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News Updates: सिलवासा की औद्योगिक इकाई में विस्फोट, चार की मौत; आंध्र प्रदेश में डूबने से तीन छात्रों की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
Published by: Pavan
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:05 PM IST
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आज की बड़ी खबरें।
- फोटो : अमर उजाला
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दादरा और नगर हवेली केंद्र शासित प्रदेश के सिलवासा में एक गोदाम में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और दो घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट सुबह करीब 9 बजे एस के एंटरप्राइज में हुआ, जब नाइट्रोजन गैस भरी जा रही थी। कुल छह लोग घायल हुए हैं... जिनमें से चार ने दुखद रूप से दम तोड़ दिया, जबकि अन्य दो का सिलवासा के नमो अस्पताल में इलाज चल रहा है। फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह नाइट्रोजन युक्त संदिग्ध स्टेनलेस स्टील टैंक के फटने के कारण हुआ दबाव विस्फोट प्रतीत होता है। दमकल एवं आपातकालीन सेवाओं, पुलिस और 108 एम्बुलेंस सेवाओं की टीमें मौके पर भेजी गईं। एहतियात के तौर पर आसपास के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। घटना की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है और जिला प्रशासन ने खतरनाक रसायनों और गैसों से निपटने वाली औद्योगिक इकाइयों, विशेष रूप से बिना आवश्यक अनुमति के संचालित होने वाली इकाइयों की व्यापक जांच करने के लिए एक निरीक्षण समिति भी गठित की है।
आंध्र प्रदेश: गोदावरी में डूबने से तीन छात्रों की मौत
आंध्र प्रदेश के अत्रेयपुरम मंडल में शनिवार शाम गोदावरी नदी में नहाते समय तीन इंजीनियरिंग छात्र डूब गए। राजमहेंद्रवरम के चार छात्र पिकुचलंका में नदी किनारे गए थे, जहां तेज बहाव में तीन छात्र बह गए। एक को सुरक्षित नदी से निकाल लिया गया। कोटापेटा एसडीपीओ एस. मुरली मोहन ने बताया कि एक छात्र का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सुरक्षा से खिलवाड़- रेल कोचों में पुराने पुर्जे लगाए
संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने भुवनेश्वर के मंचेश्वर स्थित रेलवे कैरिज रिपेयर वर्कशॉप की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोचों की मरम्मत के दौरान नए सामान की जगह पुराने पुर्जों का इस्तेमाल किया गया, जो सीधे तौर पर यात्री सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। 2025 में संसद में पेश की गई कैग रिपोर्ट के आधार पर पीएसी ने पाया कि 2020 से 2023 के बीच मरम्मत किए गए 3,402 कोचों में से 131 कोच ओवरहॉलिंग के 100 दिनों के भीतर खराब हो गए। समिति ने कहा, मरम्मत के दौरान 19 अनिवार्य रूप से बदलने योग्य पुर्जों की जगह सेकेंड-हैंड पुर्जों का उपयोग किया गया, जो रेलवे के स्थापित मानकों का उल्लंघन है। पीएसी ने कोच फेलियर की रिपोर्टिंग में भी बड़ी चूक पकड़ी है। 131 विफल कोचों में से सिर्फ 14 की जानकारी वर्कशॉप को दी गई। शेष 117 मामलों को छिपा लिया गया। समिति ने इसे डाटा में हेराफेरी करार देते हुए डिपो और वर्कशॉप के बीच समन्वय की कमी पर फटकार लगाई है।
संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने भुवनेश्वर के मंचेश्वर स्थित रेलवे कैरिज रिपेयर वर्कशॉप की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोचों की मरम्मत के दौरान नए सामान की जगह पुराने पुर्जों का इस्तेमाल किया गया, जो सीधे तौर पर यात्री सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। 2025 में संसद में पेश की गई कैग रिपोर्ट के आधार पर पीएसी ने पाया कि 2020 से 2023 के बीच मरम्मत किए गए 3,402 कोचों में से 131 कोच ओवरहॉलिंग के 100 दिनों के भीतर खराब हो गए। समिति ने कहा, मरम्मत के दौरान 19 अनिवार्य रूप से बदलने योग्य पुर्जों की जगह सेकेंड-हैंड पुर्जों का उपयोग किया गया, जो रेलवे के स्थापित मानकों का उल्लंघन है। पीएसी ने कोच फेलियर की रिपोर्टिंग में भी बड़ी चूक पकड़ी है। 131 विफल कोचों में से सिर्फ 14 की जानकारी वर्कशॉप को दी गई। शेष 117 मामलों को छिपा लिया गया। समिति ने इसे डाटा में हेराफेरी करार देते हुए डिपो और वर्कशॉप के बीच समन्वय की कमी पर फटकार लगाई है।
