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मेटा पर सरकार की सख्ती जारी: अब व्हाट्सएप भी चर्चा में; क्या कुछ और दिनों तक भारत में रहेगी जुकरबर्ग की टीम?

Thu, 06 Aug 2026 05:45 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 06 Aug 2026 05:45 PM IST
सार

केंद्र सरकार और मेटा के बीच बातचीत का दौर जारी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मेटा की वैश्विक टीम कुछ और दिनों तक भारत में रहेगी और कई अहम बैठकें होंगी। इन बैठकों में व्हाट्सऐप से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। सरकार यह समझना चाहती है कि क्या मेटा के सभी प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। क्या इन बैठकों के बाद नए नियम या बदलाव देखने को मिल सकते हैं? आइए, सबकुछ विस्तार से समझते हैं...

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Meta Under Government Scrutiny Why Zuckerbergs Team Staying in India for More Talks on WhatsApp
सरकार ने शुरू की विस्तृत समीक्षा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केंद्र सरकार और मेटा के बीच भारतीय कानूनों के पालन को लेकर बातचीत का दौर जारी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मेटा की वैश्विक टीम अगले कुछ दिनों तक भारत में ही रहेगी। इस दौरान तीन से चार और बैठकें होने की संभावना है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि मेटा के सभी प्लेटफॉर्म भारत के कानूनों और नियमों के अनुरूप काम कर रहे हैं या नहीं। सरकार का कहना है कि भारतीय कानूनों का पालन सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए जरूरी है।

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सरकारी सूत्रों ने बताया कि आगामी बैठकों में व्हाट्सऐप से जुड़े तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा होगी। मेटा पहले ही इस मामले में सार्वजनिक बयान दे चुका है। अब दोनों पक्ष तकनीकी जानकारी, सिस्टम लॉग और अन्य जरूरी पहलुओं पर विस्तार से बातचीत करेंगे। सरकार का कहना है कि इन बैठकों का उद्देश्य सभी तथ्यों को अच्छी तरह समझना और यह सुनिश्चित करना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म कानून के दायरे में काम करें।

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क्या भारतीय कानूनों के पालन की होगी समीक्षा?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत में काम करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों के अनुसार ही संचालित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विदेशी कानून के आधार पर भारत में प्लेटफॉर्म नहीं चलाए जा सकते। सरकार सभी तकनीकी पहलुओं की जांच और समीक्षा कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा है। उनका कहना है कि कानून का इस्तेमाल समाज के हित और लोगों की सुरक्षा के लिए होना चाहिए।

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क्या केवल मेटा ही सरकार के संपर्क में है?

सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल मेटा से ही नहीं, बल्कि एक्स और टेलीग्राम जैसे अन्य प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ भी नियमित संपर्क में है। सरकार का कहना है कि सभी प्लेटफॉर्म की समाज और कानून के प्रति जिम्मेदारी है। जैसे अन्य संस्थानों को नियमों का पालन करना पड़ता है, उसी तरह डिजिटल कंपनियों को भी भारतीय कानूनों के अनुरूप काम करना होगा।


सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों में तकनीकी विवरण और अन्य जरूरी जानकारियों पर चर्चा जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य किसी एक कंपनी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि भारत में काम करने वाले सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पारदर्शिता के साथ कानून का पालन करें। इन बैठकों के बाद आगे की प्रक्रिया तकनीकी चर्चाओं और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, हाल ही में पीएम मोदी का एक वीडियो फेसबुक से कुछ देर के लिए हट गया था। इसके बाद से ही संसद में एक समिति बनाई गई। इसके अध्यक्ष निशिकांत दुबे बने। सांसद निशिकांत दुबे ने इस बैठक के बाद कहा था कि इसके लिए मार्क जुकरबर्ग माफी मांगे। हालांकि एक दिन बाद ही मार्क की माफी आई। उन्होंने बाल शोषण सामग्री और ऑपरेटिव खामियों के लिए माफी मांगी। इसके कुछ घंटो बाद ही मेटा ने पीएम मोदी के वीडियो वाले मामले पर माफी मांग ली। इसके बाद अब माना जा रहा है कि मेटा की टीम कुछ और दिन तक भारत रुकेगी क्योंकि सरकार व्हाट्सएप के साथ-साथ मेटा की विस्तृत समीक्षा भी कर सकती है।
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