ईडी की बड़ी कार्रवाई: अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन की ₹39 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त, जानें पूरा मामला
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और छात्रों से कथित धोखाधड़ी के मामले में जवाद सिद्दीकी की 39.45 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। मामला अल फलाह यूनिवर्सिटी और रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़े टेरर मॉड्यूल की जांच से भी जुड़ा है।
विस्तार
ईडी ने धन शोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी से जुड़ी 39 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को अटैच किया है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।
किन संपत्तियों पर हुई कार्रवाई?
ईडी के द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में ये शामिल हैं,
- दिल्ली के जामिया नगर स्थित एक रिहायशी मकान
- हरियाणा के फरीदाबाद के धौज इलाके में कृषि भूमि
- विभिन्न बैंक खातों में जमा रकम
- फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
इन सभी की कुल कीमत लगभग 39.45 करोड़ रुपये बताई गई है।
जवाद सिद्दीकी की स्थिति
61 वर्षीय जवाद अहमद सिद्दीकी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। उन्हें ईडी ने पिछले वर्ष इसी मामले में गिरफ्तार किया था और तब से एजेंसी उनके खिलाफ वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क की जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग के साथ-साथ छात्रों से कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि सिद्दीकी के शैक्षणिक संस्थानों ने अपनी मान्यता और पहचान को लेकर गलत जानकारी देकर छात्रों को गुमराह किया। छात्रों को संस्थानों की वैधता और भविष्य को लेकर गलत दावे किए गए, जिससे उन्हें आर्थिक और करियर दोनों तरह का नुकसान हुआ।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैसे आई जांच के दायरे में
फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी तब जांच एजेंसियों के रडार पर आई जब 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए बम धमाके की जांच शुरू हुई। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी।
जांच के दौरान एक कथित ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल का खुलासा हुआ, जिसके तार इस यूनिवर्सिटी से जुड़े होने की आशंका जताई गई। इसके बाद एजेंसियों ने संस्थान की गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच शुरू की।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
ईडी इससे पहले भी सिद्दीकी और उनके संस्थान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। एजेंसी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारत समेत करीब 140 करोड़ रुपये की संपत्तियों को पहले ही अटैच कर लिया था।
आगे की जांच
सूत्रों के मुताबिक, ईडी इस मामले में अब भी गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क कितना बड़ा था, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और क्या इसमें और संस्थान या व्यक्ति भी शामिल हैं।
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