गुजरात यूसीसी बिल असांविधानिक, हाईकोर्ट जाएंगे- पर्सनल लॉ बोर्ड
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने गुजरात विधानसभा से पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को असांविधानिक करार देते हुए इसे गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों का उल्लंघन है।
बोर्ड प्रवक्ता एसक्यूआर इलियास ने कहा कि यह कानून अल्पसंख्यकों पर बहुसंख्यक सामाजिक मानदंडों को थोपने का प्रयास है। उन्होंने तर्क दिया कि संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत यूसीसी केवल एक नीति निर्देशक तत्व है, जो मौलिक अधिकारों की तरह अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि गुजरात विधानसभा ने हाल में विवाह, तलाक और उत्तराधिकार के लिए एक साझा कानूनी ढांचा पारित किया है, जिसमें बहुविवाह पर रोक और लिव-इन संबंधों का अनिवार्य पंजीकरण शामिल है। बोर्ड का कहना है कि वे उत्तराखंड यूसीसी को पहले चुनौती दे चुके हैं और अब गुजरात के मामले में भी कानूनी रुख अपनाएंगे।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने गुजरात विधानसभा से पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को असांविधानिक करार देते हुए इसे गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों का उल्लंघन है।
बोर्ड प्रवक्ता एसक्यूआर इलियास ने कहा कि यह कानून अल्पसंख्यकों पर बहुसंख्यक सामाजिक मानदंडों को थोपने का प्रयास है। उन्होंने तर्क दिया कि संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत यूसीसी केवल एक नीति निर्देशक तत्व है, जो मौलिक अधिकारों की तरह अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि गुजरात विधानसभा ने हाल में विवाह, तलाक और उत्तराधिकार के लिए एक साझा कानूनी ढांचा पारित किया है, जिसमें बहुविवाह पर रोक और लिव-इन संबंधों का अनिवार्य पंजीकरण शामिल है। बोर्ड का कहना है कि वे उत्तराखंड यूसीसी को पहले चुनौती दे चुके हैं और अब गुजरात के मामले में भी कानूनी रुख अपनाएंगे।
चलती ट्रेन में बेटी की हत्या, पिता गिरफ्तार
असम के लखीमपुर जिले के सिलानिबारी स्टेशन पर शुक्रवार एक ट्रेन के अंदर पिता ने छह साल की बेटी की हत्या कर दी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के एक प्रवक्ता के मुताबिक, रेलवे पुलिस बल और सरकारी रेलवे पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंच आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह वारदात सुबह करीब 9.15 बजे 15813 डेकारगांव-मुरकोंगसेलेक एक्सप्रेस के एक जनरल कोच के अंदर हुई। प्रवक्ता ने बताया कि चश्मदीदों के बयान दर्ज करने और पुलिस अधिकारियों के बच्ची के शव को कब्जे में लेने के बाद यह ट्रेन सुबह 10.58 बजे सिलानिबारी से रवाना हुई। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि, बच्ची की हत्या के पीछे का मकसद पता नहीं चल पाया है।
असम के लखीमपुर जिले के सिलानिबारी स्टेशन पर शुक्रवार एक ट्रेन के अंदर पिता ने छह साल की बेटी की हत्या कर दी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के एक प्रवक्ता के मुताबिक, रेलवे पुलिस बल और सरकारी रेलवे पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंच आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह वारदात सुबह करीब 9.15 बजे 15813 डेकारगांव-मुरकोंगसेलेक एक्सप्रेस के एक जनरल कोच के अंदर हुई। प्रवक्ता ने बताया कि चश्मदीदों के बयान दर्ज करने और पुलिस अधिकारियों के बच्ची के शव को कब्जे में लेने के बाद यह ट्रेन सुबह 10.58 बजे सिलानिबारी से रवाना हुई। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि, बच्ची की हत्या के पीछे का मकसद पता नहीं चल पाया है।
गंगा के अधिकतर हिस्सों में नहाने योग्य हुआ पानी- सरकार
