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'मोदी-शाह का नाम सुनते ही कांपते थे': CJP के आंदोलन में मणिशंकर अय्यर ने सरकार पर साधा निशाना; क्या-क्या कहा?
Sat, 25 Jul 2026 07:35 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 25 Jul 2026 07:35 AM IST
सार
मणिशंकर अय्यर जंतर-मंतर में चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने युवाओं की तारीफ और सरकार की आलोचना की। पेपर लीक से लेकर उमर खालिद-शरजील इमाम के मामलों का भी जिक्र किया। जानिए उन्होंने क्या-क्या कहा।
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मणिशंकर अय्यर, कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पीढ़ी नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी से डर गई थी। लेकिन आज के युवाओं ने सबको निडर रहना और तानाशाही के खिलाफ खड़े होना सिखा दिया है। अय्यर अपनी पत्नी सुनीत के साथ जंतर-मंतर पहुंचे। वहां कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में हजारों युवा प्रदर्शन कर रहे हैं।
अय्यर ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, मैं यहां किसी को सिखाने नहीं, बल्कि खुद सीखने आया हूं। यहां मौजूद युवा पूरे देश को निडर होना सिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा, मेरी पीढ़ी के लोग डर गए थे। नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नाम सुनते ही हम कांप जाते थे। हमें लगता था कि अगर हमने आवाज उठाई, तो कहीं हमें तिहाड़ जेल न भेज दिया जाए।
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खालिद और इमाम को लेकर क्या कहा?
उन्होंने आगे कहा, हमने उमर खालिद और शरजील इमाम का मामला देखा है। अय्यर ने कहा, उमर खालिद और शरजील इमाम पिछले पांच से छह साल से जेल में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक उनके खिलाफ आरोप भी ठीक तरह से तय नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा, ऐसे माहौल में हम डरे हुए थे। मैंने भी आवाज उठाने की कोशिश की, लेकिन मन में डर था। आज मैं देख रहा हूं कि आप लोग बिल्कुल निडर हैं। हम यहां यही सीखने आए हैं।
गांधी और नेहरू का जिक्र क्यों किया?
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस देश को निडर बनने की जरूरत है। (देश के पहले प्रधानमंत्री) जवाहरलाल नेहरू ने अपनी आत्मकथा में 'फिर गांधी आए' नाम के अध्याय में लिखा था कि गांधी ने हमारे दिल से डर निकाल दिया। 1915 में एक गांधी ने हमें निडर होना सिखाया था। आज यहां मैं हजारों गांधी देख रहा हूं। आपने हमें भरोसा दिलाया है कि हमें तानाशाही का सामना करना है और उसे सहन नहीं करना है।
ये भी पढ़ें: आक्रोश का असर: कॉकरोचों ने परीक्षा लेने वालों की करा दी बड़ी सफाई, अब बड़ा सवाल- प्रधान को लेकर क्या होगा
पेपर लीक मामले पर क्या बोले अय्यर?
बाद में पीटीआई से बात करते हुए अय्यर ने कहा कि पेपर लीक मामले में सरकार की कार्रवाई वैसी ही है, जैसी राम मंदिर चंदा मामले की विशेष जांच टीम की थी। उन्होंने कहा, छोटे लोगों को पकड़ लिया जाता है। लेकिन बड़े लोग अपनी कुर्सियों पर बैठे रहते हैं।
प्रदर्शनकारियों और सरकार की बातचीत पर क्या कहा?
जंतर-मंतर के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए अय्यर ने कहा, यह एक ऐतिहासिक पल है। हमने सोचा कि हमें भी इस इतिहास का हिस्सा बनना चाहिए। अय्यर ने कहा कि उन्हें खुशी है कि अब प्रदर्शन कर रहे लोगों और सरकार के बीच बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि इसका अच्छा नतीजा निकलेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो प्रदर्शन जारी रहेगा।
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अय्यर ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, मैं यहां किसी को सिखाने नहीं, बल्कि खुद सीखने आया हूं। यहां मौजूद युवा पूरे देश को निडर होना सिखा रहे हैं।
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उन्होंने कहा, मेरी पीढ़ी के लोग डर गए थे। नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नाम सुनते ही हम कांप जाते थे। हमें लगता था कि अगर हमने आवाज उठाई, तो कहीं हमें तिहाड़ जेल न भेज दिया जाए।
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खालिद और इमाम को लेकर क्या कहा?
उन्होंने आगे कहा, हमने उमर खालिद और शरजील इमाम का मामला देखा है। अय्यर ने कहा, उमर खालिद और शरजील इमाम पिछले पांच से छह साल से जेल में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक उनके खिलाफ आरोप भी ठीक तरह से तय नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा, ऐसे माहौल में हम डरे हुए थे। मैंने भी आवाज उठाने की कोशिश की, लेकिन मन में डर था। आज मैं देख रहा हूं कि आप लोग बिल्कुल निडर हैं। हम यहां यही सीखने आए हैं।
गांधी और नेहरू का जिक्र क्यों किया?
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस देश को निडर बनने की जरूरत है। (देश के पहले प्रधानमंत्री) जवाहरलाल नेहरू ने अपनी आत्मकथा में 'फिर गांधी आए' नाम के अध्याय में लिखा था कि गांधी ने हमारे दिल से डर निकाल दिया। 1915 में एक गांधी ने हमें निडर होना सिखाया था। आज यहां मैं हजारों गांधी देख रहा हूं। आपने हमें भरोसा दिलाया है कि हमें तानाशाही का सामना करना है और उसे सहन नहीं करना है।
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पेपर लीक मामले पर क्या बोले अय्यर?
बाद में पीटीआई से बात करते हुए अय्यर ने कहा कि पेपर लीक मामले में सरकार की कार्रवाई वैसी ही है, जैसी राम मंदिर चंदा मामले की विशेष जांच टीम की थी। उन्होंने कहा, छोटे लोगों को पकड़ लिया जाता है। लेकिन बड़े लोग अपनी कुर्सियों पर बैठे रहते हैं।
प्रदर्शनकारियों और सरकार की बातचीत पर क्या कहा?
जंतर-मंतर के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए अय्यर ने कहा, यह एक ऐतिहासिक पल है। हमने सोचा कि हमें भी इस इतिहास का हिस्सा बनना चाहिए। अय्यर ने कहा कि उन्हें खुशी है कि अब प्रदर्शन कर रहे लोगों और सरकार के बीच बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि इसका अच्छा नतीजा निकलेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो प्रदर्शन जारी रहेगा।