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Naxal: नक्सलवाद पर आखिरी प्रहार के लिए निकले 50 हजार जवान; देश के इन राज्यों में छिपे हैं करीब 150 नक्सली
सार
31 मार्च तक नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुरक्षा बल अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। हाल के महीनों में बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए या उन्होंने आत्मसमर्पण किया है, जिससे उनकी ताकत काफी कमजोर हो गई है। अब केवल 100 से 150 नक्सली कुछ राज्यों में छिपे बताए जा रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से देशभर में नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त किए जाने की घोषित समयसीमा में महज तीन दिन शेष हैं। 31 मार्च तक नक्सल मुक्त भारत का लक्ष्य रखा गया है। हाल के महीनों में नक्सलियों के ज्यादातर शीर्ष नेता मारे गए या आत्मसमर्पण किया है।
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चार राज्यों में छिपे हैं करीब 150 नक्सली
सूत्रों के मुताबिक 100 से 150 नक्सली छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना में छिपे हैं। अगले 48 घंटे में नक्सलवाद पर आखिरी प्रहार के लिए बड़े सर्च ऑपरेशन होंगे। इसमें विभिन्न कोबरा कमांडो, केंद्रीय बलों और राज्यों की पुलिस के 50 हजार जवान शामिल हैं। केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों को उम्मीद है कि तय समय तक बचे-खुचे नक्सली आत्मसमर्पण के लिए आगे आएंगे।
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यूएस मरीन कमांडो को टक्कर देती है कोबरा बटालियन
कमांडो बटालियन फॉर रिसोल्यूट एक्शन यानी कोबरा का नक्सलियों का खात्मा करने में सबसे अहम भूमिका रही है। जंगल युद्ध में ये कमांडो यूएस मरीन कमांडो को टक्कर देते हैं। इनका गठन भी यूएस मरीन कमांडो फोर्स की तर्ज पर हुआ था। यूएस मरीन कमांडो बिना किसी मदद के जंगल में लगातार तीन रातों तक लड़ सकते हैं। कोबरा कमांडो पहली बार 2015 में गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्र के सामने आए थे।
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छिपे नक्सलियों को बाहर निकालेंगे जवान
सूत्रों का कहना है कि छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा समेत कई दूसरे राज्यों में नक्सलियों की गतिविधियां हैं। हालांकि, ये नक्सली अब किसी बड़े हमले को अंजाम देने की स्थिति में नहीं हैं। वे आईईडी विस्फोट के जरिये सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। केंद्रीय बलों के सर्च ऑपरेशन में इन्हीं छिपे नक्सलियों को बाहर निकाला जाएगा। कई दिनों से सुरक्षा बलों की ओर से पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे गांवों का दौरा किया जा रहा। वहां पर लोगों में विश्वास बहाली और विकास से जुड़ने की अपील करने के अलावा सुरक्षा बल, खुफिया इनपुट भी जुटा रहे हैं।
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चार राज्यों में छिपे हैं करीब 150 नक्सली
सूत्रों के मुताबिक 100 से 150 नक्सली छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना में छिपे हैं। अगले 48 घंटे में नक्सलवाद पर आखिरी प्रहार के लिए बड़े सर्च ऑपरेशन होंगे। इसमें विभिन्न कोबरा कमांडो, केंद्रीय बलों और राज्यों की पुलिस के 50 हजार जवान शामिल हैं। केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों को उम्मीद है कि तय समय तक बचे-खुचे नक्सली आत्मसमर्पण के लिए आगे आएंगे।
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यूएस मरीन कमांडो को टक्कर देती है कोबरा बटालियन
कमांडो बटालियन फॉर रिसोल्यूट एक्शन यानी कोबरा का नक्सलियों का खात्मा करने में सबसे अहम भूमिका रही है। जंगल युद्ध में ये कमांडो यूएस मरीन कमांडो को टक्कर देते हैं। इनका गठन भी यूएस मरीन कमांडो फोर्स की तर्ज पर हुआ था। यूएस मरीन कमांडो बिना किसी मदद के जंगल में लगातार तीन रातों तक लड़ सकते हैं। कोबरा कमांडो पहली बार 2015 में गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्र के सामने आए थे।
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छिपे नक्सलियों को बाहर निकालेंगे जवान
सूत्रों का कहना है कि छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा समेत कई दूसरे राज्यों में नक्सलियों की गतिविधियां हैं। हालांकि, ये नक्सली अब किसी बड़े हमले को अंजाम देने की स्थिति में नहीं हैं। वे आईईडी विस्फोट के जरिये सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। केंद्रीय बलों के सर्च ऑपरेशन में इन्हीं छिपे नक्सलियों को बाहर निकाला जाएगा। कई दिनों से सुरक्षा बलों की ओर से पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे गांवों का दौरा किया जा रहा। वहां पर लोगों में विश्वास बहाली और विकास से जुड़ने की अपील करने के अलावा सुरक्षा बल, खुफिया इनपुट भी जुटा रहे हैं।
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