सरकार ने कहा है कि गंगा नदी के प्रदूषण में काफी कमी आई है। अब अधिकतर स्थानों पर पानी नहाने के मानकों के अनुरूप है। लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया कि उत्तराखंड, बिहार और बंगाल में पानी के पीएच और ऑक्सीजन स्तर संतोषजनक हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश के कानपुर और गाजीपुर जैसे कुछ हिस्सों में अभी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 2017 की तुलना में औद्योगिक कचरे के बहाव में 23.9% की कमी दर्ज की गई है।
सरकार ने कहा है कि गंगा नदी के प्रदूषण में काफी कमी आई है। अब अधिकतर स्थानों पर पानी नहाने के मानकों के अनुरूप है। लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया कि उत्तराखंड, बिहार और बंगाल में पानी के पीएच और ऑक्सीजन स्तर संतोषजनक हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश के कानपुर और गाजीपुर जैसे कुछ हिस्सों में अभी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 2017 की तुलना में औद्योगिक कचरे के बहाव में 23.9% की कमी दर्ज की गई है।
मालदा हिंसा: न्यायिक अधिकारियों और केंद्रीय बलों पर हमला पूरी तरह सुनियोजित
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में हुई हिंसक घटना को लेकर पुलिस की रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत में जमा कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी अधिकारियों, न्यायिक पदाधिकारियों और उन्हें बचाने पहुंचे केंद्रीय बलों पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया था। सूत्रों के मुताबिक मोथाबाड़ी थाना पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में दाखिल रिपोर्ट में कहा कि घटना उस समय हुई जब बीडीओ कार्यालय से न्यायिक अधिकारियों का काफिला बाहर निकल रहा था। इसी दौरान पहले से मौजूद भीड़ ने काफिले को निशाना बनाते हुए पथराव और हमला शुरू कर दिया। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि सिर्फ जजों के काफिले ही नहीं, बल्कि मौके पर पहुंचे सीआरपीएफ जवानों पर भी हमला किया गया। हमले में केंद्रीय बलों की गाड़ियों के शीशे तोड़े गए और कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। घायलों में एक चालक, एक सीआरपीएफ सब-इंस्पेक्टर और अन्य कर्मियों के जख्मी होने की पुष्टि की गई है। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले 1 अप्रैल की शाम बीडीओ कार्यालय के सामने करीब 100 अज्ञात लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी। आरोप है कि इसी भीड़ को उकसाकर काफिले पर हमला कराया गया। भीड़ ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोका और फिर ईंट-पत्थरों से हमला किया। इस घटना ने चुनाव से पहले राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। खासतौर पर उस समय जब राज्य में पहले से ही केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है, ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होना और हमला करना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है।
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में हुई हिंसक घटना को लेकर पुलिस की रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत में जमा कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी अधिकारियों, न्यायिक पदाधिकारियों और उन्हें बचाने पहुंचे केंद्रीय बलों पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया था। सूत्रों के मुताबिक मोथाबाड़ी थाना पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में दाखिल रिपोर्ट में कहा कि घटना उस समय हुई जब बीडीओ कार्यालय से न्यायिक अधिकारियों का काफिला बाहर निकल रहा था। इसी दौरान पहले से मौजूद भीड़ ने काफिले को निशाना बनाते हुए पथराव और हमला शुरू कर दिया। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि सिर्फ जजों के काफिले ही नहीं, बल्कि मौके पर पहुंचे सीआरपीएफ जवानों पर भी हमला किया गया। हमले में केंद्रीय बलों की गाड़ियों के शीशे तोड़े गए और कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। घायलों में एक चालक, एक सीआरपीएफ सब-इंस्पेक्टर और अन्य कर्मियों के जख्मी होने की पुष्टि की गई है। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले 1 अप्रैल की शाम बीडीओ कार्यालय के सामने करीब 100 अज्ञात लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी। आरोप है कि इसी भीड़ को उकसाकर काफिले पर हमला कराया गया। भीड़ ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोका और फिर ईंट-पत्थरों से हमला किया। इस घटना ने चुनाव से पहले राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। खासतौर पर उस समय जब राज्य में पहले से ही केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है, ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होना और हमला करना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है।
