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NCB: एनसीबी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा- वानखेड़े के खिलाफ जांच निष्पक्ष, नवाब मलिक से नहीं कोई संबंध

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Tue, 07 Apr 2026 03:10 PM IST
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सार

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बॉम्बे उच्च न्यायालय को बताया कि  पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के खिलाफ जांच  शिकायतों पर आधारित है। इस जांच से राकांपा नेता नवाब मलिक का कोई संबंध नहीं है। 

NCB told the Bombay High Court – the investigation against Wankhede is fair, there is no connection with Nawab
एनसीबी - फोटो : ANI
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विस्तार

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मंगलवार को बॉम्बे  उच्च न्यायालय को बताया कि उसके पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के खिलाफ अनियमितताओं की जांच गैर-अनाम शिकायतों पर आधारित है। एजेंसी ने साफ किया कि यह जांच राकांपा नेता नवाब मलिक के कहने पर शुरू नहीं की गई थी। एनसीबी ने अदालत को बताया कि उसे आरोपों की जांच करने का अधिकार और कर्तव्य है।

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एनसीबी ने उप महानिदेशक (दक्षिण पश्चिम क्षेत्र) विशाल सनप द्वारा दायर एक हलफनामे में दावा किया कि 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी वानखेड़े के खिलाफ जांच दो विशिष्ट "गैर-अनाम" शिकायतों पर आधारित है। एजेंसी ने मलिक से किसी भी संचार से इनकार किया। यह स्पष्ट किया गया कि शिकायतें न तो मलिक ने दर्ज कराई थीं और न ही उनके कहने पर जांच शुरू हुई। वानखेड़े ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने खिलाफ जांच को चुनौती दी है। इसमें अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मादक पदार्थ मामले भी शामिल हैं। उन्होंने अपने वकील राजीव चव्हाण के माध्यम से एक प्रत्युत्तर हलफनामा प्रस्तुत किया। वानखेड़े ने दावा किया कि 2021 के क्रूज ड्रग्स मामले में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री मलिक का उनसे द्वेष था। यह इसलिए था क्योंकि उन्होंने मलिक के दामाद समीर खान को ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया था।

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जांच की स्थिति और वानखेड़े का पक्ष

एनसीबी ने कहा कि जांच अभी केवल सत्यापन चरण में है। एजेंसी ने दावा किया कि वानखेड़े 2024 से याचिकाएं दायर कर प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं। उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करने का उचित अवसर देने के लिए पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वानखेड़े के वकील चव्हाण ने एनसीबी के हलफनामे की जांच के लिए अदालत से समय मांगा, जिसके बाद सुनवाई दो सप्ताह बाद तय हुई।

वानखेड़े के खिलाफ अन्य जांचें

एनसीबी ने पहले उच्च न्यायालय को बताया था कि वानखेड़े के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं के आरोप थे, जिसके कारण प्रारंभिक जांच शुरू हुई। नवंबर 2023 से मार्च 2024 के बीच, एनसीबी ने उन्हें आठ नोटिस जारी किए। वानखेड़े ने अपनी याचिका में दावा किया कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और यह जांच "बदले की कार्रवाई" है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उन पर जबरन वसूली/रिश्वत और धन शोधन के मामले दर्ज किए हैं।

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