{"_id":"6a3b66a30e4675e8680808b8","slug":"west-bengal-tmc-mp-derek-o-brien-allage-bjp-government-trying-to-impose-vegetarianism-in-state-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: बंगाल में अब खाने पर रार, टीएमसी सांसद का आरोप- शाकाहार थोपने की कोशिश कर रही है भाजपा सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: बंगाल में अब खाने पर रार, टीएमसी सांसद का आरोप- शाकाहार थोपने की कोशिश कर रही है भाजपा सरकार
पीटीआई, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 24 Jun 2026 10:39 AM IST
विज्ञापन
सार
बंगाल में अब मिड डे मील के मेन्यू पर रार हो गई है। दरअसल बंगाल सरकार ने इस्कॉन को मिड डे मील की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। दावा किया जा रहा है कि बंगाल सरकार मिड डे मील के मेन्यू से अंडे हटा सकती है, जिस पर टीएमसी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
मिड डे मील
- फोटो : X @PIB_India
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
पश्चिम बंगाल में अब खाने को लेकर रार हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सासंद डेरेक ओ'ब्रायन ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील भोजन से अंडे हटाए जाने की खबरों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार बच्चों को पौष्टिक आहार से वंचित कर रही है और राज्य में शाकाहार थोपने की कोशिश कर रही है।
बंगाल में इस्कॉन संभालेगा मिड डे मील की जिम्मेदारी
सोमवार को भाजपा सरकार का पहला बजट पेश करते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा था कि मिड डे मील भोजन योजना के तहत भोजन तैयार करने और वितरण में इस्कॉन की सहायता ली जा सकती है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्कॉन के प्रस्तावित नए मेन्यू में अंडों की जगह पौधों से प्राप्त प्रोटीन स्रोतों को शामिल किया जा सकता है।
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, शुभेंदु सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मिड-डे मील के लिए प्रति छात्र आवंटन राशि को बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया है। इस बढ़े हुए बजट और इस्कॉन की विशेषज्ञता के मेल से अब भोजन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। सरकार का साफ कहना है कि इस कदम का मकसद न केवल क्लासरूम में बच्चों की भूख मिटाना है, बल्कि उनके सीखने की क्षमता और समग्र विकास को भी बेहतर बनाना है।
विज्ञापन
टीएमसी ने क्या आरोप लगाए
ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'चुनाव प्रचार के दौरान मछली खाने को लेकर जो तमाशा हुआ था, उसके बाद अब 'गुजरात जिमखाना' का असली चेहरा सामने आ गया है। बंगाल में नई भाजपा सरकार काम पर लग गई है।' उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के लिए अंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्कूली बच्चों को मिलने वाले भोजन से अंडे हटाकर उन्हें पोषण से वंचित किया जा रहा है।
टीएमसी नेता ने कहा, 'विरोधियों पर अंडे फेंको, लेकिन बच्चों से पोषण छीनना और मिड डे मील से अंडे हटाना गलत है। यह शाकाहार थोपने की कोशिश है। बंगाल इसे स्वीकार नहीं करेगा।'
बंगाल में इस्कॉन संभालेगा मिड डे मील की जिम्मेदारी
सोमवार को भाजपा सरकार का पहला बजट पेश करते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा था कि मिड डे मील भोजन योजना के तहत भोजन तैयार करने और वितरण में इस्कॉन की सहायता ली जा सकती है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्कॉन के प्रस्तावित नए मेन्यू में अंडों की जगह पौधों से प्राप्त प्रोटीन स्रोतों को शामिल किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, शुभेंदु सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मिड-डे मील के लिए प्रति छात्र आवंटन राशि को बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया है। इस बढ़े हुए बजट और इस्कॉन की विशेषज्ञता के मेल से अब भोजन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। सरकार का साफ कहना है कि इस कदम का मकसद न केवल क्लासरूम में बच्चों की भूख मिटाना है, बल्कि उनके सीखने की क्षमता और समग्र विकास को भी बेहतर बनाना है।
टीएमसी ने क्या आरोप लगाए
ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'चुनाव प्रचार के दौरान मछली खाने को लेकर जो तमाशा हुआ था, उसके बाद अब 'गुजरात जिमखाना' का असली चेहरा सामने आ गया है। बंगाल में नई भाजपा सरकार काम पर लग गई है।' उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के लिए अंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्कूली बच्चों को मिलने वाले भोजन से अंडे हटाकर उन्हें पोषण से वंचित किया जा रहा है।
टीएमसी नेता ने कहा, 'विरोधियों पर अंडे फेंको, लेकिन बच्चों से पोषण छीनना और मिड डे मील से अंडे हटाना गलत है। यह शाकाहार थोपने की कोशिश है। बंगाल इसे स्वीकार नहीं करेगा।'