पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   MLC Sachin Ahir quits Shiv Sena UBT Aaditya Thackeray claims Operation Devendra not Operation Tiger Mahayuti

Maharashtra: सचिन अहीर ने छोड़ी शिवसेना UBT, महायुति में शामिल होने पर भड़के आदित्य ठाकरे; जानें क्या कहा

Tue, 30 Jun 2026 04:29 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 30 Jun 2026 04:29 PM IST
सार

शिवसेना (यूबीटी) को एक और राजनीतिक झटका तब लगा, जब पार्टी के विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ नजर आए। इस घटनाक्रम के बाद आदित्य ठाकरे ने कहा कि इससे पार्टी की संगठनात्मक ताकत, विशेषकर वर्ली और शिवड़ी जैसे क्षेत्रों में, कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने विपक्षी नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिशों को राजनीतिक अभियान बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा।

विज्ञापन
MLC Sachin Ahir quits Shiv Sena UBT Aaditya Thackeray claims Operation Devendra not Operation Tiger Mahayuti
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों की बगावत के बाद अब पार्टी के एमएलसी सचिन अहीर भी महायुति के खेमे में जुड़ गए हैं। इस मामले पर पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि इसका शिवसेना (यूबीटी) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं को कथित तौर पर तोड़ने का यह खेल "ऑपरेशन टाइगर" नहीं, बल्कि "ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस" है। 
विज्ञापन


आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस ऑपरेशन में शिवसेना (यूबीटी) कॉलेटरल डैमेज (अतिरिक्त नुकसान) का शिकार हुई है। सचिन अहीर, जो आदित्य ठाकरे के करीबी माने जाते हैं, ने दिन की शुरुआत में महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति चुनाव के लिए सत्तारूढ़ शिवसेना की ओर से अपना नामांकन दाखिल कर सभी को चौंका दिया।
विज्ञापन


आदित्य क्यों बोले- पार्टी की ताकत पर असर नहीं?
आदित्य ठाकरे ने कहा, "अहीर के इस कदम से पार्टी की पारंपरिक गढ़ वर्ली और शिवड़ी में ताकत कम नहीं होगी। यह ऑपरेशन टाइगर नहीं, बल्कि ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस है। जो जानते हैं, वे जानते हैं।"
विज्ञापन
विज्ञापन


अहीर को निशाना बनाते हुए ठाकरे ने कहा कि कुछ नेता, जिन्हें पार्टी ने सब कुछ दिया, वे भी अपने स्वार्थी हितों के लिए पार्टी छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा, "इसमें कुछ नया नहीं है। वर्ली और शिवड़ी हमारी गढ़ रहे हैं, और वे बने रहेंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि हमें कोई बड़ा झटका लगा है।"

ठाकरे ने सचिन अहीर की बगावत पर खड़े किए कौन से सवाल?
अहीर के फैसले पर सवाल उठाते हुए ठाकरे ने कहा कि पूर्व मंत्री को पार्टी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं। उन्होंने कहा, "वह यह दावा भी नहीं कर सकते कि मैं उनसे नहीं मिला या उन्हें समय नहीं दिया, क्योंकि कुछ दिन पहले ही हम पुणे से साथ यात्रा कर रहे थे। वह शिवसेना (यूबीटी) के उप-नेता हैं, उन्हें एमएलसी बनाया गया, और उनकी बेटी के एनजीओ को वार्ड-स्तरीय समिति में जगह दी गई। वह भारतीय कामगार सेना में भी एक पद रखते हैं और बेस्ट यूनियन का नेतृत्व करते हैं। और क्या चाहते थे? क्या हमने उन्हें कम दिया?"

ठाकरे ने दावा किया कि पुणे से हाल की यात्रा के दौरान अहिर के साथ उनकी एक गंभीर चर्चा हुई थी, जिसमें उन्होंने वर्तमान शासन द्वारा विभिन्न संस्थानों पर किए जा रहे "हमलों" के बारे में बात की थी। अहिर के फैसले का जिक्र करते हुए, ठाकरे ने सवाल उठाया कि वह "राम मंदिर से जुड़े आरोपों, कथित उज्जैन भूमि घोटाला और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान को बदलने की कोशिश करने वालों" के साथ कैसे बैठ सकते हैं?

वर्ली सीट पर असर नहीं पड़ने का क्यों किया दावा?
यह पूछे जाने पर कि क्या अहीर वर्ली विधानसभा क्षेत्र से उनके खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं, ठाकरे ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, "उन्होंने आज सुबह मुझे एक संदेश भेजा कि वह मेरे खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन ये सिर्फ कहने की बातें हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि अहीर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।


पूर्व मंत्री ने भाजपा की भी आलोचना की। उन्हों आरोप लगाया कि जहां उसके कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर जैसे मुद्दों पर आंदोलन किया, वहीं पार्टी अब अपने कैडर के बजाय बाहरी लोगों को महत्वपूर्ण पद देकर पुरस्कृत कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed