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मेयर बंगले के नाम पर जारी टेंडर वापस क्यों?: सामने आई नई सफाई, विपक्ष के आरोपों के बाद बदला पूरा घटनाक्रम
Wed, 05 Aug 2026 04:45 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 05 Aug 2026 04:45 PM IST
सार
Mumbai Mayor Bungalow Tender Rowमुंबई मेयर के आधिकारिक बंगले के आसपास तीन करोड़ रुपये के विकास कार्यों का टेंडर जारी होते ही सियासी विवाद शुरू हो गया। विपक्ष ने इसे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मामला बताया। इसके बाद मेयर रितु तावड़े ने खुद बीएमसी से टेंडर वापस लेने को कहा। क्या यह सिर्फ दस्तावेजी गलती थी या विपक्ष के आरोपों में दम है? यही सवाल अब चर्चा का विषय है। आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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मुंबई मेयर बंगला विवाद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मुंबई की मेयर रितु तावड़े के आधिकारिक बंगले के आसपास करीब 3 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए जारी टेंडर को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के आरोपों के बीच मेयर ने खुद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) से यह टेंडर वापस लेने को कहा है। उनका कहना है कि टेंडर में मेयर बंगले का नाम गलती से शामिल हो गया था, जबकि प्रस्तावित काम बंगले के लिए नहीं, बल्कि उसके आसपास के क्षेत्र के लिए थे।
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मेयर के निर्देश के बाद बीएमसी ने टेंडर वापस लेने पर सहमति जता दी है। इससे फिलहाल विवाद पर विराम लगने की उम्मीद है। हालांकि, विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर सरकार और बीएमसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि संशोधित प्रस्ताव आता है या फिर पूरे मामले की नई समीक्षा की जाती है।
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क्या है तीन करोड़ रुपये के टेंडर का मामला?
मेयर रितु तावड़े ने कहा कि यह टेंडर बीएमसी के प्राणी उद्यान विभाग की ओर से जारी किया गया था। इसमें मेयर के आधिकारिक बंगले के आसपास के क्षेत्र में कुछ बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव था। हालांकि, टेंडर दस्तावेज में मेयर बंगले का उल्लेख होने के कारण विवाद खड़ा हो गया। मेयर ने कहा कि उन्होंने बीएमसी प्रशासन से यह टेंडर वापस लेने को कहा और प्रशासन ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए इसे रद्द करने का फैसला किया।
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क्या मेयर बंगले के लिए कोई नया काम होना था?
रितु तावड़े ने साफ किया कि उन्होंने अपने आधिकारिक आवास के लिए किसी तरह के नए निर्माण या उन्नयन की मांग नहीं की थी। उन्होंने बताया कि जिस विरासत भवन में मेयर का आधिकारिक आवास है, उसका हाल ही में लगभग 2.4 करोड़ रुपये खर्च कर नवीनीकरण किया गया था। ऐसे में उनके रहने के लिए किसी अतिरिक्त काम की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि विवादित टेंडर का उनके निवास से कोई सीधा संबंध नहीं था।
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विपक्ष ने क्यों उठाए सवाल?
यह विवाद तब बढ़ा जब टेंडर में कंटेनर आधारित कॉन्फ्रेंस हॉल, साउंड बैरियर और अन्य ढांचागत सुविधाओं के निर्माण का प्रस्ताव सामने आया। इस पर शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मेयर के आधिकारिक आवास के आसपास इतने बड़े खर्च की जरूरत क्यों पड़ रही है। इसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया।मेयर ने आरोपों पर क्या जवाब दिया?
रितु तावड़े ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह पूरा टेंडर प्राणी उद्यान विभाग का था और इसका उद्देश्य रानी बाग परिसर के आसपास की सुविधाओं को बेहतर बनाना था। उन्होंने कहा कि इसे मेयर बंगले से जोड़ना गलत है। उनके मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) इस मुद्दे पर गलत जानकारी फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।यह बंगला कहां स्थित है?
मुंबई मेयर का आधिकारिक विरासत बंगला दक्षिण मुंबई के भायखला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले वनस्पति उद्यान एवं प्राणी उद्यान, जिसे रानी बाग के नाम से भी जाना जाता है, के एक हिस्से में स्थित है। प्रस्तावित विकास कार्य इसी परिसर के आसपास किए जाने थे। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद अब यह टेंडर वापस लिया जाएगा और बीएमसी आगे आवश्यक प्रक्रिया अपनाएगी।मेयर के निर्देश के बाद बीएमसी ने टेंडर वापस लेने पर सहमति जता दी है। इससे फिलहाल विवाद पर विराम लगने की उम्मीद है। हालांकि, विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर सरकार और बीएमसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि संशोधित प्रस्ताव आता है या फिर पूरे मामले की नई समीक्षा की जाती है।