मिसिंग लिंक भूस्खलन: 'क्या इसके लिए भी नेहरू जिम्मेदार?' एमएनसी नेता देशपांडे ने महायुति सरकार पर किया कटाक्ष
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की 'मिसिंग लिंक' परियोजना पर हुए भूस्खलन को लेकर महाराष्ट्र में सियासत तेज हो गई है। एमएनएस नेता संदीप देशपांडे ने महायुति सरकार और भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अब इस घटना के लिए भी नेहरू को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता संदीप देशपांडे ने मंगलवार को महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर तीखा हमला किया। इसके साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उस प्रवृत्ति का उपहास उड़ाया जिसमें वह भारत की ऐतिहासिक समस्याओं के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को अक्सर दोषी ठहराती है।
एमएनएस नेता ने क्या कहा?
देशपांडे ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' पर हुए भूस्खलन के लिए पंडित नेहरू जिम्मेदार हैं, और जो लोग अब भी सरकार की आलोचना करना चाहते हैं। उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।' उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन की आलोचना से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले आम बयानों पर तंज कसते हुए यह बात कही।
देशपांडे का महायुति सरकार को निशाना बनाने का कदम तब आया है, जब मंगलवार को शिवसेना (UBT) ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा कि इस घटना को राजनीतिक रूप से जिस तरह से संभाला गया। वह एक तय पैटर्न के अनुसार ही हुआ है। जब भी ऐसी ढांचागत विफलताएं होती हैं, तो सत्ताधारी राजनेता प्रशासनिक खामियों पर पर्दा डालने के लिए जिम्मेदारी प्रकृति पर मढ़ देते हैं।
संपादकीय में क्या कहा गया है?
संपादकीय में कहा गया कि विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सारा दोष अप्रत्याशित मौसम की स्थिति पर मढ़ दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने मानसून से पहले की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन बारिश की तीव्रता सभी इंजीनियरिंग अनुमानों से कहीं अधिक थी। यह एक बचावपूर्ण स्पष्टीकरण है जो अब आम बात हो गई है।'
क्या है पूरा मामला?
इससे पहले, सोमवार को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हाल ही में उद्घाटन की गई 'मिसिंग लिंक' परियोजना पर हुए भूस्खलन के बाद महाराष्ट्र में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। परियोजना के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद हुई इस घटना और सड़क पर गड्ढों की खबरों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गहन जांच को जन्म दिया है। वहीं, विपक्षी दल महायुति सरकार पर निशाना साध रहे हैं। यह विवाद तब और बढ़ गया जब लगभग 100 टन मलबा और मिट्टी मिसिंग लिंक के प्रवेश द्वार पर गिर पड़ी, जिसे सत्तारूढ़ गठबंधन ने "इंजीनियरिंग चमत्कार" के रूप में बड़े पैमाने पर प्रचारित किया था।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने क्या कहा?
विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को घेर लिया। उन्होंने सरकार के कार्यकाल में किए गए कार्यों के स्तर पर सवाल उठाए। आरोपों का जवाब देते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने परियोजना का बचाव किया और भूस्खलन का कारण वर्षा और बदलते जलवायु पैटर्न को बताया। हालांकि, उनके इस स्पष्टीकरण ने सोमवार को पूरे दिन सत्ताधारी और विपक्षी गुटों के बीच आरोपों और जवाबी आरोपों की एक नई लहर को जन्म दिया।
भीषण भूस्खलन के बाद, सोमवार को पूरे दिन मुंबई और पुणे दोनों दिशाओं से आने वाला मिसिंग लिंक राजमार्ग पूरी तरह से बंद रहा। रात करीब 11:00 बजे, फडणवीस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जिसमें मलबा हटाया जा रहा था। इसके साथ ही पुष्टि की कि सड़क को वाहनों के लिए फिर से खोल दिया गया है।
इस घटना पर बोलते हुए फडणवीस ने जोर दिया कि राज्य प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने आगे कहा, 'मार्ग पर भूस्खलन होते ही यातायात तुरंत रोक दिया गया। मुंबई और पुणे दोनों तरफ से आने वाले वाहनों को या तो रोक दिया गया या दूसरे रास्ते से भेजा गया। राज्य सरकार और सभी संबंधित एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सड़क पर लगभग 100 टन मलबा गिर गया। गौरतलब है कि यह भूस्खलन ऐसे क्षेत्र में हुआ है जहां पहले कभी ऐसी घटना दर्ज नहीं की गई थी।'