मणिपुर में म्यांमार सीमा के पास चार उग्रवादी गिरफ्तार
मणिपुर के तेंगनुपाल जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास चार आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तारियां मोरेह पुलिस थाना क्षेत्र के यांगौबुंग गांव से की गईं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कीशम सुमंत मैतेई (25), एनआरएफएम के अंगोम सोमोरजीत सिंह (32), और कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (एमएफएल) के युमनाम नाओबा सिंह (26) और खुंद्रकपम श्यामसन मैतेई (25) के रूप में की गई। पुलिस ने बताया कि राज्य में जबरन वसूली और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए खुफिया जानकारी के आधार पर व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान, घेराबंदी और खोज अभियान चलाए जा रहे हैं।
मणिपुर के तेंगनुपाल जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास चार आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तारियां मोरेह पुलिस थाना क्षेत्र के यांगौबुंग गांव से की गईं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कीशम सुमंत मैतेई (25), एनआरएफएम के अंगोम सोमोरजीत सिंह (32), और कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (एमएफएल) के युमनाम नाओबा सिंह (26) और खुंद्रकपम श्यामसन मैतेई (25) के रूप में की गई। पुलिस ने बताया कि राज्य में जबरन वसूली और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए खुफिया जानकारी के आधार पर व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान, घेराबंदी और खोज अभियान चलाए जा रहे हैं।
आंध्र प्रदेश में महिला से दुष्कर्म, पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया मामला
आंध्र प्रदेश पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि माचेरला में एक सरकारी विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में काम करने वाली 32 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर एक अज्ञात शख्स ने दुष्कर्म और मारपीट की। पलनाडु जिले के पुलिस अधीक्षक बी कृष्णा राव ने बताया कि महिला अपने घर में अकेली रह रही थी। दो अप्रैल को शाम चार बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने पानी का गिलास मांगने के बहाने दरवाजा खटखटाया। बाद में वह जबरदस्ती घर में घुस गया और महिला के साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस के अनुसार, पति से अलग होने के बाद महिला माचेरला में अकेली रह रही थी, जबकि उसकी बेटी अपने दादा-दादी के साथ रहती थी। एसपी ने बताया कि बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पुलिस को पंचायत राज विभाग में अधीनस्थ कर्मचारी के रूप में काम करने वाली महिला के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।
आंध्र प्रदेश पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि माचेरला में एक सरकारी विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में काम करने वाली 32 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर एक अज्ञात शख्स ने दुष्कर्म और मारपीट की। पलनाडु जिले के पुलिस अधीक्षक बी कृष्णा राव ने बताया कि महिला अपने घर में अकेली रह रही थी। दो अप्रैल को शाम चार बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने पानी का गिलास मांगने के बहाने दरवाजा खटखटाया। बाद में वह जबरदस्ती घर में घुस गया और महिला के साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस के अनुसार, पति से अलग होने के बाद महिला