Updates: कर्नाटक में 10 अफसरों के ठिकानों पर एक साथ छापे; भुवनेश्वर की एक अदालत को बम से उड़ाने की धमकी
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कर्नाटक लोकायुक्त ने बुधवार को आय से अधिक संपत्ति (डीए) के मामले में राज्यभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह अभियान बेंगलुरु शहर, बेंगलुरु दक्षिण, रायचूर, चित्रदुर्ग, तुमकुरु, शिवमोग्गा और कलबुर्गी समेत कई जिलों में चलाया गया। अधिकारियों के घरों, कार्यालयों और अन्य परिसरों की तलाशी लेकर दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, सभी पर अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप हैं।
डीएमके विधायक सेंथिल बालाजी को राहत हाईकोर्ट से राहत
मद्रास हाईकोर्ट ने 35 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले में डीएमके विधायक सेंथिल बालाजी और उनके भाई को अग्रिम जमानत दे दी है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने टीवीके सरकार को अस्थिर करने के लिए रिश्वत लेने की कोशिश की।
केरल के सीएम ने केंद्रीय गृह मंत्री से की फोन पर बात
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर बातचीत की। शाह ने केरल के वायनाड में आपदा के बाद हालात की जानकारी ली और राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने यह जानकारी दी।
गृह मंत्री शाह ने अब तक राज्य सरकार की ओर से किए गए राहत और बचाव कार्यों की सराहना की। उन्होंने ने मुख्यमंत्री से इस त्रासदी की उच्च स्तरीय जांच शुरू करने का भी आग्रह किया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि आज हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पहले ही उच्च स्तरीय जांच को मंजूरी दी गई है।
इंजीनियर, प्रोफेसर और वन अधिकारियों पर कसा गया शिकंजा
जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उनमें कृष्णा भाग्य जल निगम, लोक निर्माण विभाग, केआरआईडीएल, कृषि उपज मंडी समिति, लघु सिंचाई विभाग, ग्राम पंचायत, वन विभाग, जीईएसकॉम और कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी शामिल हैं। इनमें कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सहायक प्रोफेसर, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, सहायक वन संरक्षक और प्रशासनिक अधिकारी जैसे पदों पर तैनात कर्मचारी शामिल हैं। लोकायुक्त ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान मिले दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है।
भुवनेश्वर में बम की धमकी से हड़कंप
भुवनेश्वर की एक अदालत को ई-मेल के जरिए बम विस्फोट की धमकी मिलने के बाद बुधवार को पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही ओडिशा पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और अदालत परिसर को खाली कराकर तलाशी अभियान शुरू किया। भुवनेश्वर एसीपी (जोन-4) अभिमन्यु नायक ने बताया कि बम निरोधक दस्ते ने निर्धारित मानक प्रक्रिया (SOP) के तहत पूरे भवन की गहन जांच की, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। जांच के बाद ई-मेल में दी गई धमकी को फर्जी (होक्स) करार दिया गया। पुलिस के अनुसार, इससे पहले कटक, पुरी, फुलबानी, देवगढ़ और संबलपुर की जिला अदालतों के अलावा एयरपोर्ट और पासपोर्ट कार्यालय को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल मिले थे। हालांकि, सभी मामलों में जांच के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला और सभी धमकियां फर्जी साबित हुईं।
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने उगाही (एक्सटॉर्शन) के खिलाफ अभियान चलाते हुए प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जिरीबाम जिले के नुंगखाल ब्रिज क्षेत्र से 22 वर्षीय प्रतिबंधित कुकी नेशनल फ्रंट (KNF) के एक कैडर को पकड़ा गया। उसके कब्जे से एक देसी पिस्तौल, एक मैगजीन और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वहीं, बिष्णुपुर जिले से प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 38 वर्षीय सदस्य को भी कथित उगाही गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
डीजीपी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
पुलिस ने बताया कि इम्फाल वेस्ट जिले के तैरेंपोकपी इलाके में भी एक व्यक्ति को वाहन मालिकों से कथित तौर पर जबरन वसूली करते हुए पकड़ा गया। इस बीच, मंगलवार को नोनेय जिला मुख्यालय के दौरे पर पहुंचे मणिपुर के पुलिस महानिदेशक Mukesh Singh ने अधिकारियों को उगाही पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सक्रिय और सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, उगाही विरोधी अभियानों को और मजबूत करने तथा लंबित मामलों की त्वरित जांच और समयबद्ध निपटारे पर विशेष जोर दिया। पुलिस का कहना है कि उगाही के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले में स्टेनलेस स्टील के पानी के बर्तन में सिर फंस जाने से एक आवारा कुत्ता घंटों तक तड़पता रहा। स्थानीय लोगों ने उसे बदहवास हालत में इधर-उधर दौड़ते देखा और तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। बताया गया कि कुत्ता खाने की तलाश में संकरे मुंह वाले बर्तन में घुसा था, जिससे उसका सिर फंस गया। मौके पर पहुंचे चार दमकलकर्मियों की टीम ने बिना मेटल कटर या किसी लुब्रिकेंट का इस्तेमाल किए बेहद सावधानी से कुत्ते को सुरक्षित बाहर निकाला। इस रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में प्लास्टिक की बोतलें इकट्ठा करने के दौरान एक 14 वर्षीय कचरा बीनने वाले किशोर की नहर में डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे कजाला इलाके में हुई। नहर में फिसलने के करीब 30 मिनट बाद किशोर को बाहर निकाला गया। उसे तुरंत केंद्रपाड़ा के जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। केंद्रपाड़ा टाउन थाना प्रभारी सुवेंदु साहू ने बताया कि मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय अस्पताल के शवगृह में भेज दिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी के मामले में तीन राज्यों में छह स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई बिहार के गोपालगंज, सीवान, सारण और पूर्वी चंपारण जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और दिल्ली में की गई। छापेमारी के दौरान स्मार्टफोन, लैपटॉप, डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। एनआईए इस गिरोह के फरार मास्टरमाइंड आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की गतिविधियों की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारतीय युवाओं को अच्छी नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया बुलाता था। वहां उनके पासपोर्ट छीनकर उन्हें धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों को सौंप दिया जाता था। काम करने से मना करने पर युवाओं को बिजली के झटके देने, बंधक बनाने और खाना-पानी न देने जैसी यातनाएं दी जाती थीं। एनआईए ने इस साल मई में मुख्य आरोपी आनंद और उसके चार सहयोगियों (प्रहलाद कुमार सिंह, अभय नाथ दुबे, अभिरंजन कुमार और रोहित यादव) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से तीन सहयोगियों को फरवरी 2026 में कंबोडिया से दिल्ली पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया था।
डीएमके प्रवक्ता टीकेएस इलंगोवन ने TASMAC कर्मचारियों के वेतन में 25% बढ़ोतरी और शराब की कीमतों में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर सरकार पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार कर्मचारियों का वेतन बढ़ा रही है, तो इसका मतलब यह माना जा सकता है कि प्रति बोतल 10 रुपये अतिरिक्त वसूली की बात स्वीकार की जा रही है। इलंगोवन ने कहा कि यह दोहरा मुद्दा हैएक ओर शराब की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर वेतन वृद्धि का खर्च सरकारी खजाने से उठाया जाएगा, जिसमें गैर-शराब पीने वाले करदाताओं का भी योगदान होता है।