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Modi Cabinet Expansion: मानसून सत्र तक टल सकता है मंत्रिमंडल विस्तार, फिलहाल दो-तिहाई बहुमत जुटाने पर निगाह
Thu, 25 Jun 2026 05:56 AM IST
Devesh Tripathi
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Devesh Tripathi
Updated Thu, 25 Jun 2026 05:56 AM IST
सार
केंद्र सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें जारी हैं, लेकिन संकेत हैं कि यह प्रक्रिया संसद के मानसून सत्र के बाद ही आगे बढ़ सकती है। फिलहाल सरकार का मुख्य फोकस महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रस्तावों के लिए आवश्यक राजनीतिक समर्थन जुटाने पर है। विभिन्न क्षेत्रीय दलों से संवाद और संसदीय रणनीति को प्राथमिकता दी जा रही है।
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मोदी कैबिनेट विस्तार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में देरी की संभावना है। माना जा रहा कि इसके लिए सरकार मानसून सत्र खत्म होने तक इंतजार करेगी। फिलहाल सरकार की निगाहें संविधान संशोधन विधेयक के लिए दो तिहाई बहुमत जुटाने और तृणमूल कांग्रेस समेत कुछ दलों में हुई टूट के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने पर है। गौरतलब है कि मंगलवार को पीजे कुरियन के मंत्री पद से इस्तीफे व प्रधानमंत्री की राष्ट्रपति से मुलाकात के कारण विस्तार की अटकलों को बल मिला था।
सूत्र के मुताबिक अभी सरकार का सारा ध्यान जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र पर है। इस सत्र में सरकार की कोशिश महिला आरक्षण व परिसीमन के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत जुटाने पर है। इसके लिए सरकार ऐसे गैरकांग्रेसी दलों के लगातार संपर्क में है, जिन्होंने बजट सत्र में संविधान संशोधन बिल का विरोध किया था। सूत्र ने बताया कि इस क्रम में तृणमूल, शिवसेना यूबीटी, आप के संसदीय दल में टूट से सरकार को बल मिला है। वाईएसआरसी, बीआरएस और द्रमुक जैसे दलों से भी सहयोग के लिए बातचीत जारी है। ब्यूरो
संगठन की नई टीम पर अंतिम मंथन बाकी
मंत्रिमंडल विस्तार में भले ही देरी संभव है, मगर भाजपा की केंद्रीय टीम जुलाई के पहले सप्ताह तक घोषित हो सकती है। इस संदर्भ में कई दौर की माथापच्ची के बाद एक सूची तैयार की गई है। इस सूची पर अंतिम मंथन के बाद नई टीम घोषित कर दी जाएगी।
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पीएम मोदी ने मंत्रालयों के बीच तालमेल पर दिया जोर, नीट-यूजी के सफल आयोजन की तारीफ की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अलग-अलग विभागों और मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया और नीट-यूजी के दोबारा सफल आयोजन के लिए किए गए समन्वित प्रयासों को सराहा। मोदी ने कहा, मंत्रालयों के बीच बिना किसी रुकावट व तालमेल के साथ काम करना ही किसी भी चुनौती से निपटने की गारंटी है। पश्चिम एशिया संकट के दौरान भी, पीएम ने अलग-अलग मंत्रालयों के बीच तालमेल के महत्व पर जोर दिया था।
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सूत्र के मुताबिक अभी सरकार का सारा ध्यान जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र पर है। इस सत्र में सरकार की कोशिश महिला आरक्षण व परिसीमन के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत जुटाने पर है। इसके लिए सरकार ऐसे गैरकांग्रेसी दलों के लगातार संपर्क में है, जिन्होंने बजट सत्र में संविधान संशोधन बिल का विरोध किया था। सूत्र ने बताया कि इस क्रम में तृणमूल, शिवसेना यूबीटी, आप के संसदीय दल में टूट से सरकार को बल मिला है। वाईएसआरसी, बीआरएस और द्रमुक जैसे दलों से भी सहयोग के लिए बातचीत जारी है। ब्यूरो
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संगठन की नई टीम पर अंतिम मंथन बाकी
मंत्रिमंडल विस्तार में भले ही देरी संभव है, मगर भाजपा की केंद्रीय टीम जुलाई के पहले सप्ताह तक घोषित हो सकती है। इस संदर्भ में कई दौर की माथापच्ची के बाद एक सूची तैयार की गई है। इस सूची पर अंतिम मंथन के बाद नई टीम घोषित कर दी जाएगी।
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पीएम मोदी ने मंत्रालयों के बीच तालमेल पर दिया जोर, नीट-यूजी के सफल आयोजन की तारीफ की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अलग-अलग विभागों और मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया और नीट-यूजी के दोबारा सफल आयोजन के लिए किए गए समन्वित प्रयासों को सराहा। मोदी ने कहा, मंत्रालयों के बीच बिना किसी रुकावट व तालमेल के साथ काम करना ही किसी भी चुनौती से निपटने की गारंटी है। पश्चिम एशिया संकट के दौरान भी, पीएम ने अलग-अलग मंत्रालयों के बीच तालमेल के महत्व पर जोर दिया था।