होम्योपैथिक डॉक्टर के लिए बदले नियम: NCH ने स्पष्ट किया रूख, सरकारी योजनाओं में शर्तिया छूट; किन्हें होगा लाभ?
नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी ने स्पष्ट किया है कि होम्योपैथिक चिकित्सक सामान्य तौर पर होम्योपैथी के अलावा किसी अन्य चिकित्सा पद्धति का स्वतंत्र रूप से अभ्यास नहीं कर सकते। हालांकि, केंद्र या राज्य सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करने वाले चिकित्सकों को काम करने की अनुमति है। आखिर इस नियम में क्या अपवाद है? सरकारी कार्यक्रमों में किन शर्तों पर काम कर सकेंगे डॉक्टर? आइए, विस्तार से जानते हैं...
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विस्तार
नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (एनसीएच) ने स्पष्ट किया है कि होम्योपैथिक चिकित्सक होम्योपैथी के अलावा किसी अन्य चिकित्सा पद्धति का अभ्यास नहीं कर सकते। हालांकि, केंद्र या राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों या अन्य सरकारी कार्यक्रमों में वे निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करने के बाद काम कर सकते हैं। यह स्पष्टीकरण नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (प्रोफेशनल कंडक्ट, एटीकेट एंड कोड ऑफ एथिक्स फॉर प्रैक्टिशनर्स ऑफ होम्योपैथी) रेगुलेशंस, 2022 के रेगुलेशन 36(y) के तहत दिया गया है।
क्या रेगुलेशन 36(y) में दूसरी चिकित्सा पद्धति पर रोक है?
रेगुलेशन 36(y) के अनुसार, कोई होम्योपैथिक चिकित्सक होम्योपैथी के अलावा किसी अन्य चिकित्सा पद्धति का अभ्यास नहीं कर सकता। NCH ने इसी प्रावधान की व्याख्या करते हुए कहा कि इस नियम को उसके साथ जुड़े प्रावधान के संदर्भ में समझना जरूरी है। रेगुलेशन में दिए गए प्रावधान के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम या केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा चलाए जाने वाले किसी अन्य कार्यक्रम में काम करने वाले होम्योपैथिक चिकित्सकों पर यह रोक लागू नहीं होती, लेकिन इसके लिए जरूरी प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य है।
क्या सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में होम्योपैथिक डॉक्टर काम कर सकते हैं?
एनसीएच के मुताबिक, होम्योपैथिक चिकित्सक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों या केंद्र और राज्य सरकार के अन्य कार्यक्रमों में काम कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित चिकित्सक ने सक्षम प्राधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त या निर्धारित प्रशिक्षण या कोर्स किया होना चाहिए। आयोग ने स्पष्ट किया कि रेगुलेशन 36(y) का यह प्रावधान उसके मूल नियम का अभिन्न हिस्सा है और इसे नजरअंदाज करके होम्योपैथिक चिकित्सकों के लिए दूसरी चिकित्सा पद्धतियों के अभ्यास की व्यापक अनुमति नहीं मानी जा सकती।
क्या BHMS नियमों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में भूमिका का प्रावधान है?
एनसीएच ने नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (होम्योपैथी ग्रेजुएट डिग्री कोर्स- बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी यानी BHMS) रेगुलेशंस, 2022 के रेगुलेशन 14 के सब-रेगुलेशन (7) की ओर भी ध्यान दिलाया है। आयोग के अनुसार, यह प्रावधान सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में होम्योपैथिक मेडिकल ग्रेजुएट्स की भूमिका को मान्यता देता है।
क्या होम्योपैथिक डिग्री से दूसरी चिकित्सा पद्धति की स्वतंत्र प्रैक्टिस की अनुमति मिल जाती है?
एनसीएच ने साफ किया है कि केवल होम्योपैथिक मेडिकल ग्रेजुएट होने के आधार पर किसी चिकित्सक को दूसरी चिकित्सा पद्धति का स्वतंत्र रूप से अभ्यास करने की अनुमति नहीं मिलती। हालांकि, रेगुलेशन 36(y) में दिए गए प्रावधान के तहत निर्धारित प्रशिक्षण या कोर्स पूरा करने के बाद वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम या केंद्र अथवा राज्य सरकार के किसी अन्य कार्यक्रम में काम कर सकते हैं।
NCH ने नियमों को लेकर क्या कहा?
आयोग ने कहा कि रेगुलेशन 36(y) और उसके प्रावधान को सही नियामकीय संदर्भ में समझना और रिपोर्ट करना जरूरी है। एनसीएच के मुताबिक, संबंधित प्रावधानों को एक साथ और उनके उचित संदर्भ में देखा जाना चाहिए, ताकि होम्योपैथिक चिकित्सकों के लिए अनुमत कार्यक्षेत्र को लेकर किसी तरह की गलत व्याख्या न हो।
एनसीएच ने दोहराया कि नियामकीय ढांचा होम्योपैथिक चिकित्सकों को दूसरी चिकित्सा पद्धतियों के अभ्यास की कोई व्यापक अनुमति नहीं देता। निर्धारित प्रशिक्षण की शर्त पूरी होने पर उन्हें विशेष सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति है।