माचेरला में अकेली रह रही थी, जबकि उसकी बेटी अपने दादा-दादी के साथ रहती थी। एसपी ने बताया कि बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पुलिस को पंचायत राज विभाग में अधीनस्थ कर्मचारी के रूप में काम करने वाली महिला के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पेट्रोलियम उत्पादों व एलपीजी की जमाखोरी तथा कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जरूरी वस्तु अधिनियम और एलपीजी नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का हवाला देते हुए, राज्यों से प्रवर्तन तेज करने, तेल विपणन कंपनियों के समन्वय से दैनिक छापे-निरीक्षण और हेराफेरी तथा गलत सूचनाओं के खिलाफ कड़ी निगरानी रखने को कहा है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यों को दैनिक आधार पर मीडिया के जरिये जनता को जानकारी पहुंचाने, नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन स्थापित करने और ईंधन की उपलब्धता के बारे में जनता को आश्वस्त करने के लिए फर्जी खबरों का सक्रिय रूप से मुकाबला करने का भी निर्देश दिया गया है। सरकार ने नागरिकों को पेट्रोल और डीजल की अफरा-तफरी में खरीदारी न करने और एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग से बचने की सलाह दी है।
सुप्रीम कोर्ट जज ने खुद को सुनवाई से किया अलग, बतौर वकील मामले में रह चुके हैं वकील
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस केवी विश्वनाथन ने एक मामले की सुनवाई से खुद को तब अलग कर लिया जब उन्हें पता चला कि वह पहले इस मामले में अपीलकर्ता के वकील के रूप में पेश हुए थे। शीर्ष अदालत ने पिछले महीने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस विश्वनाथन को 19 मई, 2023 को सीधे बार से पदोन्नत कर सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था। अप्रैल 2009 में उन्हें शीर्ष अदालत की आरे से वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया था और पदोन्नति से पहले वह प्रमुख वकीलों में शामिल थे।
अल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर इस मामले की सुनवाई 1 अप्रैल को जस्टिस जेबी पारदीवाला व जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने की थी। पीठ ने कहा, इस मामले की अंतिम सुनवाई हुई थी और 17 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। फैसला सुरक्षित रखने के बाद जस्टिस केवी विश्वनाथन के संज्ञान में आया कि वह इस मामले में मुख्य कर्जदार के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में अपीलकर्ता के वकील के रूप में पेश हुए थे। इस घटनाक्रम के मद्देनजर पीठ ने 17 मार्च के अपने आदेश को वापस ले लिया और निर्देश दिया कि मामले को सीजेआई निर्देशानुसार किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस केवी विश्वनाथन ने एक मामले की सुनवाई से खुद को तब अलग कर लिया जब उन्हें पता चला कि वह पहले इस मामले में अपीलकर्ता के वकील के रूप में पेश हुए थे। शीर्ष अदालत ने पिछले महीने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस विश्वनाथन को 19 मई, 2023 को सीधे बार से पदोन्नत कर सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था। अप्रैल 2009 में उन्हें शीर्ष अदालत की आरे से वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया था और पदोन्नति से पहले वह प्रमुख वकीलों में शामिल थे।
अल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर इस मामले की सुनवाई 1 अप्रैल को जस्टिस जेबी पारदीवाला व जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने की थी। पीठ ने कहा, इस मामले की अंतिम सुनवाई हुई थी और 17 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। फैसला सुरक्षित रखने के बाद जस्टिस केवी विश्वनाथन के संज्ञान में आया कि वह इस मामले में मुख्य कर्जदार के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में अपीलकर्ता के वकील के रूप में पेश हुए थे। इस घटनाक्रम के मद्देनजर पीठ ने 17 मार्च के अपने आदेश को वापस ले लिया और निर्देश दिया कि मामले को सीजेआई निर्देशानुसार किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।