पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   mgnrega is history now vb g ram g came in effect explainer how it differ from previous act

Explainer: मनरेगा अब इतिहास; देश में आज से VB G-RAM-G कानून लागू; नए नियम में क्या अलग, किन क्षेत्रों पर असर?

Wed, 01 Jul 2026 10:33 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 01 Jul 2026 10:33 AM IST
सार

देश में आज से ग्रामीण रोजगार का नया कानून वीबी जी राम जी लागू हो गया है। वहीं लंबे समय तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था का हिस्सा रहा मनरेगा कानून अब बीती बात हो गया है। तो आइए जानते हैं कि नया कानून क्या है और यह पुराने कानून से कितना अलग है। 

विज्ञापन
mgnrega is history now vb g ram g came in effect explainer how it differ from previous act
वीबी जी राम जी कानून आज से देश में लागू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में आज से ग्रामीण रोजगार योजना, विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी जी राम जी कानून) लागू हो गया है। वहीं पुराना मनरेगा कानून इतिहास की बात हो गया है। वीबी जी राम जी कानून के जरिए केंद्र सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव करना चाहती है। 
विज्ञापन


क्या है वीबी-जी राम जी कानून
इस कानून के तहत केंद्र सरकार साल 2047 तक एक ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करना चाहती है। इसमें ऐसे ग्रामीण परिवारों के सदस्य, जो अकुशल श्रम कर सकते हैं, उन्हें एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। इस कानून के तहत ग्रामीण रोजगार के माध्यम से आधारभूत ढांचे को बेहतर किया जाएगा। इस कानून में सरकार ग्रामीणों को सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं रखने की कोशिश कर रही है, बल्कि ऐसा मॉडल बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे गांव के स्तर पर विकास कार्यों की दिशा तय हो। 
विज्ञापन


 

mgnrega is history now vb g ram g came in effect explainer how it differ from previous act
वीबी जी राम जी - फोटो : अमर उजाला
नए कानून में किन कामों पर होगा फोकस
वीबी जी राम जी कानून के तहत गांवों में विकास कार्यों के लिए चार प्राथमिकताएं तय की गई हैं।-

जल सुरक्षा- इसके तहत गांवों में अब जल संरक्षण संरचनाएं, सिंचाई सहायता, भूजल पुनर्भरण, जल निकायों को पुनर्जीवित करने का काम और वनीकरण जैसे कामों को आगे बढ़ाया जाएगा।

ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास-वीबी जी राम जी कानून के तहत ग्रामीण सड़कों, सार्वजनिक भवनों, स्कूलों के विकास, स्वच्छता प्रणालियों और सौलर नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े काम और आवास योजनाओं पर जोर रहेगा।

आजीविका से जुड़े काम- सरकार ने वीबी जी राम जी कानून को कृषि, मत्स्य पालन, भंडारण, बाजार, कौशल विकास से भी जोड़ रही है। 

मौसमी घटनाओं से जुड़े काम- नए कानून में ग्रामीण क्षेत्रों को आपदा के समय तैयार रखने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए कानून में आश्रय स्थल, तटबंध निर्माण, बाढ़ प्रबंधन संरचनाएं, पुनर्वास के काम और जंगलों की आग बुझाने जैसे काम भी शामिल किए गए हैं। 

 

mgnrega is history now vb g ram g came in effect explainer how it differ from previous act
वीबी जी राम जी कानून - फोटो : अमर उजाला
मनरेगा से कितना अलग है वीबी-जी राम जी?
केंद्र सरकार का कहना है कि नए नियमों से मनरेगा की ढाचांगत कमियों को दूर किया गया है। सबसे पहले तो योजना के तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में किए जाने वाले सभी कार्यों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक में शामिल किया जाएगा। इस कानून में ग्रामीण स्तर पर सार्वजनिक कार्यों के लिए एक मजबूत और एकीकृत राष्ट्रीय फ्रेमवर्क तैयार होगा। इसी के आधार पर गांवों में आगे के कामों को लेकर तैयारियां होंगी।

इस तरह गांवों के लिए एकीकृत ढांचा तैयार करने से देशभर में उत्पादक, टिकाऊ, सुदृढ़ और बदलाव में सक्षम ग्रामीण परिसंपत्तियों (एसेट्स) का निर्माण सुनिश्चित होगा। केंद्र और राज्य 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य के तहत इन परिसंपत्तियों को आगे बढ़ाने की योजनाएं भी साझा तौर पर तैयार करेंगी। यानी एक राष्ट्रीय नीति के तहत काम के बिखराव को समेटा जाएगा और तय दिशा में इसे आगे बढ़ाया जाएगा।

