त 11 फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों को चालू नहीं किया है।
केंद्र और राज्य सरकार के बीच जारी है 'पत्र युद्ध'
वहीं इससे पहले केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने 88 फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित किए हैं, जो केंद्र सरकार की योजना के तहत आने वाले फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों के समान नहीं हैं। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार पत्र लिखा है। अपने नए पत्र में, उन्होंने दुष्कर्म /दुष्कर्म और हत्या के मामलों के समयबद्ध निपटान के लिए अनिवार्य प्रावधान की मांग की है।
विज्ञापन
आरजी कर केस को मंत्री ने बताया शर्मनाक
दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि कोलकाता में एक महिला डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या की घटना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद की गई कार्रवाई में गलतियों की ओर ध्यान दिलाया गया है, जो कि काफी धीमी थी।
विज्ञापन
सिर्फ पांच-छह जिलों में हैं फास्ट ट्रैक कोर्ट
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। तब (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत के बारे में एक पत्र लिखा था। (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के लिए) योजना पहले से ही मौजूद है। उन्होंने कहा कि पांच-छह जिलों को छोड़कर, (पश्चिम बंगाल में) अदालतें स्थापित नहीं की गई हैं। अब कुछ जिलों के लिए उनके प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
विज्ञापन
पुलिस के रवैये पर उठाए गए हैं सवाल- मेघवाल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए गए हैं, मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसे छुपाने के लिए, ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी की तरफ से ममता बनर्जी को हाल ही में लिखे गए पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार ने दुष्कर्म और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम के मामलों से निपटने के लिए अतिरिक्त 11 फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों को चालू नहीं किया है।
केंद्र और राज्य सरकार के बीच जारी है 'पत्र युद्ध'
वहीं इससे पहले केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने 88 फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित किए हैं, जो केंद्र सरकार की योजना के तहत आने वाले फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों के समान नहीं हैं। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार पत्र लिखा है। अपने नए पत्र में, उन्होंने दुष्कर्म /दुष्कर्म और हत्या के मामलों के समयबद्ध निपटान के लिए अनिवार्य प्रावधान की मांग की है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन