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Updates: तमिलनाडु में पर्यटक बस पलटी, 10 बच्चों समेत 24 लोग घायल; बंगलूरू में पर्पल लाइन पर मेट्रो सेवा बहाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 24 Jun 2026 10:58 AM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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मुख्यमंत्री माणिक साहा के नेतृत्व में त्रिपुरा सरकार ने स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज (एजीएमसी) और गोविंद वल्लभ पंत अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर अब निजी तौर पर उपचार नहीं कर पाएंगे।
राज्य मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर इस फैसले को शुरुआत में एजीएमसी और जीबीपी अस्पताल में लागू किया जाएगा। ये दोनों राज्य के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं। सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सुशांत चौधरी ने बताया कि इस फैसले के तहत इन अस्पतालों में तैनात सभी डॉक्टरों और मेडिकल अधिकारियों को पूरी तरह से इस नई नीति का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी को इस निर्देश का सख्ती से पालन करना होगा।
इस रोक के बदले राज्य सरकार ने डॉक्टरों के मूल वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी देने का फैसला किया है, ताकि वे पूरी तरह सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दें और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। इसके साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए त्रिपुरा सामान्य भर्ती बोर्ड(जीआरबीटी) के जरिये 186 तकनीकी सहायकों की भर्ती करने का भी निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
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मुख्यमंत्री माणिक साहा स्वयं एक डॉक्टर रहे हैं। वह लंबे समय से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं। यह निर्णय उसी दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। सरकार जल्द ही इस नीति को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी और इसके पालन की निगरानी के लिए व्यवस्था भी बनाई जाएगी।
राज्य मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर इस फैसले को शुरुआत में एजीएमसी और जीबीपी अस्पताल में लागू किया जाएगा। ये दोनों राज्य के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं। सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सुशांत चौधरी ने बताया कि इस फैसले के तहत इन अस्पतालों में तैनात सभी डॉक्टरों और मेडिकल अधिकारियों को पूरी तरह से इस नई नीति का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी को इस निर्देश का सख्ती से पालन करना होगा।
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इस रोक के बदले राज्य सरकार ने डॉक्टरों के मूल वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी देने का फैसला किया है, ताकि वे पूरी तरह सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दें और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। इसके साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए त्रिपुरा सामान्य भर्ती बोर्ड(जीआरबीटी) के जरिये 186 तकनीकी सहायकों की भर्ती करने का भी निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री माणिक साहा स्वयं एक डॉक्टर रहे हैं। वह लंबे समय से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं। यह निर्णय उसी दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। सरकार जल्द ही इस नीति को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी और इसके पालन की निगरानी के लिए व्यवस्था भी बनाई जाएगी।
कांग्रेस के 28 नेता कल देशभर में करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस ने मंगलवार को घोषणा की कि 25 जून को देशभर में 'छात्रों की गूंज' नाम से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी, जिनमें 28 वरिष्ठ नेता अलग-अलग शहरों में छात्रों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर राष्ट्रीय बहस शुरू करना और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। पार्टी ने कहा कि वह शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग कर रही है। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की गई है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण, केंद्रीकरण और 'संघीकरण' को बढ़ावा दिया है। युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं किया गया है। पार्टी का कहना है कि आज देश में केवल बेरोजगारी ही नहीं, बल्कि रोजगार क्षमता का भी संकट है। कांग्रेस ने कहा, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक राष्ट्रीय संवाद की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य एक आधुनिक, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली का निर्माण करना है। पार्टी ने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों से इस चर्चा में शामिल होने की अपील की है।
इस अभियान के तहत 28 शहरों में नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें अहमदाबाद में सतेज पाटिल, बंगलूरू में वर्षा गायकवाड़, भोपाल में इमरान मसूद, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा, दिल्ली में गौरव गोगोई, चेन्नई में प्रियांक खरगे, कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत और पुणे में कन्हैया कुमार सहित अन्य नेता शामिल हैं।
कांग्रेस ने मंगलवार को घोषणा की कि 25 जून को देशभर में 'छात्रों की गूंज' नाम से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी, जिनमें 28 वरिष्ठ नेता अलग-अलग शहरों में छात्रों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर राष्ट्रीय बहस शुरू करना और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। पार्टी ने कहा कि वह शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग कर रही है। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की गई है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण, केंद्रीकरण और 'संघीकरण' को बढ़ावा दिया है। युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं किया गया है। पार्टी का कहना है कि आज देश में केवल बेरोजगारी ही नहीं, बल्कि रोजगार क्षमता का भी संकट है। कांग्रेस ने कहा, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक राष्ट्रीय संवाद की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य एक आधुनिक, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली का निर्माण करना है। पार्टी ने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों से इस चर्चा में शामिल होने की अपील की है।
इस अभियान के तहत 28 शहरों में नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें अहमदाबाद में सतेज पाटिल, बंगलूरू में वर्षा गायकवाड़, भोपाल में इमरान मसूद, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा, दिल्ली में गौरव गोगोई, चेन्नई में प्रियांक खरगे, कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत और पुणे में कन्हैया कुमार सहित अन्य नेता शामिल हैं।
बंगलूरू की पर्पल लाइन पर मेट्रो सेवाएं बहाल
बंगलूरू मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने बुधवार को बताया कि कब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर आई तकनीकी समस्या को सफलतापूर्वक दूर कर लिया गया है और पर्पल लाइन पर मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से फिर शुरू हो गई हैं। मंगलवार शाम व्यस्त समय के दौरान कब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर एक ट्रेन में तकनीकी खराबी आने के कारण पर्पल लाइन की सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
इस व्यवधान के चलते कब्बन पार्क और एमजी रोड सहित पर्पल लाइन के कई मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। दफ्तरों से घर लौट रहे बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग बीच रास्ते में फंस गए। उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो और ऐप-आधारित कैब जैसी वैकल्पिक परिवहन सेवाओं का सहारा लेना पड़ा।
नम्मा मेट्रो की पर्पल लाइन पूर्व में व्हाइटफील्ड (कडुगोडी) से लेकर दक्षिण-पश्चिम में चल्लाघट्टा तक संचालित होती है। बीएमआरसीएल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा कि कब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर उत्पन्न तकनीकी समस्या को संचालन एवं रखरखाव (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) टीम ने सफलतापूर्वक ठीक कर दिया है। कॉरपोरेशन के अनुसार, आज सुबह 5 बजे से पर्पल लाइन पर सभी मेट्रो सेवाएं नियमित समय-सारिणी के अनुसार संचालित हो रही हैं।
इस व्यवधान के चलते कब्बन पार्क और एमजी रोड सहित पर्पल लाइन के कई मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। दफ्तरों से घर लौट रहे बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग बीच रास्ते में फंस गए। उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो और ऐप-आधारित कैब जैसी वैकल्पिक परिवहन सेवाओं का सहारा लेना पड़ा।
नम्मा मेट्रो की पर्पल लाइन पूर्व में व्हाइटफील्ड (कडुगोडी) से लेकर दक्षिण-पश्चिम में चल्लाघट्टा तक संचालित होती है। बीएमआरसीएल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा कि कब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर उत्पन्न तकनीकी समस्या को संचालन एवं रखरखाव (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) टीम ने सफलतापूर्वक ठीक कर दिया है। कॉरपोरेशन के अनुसार, आज सुबह 5 बजे से पर्पल लाइन पर सभी मेट्रो सेवाएं नियमित समय-सारिणी के अनुसार संचालित हो रही हैं।
तमिलनाडु के विल्लुपुरम में पर्यटक बस पलटी, 10 बच्चों समेत 24 लोग घायल
तमिलनाडु में क्षतिग्रस्त बस
- फोटो : आईएएनएस
तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पर्यटक बस का टायर फटने के बाद वह अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कम से कम 24 लोग घायल हो गए, जिनमें 10 बच्चे भी शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, बस के टायर फटने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस सड़क पर पलट गई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।