दोनों कानूनों में मुख्य अंतर-
 
विशेषता मनरेगा (MGNREGA) VB-G RAM G
गारंटीकृत रोजगार दिन प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष कम-से-कम 100 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार की गारंटी थी।
 
 रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
वित्तपोषण  मांग-आधारित योजना; अकुशल श्रमिकों की मजदूरी का 100% केंद्र सरकार वहन करती थी।
 
 केंद्र-राज्य व्यय अनुपात 60:40 है। वहीं हिमालयी एवं पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ये अनुपात 90:10 है। केंद्र शासित राज्यों में पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। अगर जरूरत पड़ती है तो अतिरिक्त खर्च राज्य सरकारें वहन करेंगी
 
कृषि विराम योजना पूरे वर्ष संचालित रहती थी।
 
राज्य बुवाई एवं कटाई के मौसम में 60 दिनों तक काम पर अस्थायी रोक घोषित कर सकते हैं।
 
परिसंपत्ति निर्माण सामान्य ग्रामीण श्रम एवं बुनियादी विकास कार्यों पर केंद्रित था।
 
चार प्रमुख विकास क्षेत्रों—जल, कृषि, आपदा प्रबंधन और संपर्क (कनेक्टिविटी)—पर आधारित है।
 
बजट व्यवस्था मांग के अनुसार अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाती थी।
 
आपूर्ति-आधारित व्यवस्था है, जिसमें राज्यों के लिए निश्चित एवं सीमित बजट निर्धारित होता है।
 
विज्ञापन

ग्रामीण अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय विकास योजना से कैसे जुड़ेगी?
  • मनरेगा कानून के तहत ग्राम पंचायतें ही अपने क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों के लिए जिम्मेदार होतीं थी और वही इससे जुड़ा हर फैसला लेती थीं। वीबी जी राम जी कानून में विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत काम होगा, जिसे ग्राम पंचायतें तैयार करेंगी। इसके बाद इन विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक जानकारी जुटाएगी, इसके बाद ही कार्यों का आवंटन होगा। 
  • खास बात यह है कि इन ग्राम पंचायत योजनाओं को जीपीएस जैसी तकनीक का इस्तेमाल करके तैयार किया जाएगा और पीएम गति-शक्ति के साथ इस योजना को जोड़ा जाएगा। इससे काम में पारदर्शिता लाने की कोशिश की जाएगी।
  • वीबी जी राम जी कानून में गवर्नेंस इकोसिस्टम अनिवार्य किया गया है, जिसके तहत मजदूरों के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, जीपीएस आधारित प्लानिंग और निगरानी, मोबाइल-आधारित रिपोर्टिंग के साथ रियल-टाइम डैशबोर्ड, एआई-सक्षम विश्लेषण और सोशल ऑडिट तंत्र शामिल हैं। इसके अलावा काम की साप्ताहिक जानकारी स्वचालित रूप से तैयार की जाएगी और भौतिक-डिजिटल दोनों पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे।

राज्य निर्धारित करेंगे क्षेत्रीय विकास के लिए किसे-क्या मिलेगा
वीबी जी राम जी कानून के मुताबिक, वित्तीय संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को नॉर्मेटिव आवंटन (Normative Allocation) का प्रावधान किया गया है। सीधे शब्दों में समझें तो पहले मनरेगा के तहत केंद्र जो फंड्स देता था, उसकी मांग औसतन और संभावित खर्चों के आधार पर होती थी। लेकिन अब केंद्र सरकार ने यह जिम्मेदारी राज्य सरकारों को सौंप दी है। यानी अब राज्य ही वर्ग और स्थानीय विकास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिलों और ग्राम पंचायतों के बीच फंड का पारदर्शी और आवश्यकतानुसार बंटवारा सुनिश्चित करेंगे। 

सरकार, मनरेगा की जगह वीबी जी राम जी कानून क्यों लाई?
दरअसल देश के अधिकतर राज्यों में मनरेगा कानून के दुरुपयोग का पता चला। जिनमें कई जगहों पर काम सिर्फ कागजों पर हुए थे और नियमों का उल्लंघन कर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया। कई जगहों पर मजदूरों की बजाय मशीनों से काम कराए गए और पैसे की धांधली की गई। ऐसे में सरकार ने ग्रामीण रोजगार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और इसकी बेहतर निगरानी के लिए वीबी जी राम जी कानून लाने का फैसला किया। यही वजह है कि नए कानून में जीपीएस से निगरानी और रियल टाइम जानकारी और सोशल ऑडिट जैसे प्रावधान किए गए हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed