भाजपा सांसद रमेश जिगाजिनागी के ऑडियो से मचा बवाल: कांग्रेस ने की फॉरेंसिक जांच की मांग, RSS से जुड़ा है मामला
कर्नाटक में भाजपा सांसद रमेश जिगाजिनागी से जुड़ी एक कथित ऑडियो क्लिप को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने पुलिस से ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराने, उसकी सत्यता पता लगाने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
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कर्नाटक में भाजपा सांसद रमेश जिगाजिनागी की एक कथित वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। बेंगलुरु वेस्ट डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटी ने इस मामले में हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर ऑडियो की जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रही इस ऑडियो क्लिप को सांसद रमेश जिगाजिनागी की आवाज बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि ऑडियो में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं और कुछ ऐसे बयान भी सुनाई देते हैं, जिन्हें धमकी भरा माना जा सकता है।
'ऑडियो की फॉरेंसिक जांच जरूरी'
हालांकि कांग्रेस ने यह भी कहा है कि अभी यह साफ नहीं है कि ऑडियो वास्तव में सांसद की ही आवाज है या फिर उसमें किसी तरह की एडिटिंग, छेड़छाड़ या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए फॉरेंसिक जांच जरूरी है।
आरोपी पर कार्रवाई की शिकायत
कांग्रेस ने पुलिस से मांग की है कि वायरल ऑडियो को अपने कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि ऑडियो सबसे पहले किसने और कहां से प्रसारित किया। पार्टी का कहना है कि यदि जांच में ऑडियो फर्जी या छेड़छाड़ किया हुआ पाया जाता है तो उसे बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं, अगर जांच में ऑडियो को असली और प्रामाणिक पाया जाता है, तो उसमें दिए गए बयानों के आधार पर संबंधित कानूनों के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
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वायरल ऑडियो की जांच पर टिकी नजरें
कांग्रेस ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि किसी भी व्यक्ति या संगठन द्वारा ऐसा कोई बयान या गतिविधि, जिससे जनता में भय का माहौल बने, कानून व्यवस्था प्रभावित हो या लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचे, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच की मांग की गई है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल ऑडियो की सच्चाई आखिर क्या है।